पंचांग · गोचर · चन्द्र
2045 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2045 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय टोरंटो के स्थानीय समय (America/Toronto, EST/EDT) में।
2045 में चन्द्र किन राशियों में है
- मिथुन1 जनवरी, रात 11:28
- कर्क3 जनवरी, रात 10:39
- सिंह5 जनवरी, रात 10:24
- कन्या8 जनवरी, रात 12:36
- तुला10 जनवरी, सुबह 6:15
- वृश्चिक12 जनवरी, दोपहर 3:16
- धनु15 जनवरी, रात 2:40
- मकर17 जनवरी, दोपहर 3:18
- कुम्भ20 जनवरी, सुबह 4:12
- मीन22 जनवरी, शाम 4:10
- मेष25 जनवरी, रात 1:46
- वृषभ27 जनवरी, सुबह 7:49
- मिथुन29 जनवरी, सुबह 10:16
- कर्क31 जनवरी, सुबह 10:15
- सिंह2 फ़रवरी, सुबह 9:37
- कन्या4 फ़रवरी, सुबह 10:21
- तुला6 फ़रवरी, दोपहर 2:09
- वृश्चिक8 फ़रवरी, रात 9:48
- धनु11 फ़रवरी, सुबह 8:48
- मकर13 फ़रवरी, रात 9:34
- कुम्भ16 फ़रवरी, सुबह 10:21
- मीन18 फ़रवरी, रात 9:54
- मेष21 फ़रवरी, सुबह 7:27
- वृषभ23 फ़रवरी, दोपहर 2:25
- मिथुन25 फ़रवरी, शाम 6:35
- कर्क27 फ़रवरी, रात 8:20
- सिंह1 मार्च, रात 8:45
- कन्या3 मार्च, रात 9:24
- तुला6 मार्च, रात 12:03
- वृश्चिक8 मार्च, सुबह 6:07
- धनु10 मार्च, शाम 4:00
- मकर13 मार्च, सुबह 5:29
- कुम्भ15 मार्च, शाम 6:17
- मीन18 मार्च, सुबह 5:28
- मेष20 मार्च, दोपहर 2:17
- वृषभ22 मार्च, रात 8:51
- मिथुन25 मार्च, रात 1:31
- कर्क27 मार्च, सुबह 4:39
- सिंह29 मार्च, सुबह 6:43
- कन्या31 मार्च, सुबह 8:31
- तुला2 अप्रैल, सुबह 11:19
- वृश्चिक4 अप्रैल, शाम 4:35
- धनु7 अप्रैल, रात 1:21
- मकर9 अप्रैल, दोपहर 1:12
- कुम्भ12 अप्रैल, रात 2:03
- मीन14 अप्रैल, दोपहर 1:18
- मेष16 अप्रैल, रात 9:35
- वृषभ19 अप्रैल, रात 3:09
- मिथुन21 अप्रैल, सुबह 7:00
- कर्क23 अप्रैल, सुबह 10:08
- सिंह25 अप्रैल, दोपहर 1:07
- कन्या27 अप्रैल, शाम 4:16
- तुला29 अप्रैल, रात 8:10
- वृश्चिक2 मई, रात 1:44
- धनु4 मई, सुबह 10:02
- मकर6 मई, रात 9:19
- कुम्भ9 मई, सुबह 10:10
- मीन11 मई, रात 9:52
- मेष14 मई, सुबह 6:21
- वृषभ16 मई, सुबह 11:20
- मिथुन18 मई, दोपहर 2:02
- कर्क20 मई, शाम 4:00
- सिंह22 मई, शाम 6:28
- कन्या24 मई, रात 10:02
- तुला27 मई, रात 2:55
- वृश्चिक29 मई, सुबह 9:24
- धनु31 मई, शाम 6:02
- मकर3 जून, सुबह 5:08
- कुम्भ5 जून, शाम 5:57
- मीन8 जून, सुबह 6:16
- मेष10 जून, दोपहर 3:36
- वृषभ12 जून, रात 8:58
- मिथुन14 जून, रात 11:08
- कर्क16 जून, रात 11:51
- सिंह19 जून, रात 12:54
- कन्या21 जून, रात 3:33
- तुला23 जून, सुबह 8:24
- वृश्चिक25 जून, दोपहर 3:31
- धनु28 जून, रात 12:49
- मकर30 जून, दोपहर 12:10
