पंचांग · गोचर · चन्द्र
2043 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2043 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय ब्रिस्बेन के स्थानीय समय (Australia/Brisbane, AEST) में।
2043 में चन्द्र किन राशियों में है
- कन्या2 जनवरी, रात 3:32
- तुला4 जनवरी, दोपहर 3:56
- वृश्चिक7 जनवरी, सुबह 4:43
- धनु9 जनवरी, दोपहर 3:26
- मकर11 जनवरी, रात 11:19
- कुम्भ14 जनवरी, सुबह 4:57
- मीन16 जनवरी, सुबह 9:15
- मेष18 जनवरी, दोपहर 12:46
- वृषभ20 जनवरी, दोपहर 3:45
- मिथुन22 जनवरी, शाम 6:33
- कर्क24 जनवरी, रात 10:05
- सिंह27 जनवरी, रात 3:40
- कन्या29 जनवरी, दोपहर 12:24
- तुला1 फ़रवरी, रात 12:10
- वृश्चिक3 फ़रवरी, दोपहर 1:02
- धनु6 फ़रवरी, रात 12:16
- मकर8 फ़रवरी, सुबह 8:13
- कुम्भ10 फ़रवरी, दोपहर 1:05
- मीन12 फ़रवरी, शाम 4:03
- मेष14 फ़रवरी, शाम 6:25
- वृषभ16 फ़रवरी, रात 9:07
- मिथुन19 फ़रवरी, रात 12:38
- कर्क21 फ़रवरी, सुबह 5:23
- सिंह23 फ़रवरी, सुबह 11:55
- कन्या25 फ़रवरी, रात 8:51
- तुला28 फ़रवरी, सुबह 8:18
- वृश्चिक2 मार्च, रात 9:07
- धनु5 मार्च, सुबह 9:03
- मकर7 मार्च, शाम 5:56
- कुम्भ9 मार्च, रात 11:06
- मीन12 मार्च, रात 1:21
- मेष14 मार्च, रात 2:16
- वृषभ16 मार्च, रात 3:25
- मिथुन18 मार्च, सुबह 6:05
- कर्क20 मार्च, सुबह 10:59
- सिंह22 मार्च, शाम 6:20
- कन्या25 मार्च, सुबह 4:00
- तुला27 मार्च, दोपहर 3:37
- वृश्चिक30 मार्च, सुबह 4:23
- धनु1 अप्रैल, शाम 4:47
- मकर4 अप्रैल, रात 2:52
- कुम्भ6 अप्रैल, सुबह 9:18
- मीन8 अप्रैल, दोपहर 12:06
- मेष10 अप्रैल, दोपहर 12:28
- वृषभ12 अप्रैल, दोपहर 12:12
- मिथुन14 अप्रैल, दोपहर 1:08
- कर्क16 अप्रैल, शाम 4:48
- सिंह18 अप्रैल, रात 11:53
- कन्या21 अप्रैल, सुबह 9:58
- तुला23 अप्रैल, रात 10:00
- वृश्चिक26 अप्रैल, सुबह 10:49
- धनु28 अप्रैल, रात 11:16
- मकर1 मई, सुबह 10:06
- कुम्भ3 मई, शाम 6:00
- मीन5 मई, रात 10:19
- मेष7 मई, रात 11:26
- वृषभ9 मई, रात 10:49
- मिथुन11 मई, रात 10:29
- कर्क14 मई, रात 12:27
- सिंह16 मई, सुबह 6:11
- कन्या18 मई, दोपहर 3:47
- तुला21 मई, रात 3:58
- वृश्चिक23 मई, शाम 4:52
- धनु26 मई, सुबह 5:08
- मकर28 मई, दोपहर 3:59
- कुम्भ31 मई, रात 12:41
- मीन2 जून, सुबह 6:30
- मेष4 जून, सुबह 9:12
- वृषभ6 जून, सुबह 9:30
- मिथुन8 जून, सुबह 9:04
- कर्क10 जून, सुबह 9:59
- सिंह12 जून, दोपहर 2:11
- कन्या14 जून, रात 10:35
- तुला17 जून, सुबह 10:18
- वृश्चिक19 जून, रात 11:12
- धनु22 जून, सुबह 11:17
- मकर24 जून, रात 9:40
- कुम्भ27 जून, सुबह 6:11
- मीन29 जून, दोपहर 12:37
