पंचांग · गोचर · चन्द्र
2045 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2045 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय मैनचेस्टर के स्थानीय समय (Europe/London, GMT/BST) में।
2045 में चन्द्र किन राशियों में है
- मिथुन2 जनवरी, सुबह 4:28
- कर्क4 जनवरी, रात 3:39
- सिंह6 जनवरी, रात 3:24
- कन्या8 जनवरी, सुबह 5:36
- तुला10 जनवरी, सुबह 11:15
- वृश्चिक12 जनवरी, रात 8:16
- धनु15 जनवरी, सुबह 7:40
- मकर17 जनवरी, रात 8:18
- कुम्भ20 जनवरी, सुबह 9:12
- मीन22 जनवरी, रात 9:10
- मेष25 जनवरी, सुबह 6:46
- वृषभ27 जनवरी, दोपहर 12:49
- मिथुन29 जनवरी, दोपहर 3:16
- कर्क31 जनवरी, दोपहर 3:15
- सिंह2 फ़रवरी, दोपहर 2:37
- कन्या4 फ़रवरी, दोपहर 3:21
- तुला6 फ़रवरी, शाम 7:09
- वृश्चिक9 फ़रवरी, रात 2:48
- धनु11 फ़रवरी, दोपहर 1:48
- मकर14 फ़रवरी, रात 2:34
- कुम्भ16 फ़रवरी, दोपहर 3:21
- मीन19 फ़रवरी, रात 2:54
- मेष21 फ़रवरी, दोपहर 12:27
- वृषभ23 फ़रवरी, शाम 7:25
- मिथुन25 फ़रवरी, रात 11:35
- कर्क28 फ़रवरी, रात 1:20
- सिंह2 मार्च, रात 1:45
- कन्या4 मार्च, रात 2:24
- तुला6 मार्च, सुबह 5:03
- वृश्चिक8 मार्च, सुबह 11:07
- धनु10 मार्च, रात 9:00
- मकर13 मार्च, सुबह 9:29
- कुम्भ15 मार्च, रात 10:17
- मीन18 मार्च, सुबह 9:28
- मेष20 मार्च, शाम 6:17
- वृषभ23 मार्च, रात 12:51
- मिथुन25 मार्च, सुबह 5:31
- कर्क27 मार्च, सुबह 9:39
- सिंह29 मार्च, सुबह 11:43
- कन्या31 मार्च, दोपहर 1:31
- तुला2 अप्रैल, शाम 4:19
- वृश्चिक4 अप्रैल, रात 9:35
- धनु7 अप्रैल, सुबह 6:21
- मकर9 अप्रैल, शाम 6:12
- कुम्भ12 अप्रैल, सुबह 7:03
- मीन14 अप्रैल, शाम 6:18
- मेष17 अप्रैल, रात 2:35
- वृषभ19 अप्रैल, सुबह 8:09
- मिथुन21 अप्रैल, दोपहर 12:00
- कर्क23 अप्रैल, दोपहर 3:08
- सिंह25 अप्रैल, शाम 6:07
- कन्या27 अप्रैल, रात 9:16
- तुला30 अप्रैल, रात 1:10
- वृश्चिक2 मई, सुबह 6:44
- धनु4 मई, दोपहर 3:02
- मकर7 मई, रात 2:19
- कुम्भ9 मई, दोपहर 3:10
- मीन12 मई, रात 2:52
- मेष14 मई, सुबह 11:21
- वृषभ16 मई, शाम 4:20
- मिथुन18 मई, शाम 7:02
- कर्क20 मई, रात 9:00
- सिंह22 मई, रात 11:28
- कन्या25 मई, रात 3:02
- तुला27 मई, सुबह 7:55
- वृश्चिक29 मई, दोपहर 2:24
- धनु31 मई, रात 11:02
- मकर3 जून, सुबह 10:08
- कुम्भ5 जून, रात 10:57
- मीन8 जून, सुबह 11:16
- मेष10 जून, रात 8:36
- वृषभ13 जून, रात 1:58
- मिथुन15 जून, सुबह 4:08
- कर्क17 जून, सुबह 4:51
- सिंह19 जून, सुबह 5:54
- कन्या21 जून, सुबह 8:33
- तुला23 जून, दोपहर 1:24
- वृश्चिक25 जून, रात 8:31
- धनु28 जून, सुबह 5:49
- मकर30 जून, शाम 5:10