- कुम्भ3 जुलाई, रात 12:59
- मीन5 जुलाई, दोपहर 1:42
- मेष8 जुलाई, रात 12:08
- वृषभ10 जुलाई, सुबह 6:42
- मिथुन12 जुलाई, सुबह 9:27
- कर्क14 जुलाई, सुबह 9:47
- सिंह16 जुलाई, सुबह 9:35
- कन्या18 जुलाई, सुबह 10:39
- तुला20 जुलाई, दोपहर 2:17
- वृश्चिक22 जुलाई, रात 9:03
- धनु25 जुलाई, सुबह 6:40
- मकर27 जुलाई, शाम 6:24
- कुम्भ30 जुलाई, सुबह 7:17
- मीन1 अगस्त, रात 8:05
- मेष4 अगस्त, सुबह 7:12
- वृषभ6 अगस्त, दोपहर 3:10
- मिथुन8 अगस्त, शाम 7:23
- कर्क10 अगस्त, रात 8:31
- सिंह12 अगस्त, रात 8:04
- कन्या14 अगस्त, शाम 7:57
- तुला16 अगस्त, रात 9:58
- वृश्चिक19 अगस्त, रात 3:25
- धनु21 अगस्त, दोपहर 12:32
- मकर24 अगस्त, रात 12:23
- कुम्भ26 अगस्त, दोपहर 1:21
- मीन29 अगस्त, रात 1:57
- मेष31 अगस्त, दोपहर 1:04
- वृषभ2 सितंबर, रात 9:47
- मिथुन5 सितंबर, रात 3:32
- कर्क7 सितंबर, सुबह 6:16
- सिंह9 सितंबर, सुबह 6:49
- कन्या11 सितंबर, सुबह 6:39
- तुला13 सितंबर, सुबह 7:38
- वृश्चिक15 सितंबर, सुबह 11:33
- धनु17 सितंबर, शाम 7:26
- मकर20 सितंबर, सुबह 6:50
- कुम्भ22 सितंबर, शाम 7:49
- मीन25 सितंबर, सुबह 8:13
- मेष27 सितंबर, शाम 6:50
- वृषभ30 सितंबर, रात 3:18
- मिथुन2 अक्टूबर, सुबह 9:38
- कर्क4 अक्टूबर, दोपहर 1:48
- सिंह6 अक्टूबर, शाम 4:00
- कन्या8 अक्टूबर, शाम 4:59
- तुला10 अक्टूबर, शाम 6:06
- वृश्चिक12 अक्टूबर, रात 9:12
- धनु15 अक्टूबर, रात 3:48
- मकर17 अक्टूबर, दोपहर 2:17
- कुम्भ20 अक्टूबर, रात 3:04
- मीन22 अक्टूबर, दोपहर 3:31
- मेष25 अक्टूबर, रात 1:44
- वृषभ27 अक्टूबर, सुबह 9:22
- मिथुन29 अक्टूबर, दोपहर 3:03
- कर्क31 अक्टूबर, शाम 7:24
- सिंह2 नवंबर, रात 10:44
- कन्या5 नवंबर, रात 1:15
- तुला7 नवंबर, रात 2:35
- वृश्चिक9 नवंबर, सुबह 6:01
- धनु11 नवंबर, दोपहर 12:04
- मकर13 नवंबर, रात 9:40
- कुम्भ16 नवंबर, सुबह 10:03
- मीन18 नवंबर, रात 10:45
- मेष21 नवंबर, सुबह 9:09
- वृषभ23 नवंबर, शाम 4:19
- मिथुन25 नवंबर, रात 8:53
- कर्क28 नवंबर, रात 12:08
- सिंह30 नवंबर, रात 3:04
- कन्या2 दिसंबर, सुबह 6:12
- तुला4 दिसंबर, सुबह 9:49
- वृश्चिक6 दिसंबर, दोपहर 2:25
- धनु8 दिसंबर, रात 8:56
- मकर11 दिसंबर, सुबह 6:14
- कुम्भ13 दिसंबर, शाम 6:13
- मीन16 दिसंबर, सुबह 7:10
- मेष18 दिसंबर, शाम 6:21
- वृषभ21 दिसंबर, रात 2:01
- मिथुन23 दिसंबर, सुबह 6:10
- कर्क25 दिसंबर, सुबह 8:09
- सिंह27 दिसंबर, सुबह 9:33
- कन्या29 दिसंबर, सुबह 11:40
- तुला31 दिसंबर, दोपहर 3:18
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2045: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
