पंचांग · गोचर · चन्द्र
2045 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2045 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय सिंगापुर के स्थानीय समय (Asia/Singapore, UTC+8) में।
2045 में चन्द्र किन राशियों में है
- मिथुन2 जनवरी, दोपहर 12:28
- कर्क4 जनवरी, सुबह 11:39
- सिंह6 जनवरी, सुबह 11:24
- कन्या8 जनवरी, दोपहर 1:36
- तुला10 जनवरी, शाम 7:15
- वृश्चिक13 जनवरी, सुबह 4:16
- धनु15 जनवरी, दोपहर 3:40
- मकर18 जनवरी, सुबह 4:18
- कुम्भ20 जनवरी, शाम 5:12
- मीन23 जनवरी, सुबह 5:10
- मेष25 जनवरी, दोपहर 2:46
- वृषभ27 जनवरी, रात 8:49
- मिथुन29 जनवरी, रात 11:16
- कर्क31 जनवरी, रात 11:15
- सिंह2 फ़रवरी, रात 10:37
- कन्या4 फ़रवरी, रात 11:21
- तुला7 फ़रवरी, रात 3:09
- वृश्चिक9 फ़रवरी, सुबह 10:48
- धनु11 फ़रवरी, रात 9:48
- मकर14 फ़रवरी, सुबह 10:34
- कुम्भ16 फ़रवरी, रात 11:21
- मीन19 फ़रवरी, सुबह 10:54
- मेष21 फ़रवरी, रात 8:27
- वृषभ24 फ़रवरी, रात 3:25
- मिथुन26 फ़रवरी, सुबह 7:35
- कर्क28 फ़रवरी, सुबह 9:20
- सिंह2 मार्च, सुबह 9:45
- कन्या4 मार्च, सुबह 10:24
- तुला6 मार्च, दोपहर 1:03
- वृश्चिक8 मार्च, शाम 7:07
- धनु11 मार्च, सुबह 5:00
- मकर13 मार्च, शाम 5:29
- कुम्भ16 मार्च, सुबह 6:17
- मीन18 मार्च, शाम 5:28
- मेष21 मार्च, रात 2:17
- वृषभ23 मार्च, सुबह 8:51
- मिथुन25 मार्च, दोपहर 1:31
- कर्क27 मार्च, शाम 4:39
- सिंह29 मार्च, शाम 6:43
- कन्या31 मार्च, रात 8:31
- तुला2 अप्रैल, रात 11:19
- वृश्चिक5 अप्रैल, सुबह 4:35
- धनु7 अप्रैल, दोपहर 1:21
- मकर10 अप्रैल, रात 1:12
- कुम्भ12 अप्रैल, दोपहर 2:03
- मीन15 अप्रैल, रात 1:18
- मेष17 अप्रैल, सुबह 9:35
- वृषभ19 अप्रैल, दोपहर 3:09
- मिथुन21 अप्रैल, शाम 7:00
- कर्क23 अप्रैल, रात 10:08
- सिंह26 अप्रैल, रात 1:07
- कन्या28 अप्रैल, सुबह 4:16
- तुला30 अप्रैल, सुबह 8:10
- वृश्चिक2 मई, दोपहर 1:44
- धनु4 मई, रात 10:02
- मकर7 मई, सुबह 9:19
- कुम्भ9 मई, रात 10:10
- मीन12 मई, सुबह 9:52
- मेष14 मई, शाम 6:21
- वृषभ16 मई, रात 11:20
- मिथुन19 मई, रात 2:02
- कर्क21 मई, सुबह 4:00
- सिंह23 मई, सुबह 6:28
- कन्या25 मई, सुबह 10:02
- तुला27 मई, दोपहर 2:55
- वृश्चिक29 मई, रात 9:24
- धनु1 जून, सुबह 6:02
- मकर3 जून, शाम 5:08
- कुम्भ6 जून, सुबह 5:57
- मीन8 जून, शाम 6:16
- मेष11 जून, रात 3:36
- वृषभ13 जून, सुबह 8:58
- मिथुन15 जून, सुबह 11:08
- कर्क17 जून, सुबह 11:51
- सिंह19 जून, दोपहर 12:54
- कन्या21 जून, दोपहर 3:33
- तुला23 जून, रात 8:24
- वृश्चिक26 जून, रात 3:31
- धनु28 जून, दोपहर 12:49