- कुम्भ3 जुलाई, सुबह 5:59
- मीन5 जुलाई, शाम 6:42
- मेष8 जुलाई, सुबह 5:08
- वृषभ10 जुलाई, सुबह 11:42
- मिथुन12 जुलाई, दोपहर 2:27
- कर्क14 जुलाई, दोपहर 2:47
- सिंह16 जुलाई, दोपहर 2:35
- कन्या18 जुलाई, दोपहर 3:39
- तुला20 जुलाई, शाम 7:17
- वृश्चिक23 जुलाई, रात 2:03
- धनु25 जुलाई, सुबह 11:40
- मकर27 जुलाई, रात 11:24
- कुम्भ30 जुलाई, दोपहर 12:17
- मीन2 अगस्त, रात 1:05
- मेष4 अगस्त, दोपहर 12:12
- वृषभ6 अगस्त, रात 8:10
- मिथुन9 अगस्त, रात 12:23
- कर्क11 अगस्त, रात 1:31
- सिंह13 अगस्त, रात 1:04
- कन्या15 अगस्त, रात 12:57
- तुला17 अगस्त, रात 2:58
- वृश्चिक19 अगस्त, सुबह 8:25
- धनु21 अगस्त, शाम 5:32
- मकर24 अगस्त, सुबह 5:23
- कुम्भ26 अगस्त, शाम 6:21
- मीन29 अगस्त, सुबह 6:57
- मेष31 अगस्त, शाम 6:04
- वृषभ3 सितंबर, रात 2:47
- मिथुन5 सितंबर, सुबह 8:32
- कर्क7 सितंबर, सुबह 11:16
- सिंह9 सितंबर, सुबह 11:49
- कन्या11 सितंबर, सुबह 11:39
- तुला13 सितंबर, दोपहर 12:38
- वृश्चिक15 सितंबर, शाम 4:33
- धनु18 सितंबर, रात 12:26
- मकर20 सितंबर, सुबह 11:50
- कुम्भ23 सितंबर, रात 12:49
- मीन25 सितंबर, दोपहर 1:13
- मेष27 सितंबर, रात 11:50
- वृषभ30 सितंबर, सुबह 8:18
- मिथुन2 अक्टूबर, दोपहर 2:38
- कर्क4 अक्टूबर, शाम 6:48
- सिंह6 अक्टूबर, रात 9:00
- कन्या8 अक्टूबर, रात 9:59
- तुला10 अक्टूबर, रात 11:06
- वृश्चिक13 अक्टूबर, रात 2:12
- धनु15 अक्टूबर, सुबह 8:48
- मकर17 अक्टूबर, शाम 7:17
- कुम्भ20 अक्टूबर, सुबह 8:04
- मीन22 अक्टूबर, रात 8:31
- मेष25 अक्टूबर, सुबह 6:44
- वृषभ27 अक्टूबर, दोपहर 2:22
- मिथुन29 अक्टूबर, शाम 7:03
- कर्क31 अक्टूबर, रात 11:24
- सिंह3 नवंबर, रात 2:44
- कन्या5 नवंबर, सुबह 5:15
- तुला7 नवंबर, सुबह 7:35
- वृश्चिक9 नवंबर, सुबह 11:01
- धनु11 नवंबर, शाम 5:04
- मकर14 नवंबर, रात 2:40
- कुम्भ16 नवंबर, दोपहर 3:03
- मीन19 नवंबर, रात 3:45
- मेष21 नवंबर, दोपहर 2:09
- वृषभ23 नवंबर, रात 9:19
- मिथुन26 नवंबर, रात 1:53
- कर्क28 नवंबर, सुबह 5:08
- सिंह30 नवंबर, सुबह 8:04
- कन्या2 दिसंबर, सुबह 11:12
- तुला4 दिसंबर, दोपहर 2:49
- वृश्चिक6 दिसंबर, शाम 7:25
- धनु9 दिसंबर, रात 1:56
- मकर11 दिसंबर, सुबह 11:14
- कुम्भ13 दिसंबर, रात 11:13
- मीन16 दिसंबर, दोपहर 12:10
- मेष18 दिसंबर, रात 11:21
- वृषभ21 दिसंबर, सुबह 7:01
- मिथुन23 दिसंबर, सुबह 11:10
- कर्क25 दिसंबर, दोपहर 1:09
- सिंह27 दिसंबर, दोपहर 2:33
- कन्या29 दिसंबर, शाम 4:40
- तुला31 दिसंबर, रात 8:18
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2045: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
