पंचांग · गोचर · चन्द्र
2044 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2044 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय कैलगरी के स्थानीय समय (America/Edmonton, MDT) में।
2044 में चन्द्र किन राशियों में है
- मकर1 जनवरी, सुबह 9:22
- कुम्भ3 जनवरी, शाम 7:54
- मीन6 जनवरी, सुबह 4:27
- मेष8 जनवरी, सुबह 10:15
- वृषभ10 जनवरी, दोपहर 12:58
- मिथुन12 जनवरी, दोपहर 1:23
- कर्क14 जनवरी, दोपहर 1:13
- सिंह16 जनवरी, दोपहर 2:31
- कन्या18 जनवरी, शाम 7:09
- तुला21 जनवरी, रात 3:49
- वृश्चिक23 जनवरी, दोपहर 3:37
- धनु26 जनवरी, सुबह 4:20
- मकर28 जनवरी, शाम 4:03
- कुम्भ31 जनवरी, रात 1:57
- मीन2 फ़रवरी, सुबह 9:54
- मेष4 फ़रवरी, दोपहर 3:53
- वृषभ6 फ़रवरी, शाम 7:48
- मिथुन8 फ़रवरी, रात 9:57
- कर्क10 फ़रवरी, रात 11:15
- सिंह13 फ़रवरी, रात 1:09
- कन्या15 फ़रवरी, सुबह 5:15
- तुला17 फ़रवरी, दोपहर 12:44
- वृश्चिक19 फ़रवरी, रात 11:32
- धनु22 फ़रवरी, दोपहर 12:03
- मकर24 फ़रवरी, रात 11:57
- कुम्भ27 फ़रवरी, सुबह 9:36
- मीन29 फ़रवरी, शाम 4:40
- मेष2 मार्च, रात 9:37
- वृषभ5 मार्च, रात 1:10
- मिथुन7 मार्च, रात 3:59
- कर्क9 मार्च, सुबह 6:39
- सिंह11 मार्च, सुबह 9:56
- कन्या13 मार्च, दोपहर 2:45
- तुला15 मार्च, रात 9:59
- वृश्चिक18 मार्च, सुबह 8:04
- धनु20 मार्च, रात 8:14
- मकर23 मार्च, सुबह 8:28
- कुम्भ25 मार्च, शाम 6:34
- मीन28 मार्च, रात 1:24
- मेष30 मार्च, सुबह 5:19
- वृषभ1 अप्रैल, सुबह 7:32
- मिथुन3 अप्रैल, सुबह 9:27
- कर्क5 अप्रैल, दोपहर 12:10
- सिंह7 अप्रैल, शाम 4:22
- कन्या9 अप्रैल, रात 10:18
- तुला12 अप्रैल, सुबह 6:11
- वृश्चिक14 अप्रैल, शाम 4:12
- धनु17 अप्रैल, सुबह 4:07
- मकर19 अप्रैल, शाम 4:40
- कुम्भ22 अप्रैल, रात 3:38
- मीन24 अप्रैल, सुबह 11:11
- मेष26 अप्रैल, दोपहर 2:59
- वृषभ28 अप्रैल, शाम 4:10
- मिथुन30 अप्रैल, शाम 4:34
- कर्क2 मई, शाम 6:01
- सिंह4 मई, रात 9:45
- कन्या7 मई, सुबह 4:08
- तुला9 मई, दोपहर 12:47
- वृश्चिक11 मई, रात 11:16
- धनु14 मई, सुबह 11:13
- मकर16 मई, रात 11:53
- कुम्भ19 मई, सुबह 11:40
- मीन21 मई, रात 8:30
- मेष24 मई, रात 1:16
- वृषभ26 मई, रात 2:30
- मिथुन28 मई, रात 1:59
- कर्क30 मई, रात 1:54
- सिंह1 जून, सुबह 4:07
- कन्या3 जून, सुबह 9:41
- तुला5 जून, शाम 6:25
- वृश्चिक8 जून, सुबह 5:20
- धनु10 जून, शाम 5:30
- मकर13 जून, सुबह 6:10
- कुम्भ15 जून, शाम 6:17
- मीन18 जून, सुबह 4:13
- मेष20 जून, सुबह 10:30
- वृषभ22 जून, दोपहर 12:55
- मिथुन24 जून, दोपहर 12:40
- कर्क26 जून, सुबह 11:49
- सिंह28 जून, दोपहर 12:34