- मकर1 जुलाई, रात 12:10
- कुम्भ3 जुलाई, दोपहर 12:59
- मीन6 जुलाई, रात 1:42
- मेष8 जुलाई, दोपहर 12:08
- वृषभ10 जुलाई, शाम 6:42
- मिथुन12 जुलाई, रात 9:27
- कर्क14 जुलाई, रात 9:47
- सिंह16 जुलाई, रात 9:35
- कन्या18 जुलाई, रात 10:39
- तुला21 जुलाई, रात 2:17
- वृश्चिक23 जुलाई, सुबह 9:03
- धनु25 जुलाई, शाम 6:40
- मकर28 जुलाई, सुबह 6:24
- कुम्भ30 जुलाई, शाम 7:17
- मीन2 अगस्त, सुबह 8:05
- मेष4 अगस्त, शाम 7:12
- वृषभ7 अगस्त, रात 3:10
- मिथुन9 अगस्त, सुबह 7:23
- कर्क11 अगस्त, सुबह 8:31
- सिंह13 अगस्त, सुबह 8:04
- कन्या15 अगस्त, सुबह 7:57
- तुला17 अगस्त, सुबह 9:58
- वृश्चिक19 अगस्त, दोपहर 3:25
- धनु22 अगस्त, रात 12:32
- मकर24 अगस्त, दोपहर 12:23
- कुम्भ27 अगस्त, रात 1:21
- मीन29 अगस्त, दोपहर 1:57
- मेष1 सितंबर, रात 1:04
- वृषभ3 सितंबर, सुबह 9:47
- मिथुन5 सितंबर, दोपहर 3:32
- कर्क7 सितंबर, शाम 6:16
- सिंह9 सितंबर, शाम 6:49
- कन्या11 सितंबर, शाम 6:39
- तुला13 सितंबर, शाम 7:38
- वृश्चिक15 सितंबर, रात 11:33
- धनु18 सितंबर, सुबह 7:26
- मकर20 सितंबर, शाम 6:50
- कुम्भ23 सितंबर, सुबह 7:49
- मीन25 सितंबर, रात 8:13
- मेष28 सितंबर, सुबह 6:50
- वृषभ30 सितंबर, दोपहर 3:18
- मिथुन2 अक्टूबर, रात 9:38
- कर्क5 अक्टूबर, रात 1:48
- सिंह7 अक्टूबर, सुबह 4:00
- कन्या9 अक्टूबर, सुबह 4:59
- तुला11 अक्टूबर, सुबह 6:06
- वृश्चिक13 अक्टूबर, सुबह 9:12
- धनु15 अक्टूबर, दोपहर 3:48
- मकर18 अक्टूबर, रात 2:17
- कुम्भ20 अक्टूबर, दोपहर 3:04
- मीन23 अक्टूबर, रात 3:31
- मेष25 अक्टूबर, दोपहर 1:44
- वृषभ27 अक्टूबर, रात 9:22
- मिथुन30 अक्टूबर, रात 3:03
- कर्क1 नवंबर, सुबह 7:24
- सिंह3 नवंबर, सुबह 10:44
- कन्या5 नवंबर, दोपहर 1:15
- तुला7 नवंबर, दोपहर 3:35
- वृश्चिक9 नवंबर, शाम 7:01
- धनु12 नवंबर, रात 1:04
- मकर14 नवंबर, सुबह 10:40
- कुम्भ16 नवंबर, रात 11:03
- मीन19 नवंबर, सुबह 11:45
- मेष21 नवंबर, रात 10:09
- वृषभ24 नवंबर, सुबह 5:19
- मिथुन26 नवंबर, सुबह 9:53
- कर्क28 नवंबर, दोपहर 1:08
- सिंह30 नवंबर, शाम 4:04
- कन्या2 दिसंबर, शाम 7:12
- तुला4 दिसंबर, रात 10:49
- वृश्चिक7 दिसंबर, रात 3:25
- धनु9 दिसंबर, सुबह 9:56
- मकर11 दिसंबर, शाम 7:14
- कुम्भ14 दिसंबर, सुबह 7:13
- मीन16 दिसंबर, रात 8:10
- मेष19 दिसंबर, सुबह 7:21
- वृषभ21 दिसंबर, दोपहर 3:01
- मिथुन23 दिसंबर, शाम 7:10
- कर्क25 दिसंबर, रात 9:09
- सिंह27 दिसंबर, रात 10:33
- कन्या30 दिसंबर, रात 12:40
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2045: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