- मेष1 जुलाई, शाम 4:42
- वृषभ3 जुलाई, शाम 6:33
- मिथुन5 जुलाई, शाम 7:08
- कर्क7 जुलाई, रात 8:10
- सिंह9 जुलाई, रात 11:33
- कन्या12 जुलाई, सुबह 6:43
- तुला14 जुलाई, शाम 5:34
- वृश्चिक17 जुलाई, सुबह 6:15
- धनु19 जुलाई, शाम 6:19
- मकर22 जुलाई, सुबह 4:19
- कुम्भ24 जुलाई, दोपहर 12:06
- मीन26 जुलाई, शाम 6:01
- मेष28 जुलाई, रात 10:22
- वृषभ31 जुलाई, रात 1:19
- मिथुन2 अगस्त, रात 3:20
- कर्क4 अगस्त, सुबह 5:25
- सिंह6 अगस्त, सुबह 9:04
- कन्या8 अगस्त, दोपहर 3:40
- तुला11 अगस्त, रात 1:41
- वृश्चिक13 अगस्त, दोपहर 2:01
- धनु16 अगस्त, रात 2:16
- मकर18 अगस्त, दोपहर 12:22
- कुम्भ20 अगस्त, शाम 7:36
- मीन23 अगस्त, रात 12:30
- मेष25 अगस्त, रात 3:57
- वृषभ27 अगस्त, सुबह 6:44
- मिथुन29 अगस्त, सुबह 9:28
- कर्क31 अगस्त, दोपहर 12:46
- सिंह2 सितंबर, शाम 5:26
- कन्या5 सितंबर, रात 12:20
- तुला7 सितंबर, सुबह 10:02
- वृश्चिक9 सितंबर, रात 10:02
- धनु12 सितंबर, सुबह 10:34
- मकर14 सितंबर, रात 9:17
- कुम्भ17 सितंबर, सुबह 4:47
- मीन19 सितंबर, सुबह 9:06
- मेष21 सितंबर, सुबह 11:18
- वृषभ23 सितंबर, दोपहर 12:47
- मिथुन25 सितंबर, दोपहर 2:52
- कर्क27 सितंबर, शाम 6:27
- सिंह30 सितंबर, रात 12:02
- कन्या2 अक्टूबर, सुबह 7:48
- तुला4 अक्टूबर, शाम 5:46
- वृश्चिक7 अक्टूबर, सुबह 5:39
- धनु9 अक्टूबर, शाम 6:22
- मकर12 अक्टूबर, सुबह 5:59
- कुम्भ14 अक्टूबर, दोपहर 2:36
- मीन16 अक्टूबर, शाम 7:24
- मेष18 अक्टूबर, रात 9:04
- वृषभ20 अक्टूबर, रात 9:10
- मिथुन22 अक्टूबर, रात 9:38
- कर्क25 अक्टूबर, रात 12:06
- सिंह27 अक्टूबर, सुबह 5:31
- कन्या29 अक्टूबर, दोपहर 1:51
- तुला1 नवंबर, रात 12:26
- वृश्चिक3 नवंबर, दोपहर 12:29
- धनु6 नवंबर, रात 1:12
- मकर8 नवंबर, दोपहर 1:25
- कुम्भ10 नवंबर, रात 11:26
- मीन13 नवंबर, सुबह 5:45
- मेष15 नवंबर, सुबह 8:11
- वृषभ17 नवंबर, सुबह 7:56
- मिथुन19 नवंबर, सुबह 7:03
- कर्क21 नवंबर, सुबह 7:43
- सिंह23 नवंबर, सुबह 11:39
- कन्या25 नवंबर, शाम 7:28
- तुला28 नवंबर, सुबह 6:17
- वृश्चिक30 नवंबर, शाम 6:38
- धनु3 दिसंबर, सुबह 7:19
- मकर5 दिसंबर, शाम 7:32
- कुम्भ8 दिसंबर, सुबह 6:18
- मीन10 दिसंबर, दोपहर 2:15
- मेष12 दिसंबर, शाम 6:28
- वृषभ14 दिसंबर, शाम 7:19
- मिथुन16 दिसंबर, शाम 6:23
- कर्क18 दिसंबर, शाम 5:54
- सिंह20 दिसंबर, रात 8:03
- कन्या23 दिसंबर, रात 2:16
- तुला25 दिसंबर, दोपहर 12:23
- वृश्चिक28 दिसंबर, रात 12:46
- धनु30 दिसंबर, दोपहर 1:28
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2043: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