- कन्या30 जून, शाम 4:34
- तुला3 जुलाई, रात 12:22
- वृश्चिक5 जुलाई, सुबह 11:09
- धनु7 जुलाई, रात 11:29
- मकर10 जुलाई, दोपहर 12:05
- कुम्भ13 जुलाई, रात 12:03
- मीन15 जुलाई, सुबह 10:20
- मेष17 जुलाई, शाम 5:47
- वृषभ19 जुलाई, रात 9:48
- मिथुन21 जुलाई, रात 10:52
- कर्क23 जुलाई, रात 10:30
- सिंह25 जुलाई, रात 10:42
- कन्या28 जुलाई, रात 1:22
- तुला30 जुलाई, सुबह 7:42
- वृश्चिक1 अगस्त, शाम 5:39
- धनु4 अगस्त, सुबह 5:50
- मकर6 अगस्त, शाम 6:25
- कुम्भ9 अगस्त, सुबह 6:01
- मीन11 अगस्त, दोपहर 3:53
- मेष13 अगस्त, रात 11:29
- वृषभ16 अगस्त, सुबह 4:33
- मिथुन18 अगस्त, सुबह 7:11
- कर्क20 अगस्त, सुबह 8:13
- सिंह22 अगस्त, सुबह 9:03
- कन्या24 अगस्त, सुबह 11:20
- तुला26 अगस्त, शाम 4:33
- वृश्चिक29 अगस्त, रात 1:21
- धनु31 अगस्त, दोपहर 1:01
- मकर3 सितंबर, रात 1:36
- कुम्भ5 सितंबर, दोपहर 1:04
- मीन7 सितंबर, रात 10:17
- मेष10 सितंबर, सुबह 5:08
- वृषभ12 सितंबर, सुबह 9:59
- मिथुन14 सितंबर, दोपहर 1:20
- कर्क16 सितंबर, दोपहर 3:46
- सिंह18 सितंबर, शाम 6:00
- कन्या20 सितंबर, रात 9:01
- तुला23 सितंबर, रात 2:02
- वृश्चिक25 सितंबर, सुबह 10:00
- धनु27 सितंबर, रात 9:00
- मकर30 सितंबर, सुबह 9:34
- कुम्भ2 अक्टूबर, रात 9:19
- मीन5 अक्टूबर, सुबह 6:21
- मेष7 अक्टूबर, दोपहर 12:20
- वृषभ9 अक्टूबर, शाम 4:03
- मिथुन11 अक्टूबर, शाम 6:44
- कर्क13 अक्टूबर, रात 9:25
- सिंह16 अक्टूबर, रात 12:43
- कन्या18 अक्टूबर, सुबह 5:00
- तुला20 अक्टूबर, सुबह 10:45
- वृश्चिक22 अक्टूबर, शाम 6:40
- धनु25 अक्टूबर, सुबह 5:13
- मकर27 अक्टूबर, शाम 5:43
- कुम्भ30 अक्टूबर, सुबह 6:04
- मीन1 नवंबर, दोपहर 3:44
- मेष3 नवंबर, रात 9:37
- वृषभ6 नवंबर, रात 12:20
- मिथुन8 नवंबर, रात 1:35
- कर्क10 नवंबर, रात 3:06
- सिंह12 नवंबर, सुबह 6:06
- कन्या14 नवंबर, सुबह 11:01
- तुला16 नवंबर, शाम 5:46
- वृश्चिक19 नवंबर, रात 2:20
- धनु21 नवंबर, दोपहर 12:55
- मकर24 नवंबर, रात 1:20
- कुम्भ26 नवंबर, दोपहर 2:13
- मीन29 नवंबर, रात 1:04
- मेष1 दिसंबर, सुबह 7:57
- वृषभ3 दिसंबर, सुबह 10:49
- मिथुन5 दिसंबर, सुबह 11:08
- कर्क7 दिसंबर, सुबह 11:01
- सिंह9 दिसंबर, दोपहर 12:24
- कन्या11 दिसंबर, शाम 4:27
- तुला13 दिसंबर, रात 11:22
- वृश्चिक16 दिसंबर, सुबह 8:37
- धनु18 दिसंबर, शाम 7:40
- मकर21 दिसंबर, सुबह 8:07
- कुम्भ23 दिसंबर, रात 9:08
- मीन26 दिसंबर, सुबह 8:56
- मेष28 दिसंबर, शाम 5:27
- वृषभ30 दिसंबर, रात 9:42
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2044: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
