पंचांग · गोचर · चन्द्र
2046 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2046 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय एडिलेड के स्थानीय समय (Australia/Adelaide, ACDT/ACST) में।
2046 में चन्द्र किन राशियों में है
- तुला1 जनवरी, सुबह 6:48
- वृश्चिक3 जनवरी, दोपहर 12:15
- धनु5 जनवरी, शाम 7:45
- मकर8 जनवरी, सुबह 5:30
- कुम्भ10 जनवरी, शाम 5:24
- मीन13 जनवरी, सुबह 6:24
- मेष15 जनवरी, शाम 6:27
- वृषभ18 जनवरी, रात 3:24
- मिथुन20 जनवरी, सुबह 8:24
- कर्क22 जनवरी, सुबह 10:11
- सिंह24 जनवरी, सुबह 10:19
- कन्या26 जनवरी, सुबह 10:39
- तुला28 जनवरी, दोपहर 12:47
- वृश्चिक30 जनवरी, शाम 5:41
- धनु2 फ़रवरी, रात 1:35
- मकर4 फ़रवरी, दोपहर 12:01
- कुम्भ7 फ़रवरी, रात 12:11
- मीन9 फ़रवरी, दोपहर 1:09
- मेष12 फ़रवरी, रात 1:34
- वृषभ14 फ़रवरी, सुबह 11:47
- मिथुन16 फ़रवरी, शाम 6:28
- कर्क18 फ़रवरी, रात 9:24
- सिंह20 फ़रवरी, रात 9:37
- कन्या22 फ़रवरी, रात 8:53
- तुला24 फ़रवरी, रात 9:12
- वृश्चिक27 फ़रवरी, रात 12:22
- धनु1 मार्च, सुबह 7:20
- मकर3 मार्च, शाम 5:48
- कुम्भ6 मार्च, सुबह 6:18
- मीन8 मार्च, शाम 7:17
- मेष11 मार्च, सुबह 7:34
- वृषभ13 मार्च, शाम 6:14
- मिथुन16 मार्च, रात 2:17
- कर्क18 मार्च, सुबह 7:02
- सिंह20 मार्च, सुबह 8:38
- कन्या22 मार्च, सुबह 8:15
- तुला24 मार्च, सुबह 7:47
- वृश्चिक26 मार्च, सुबह 9:20
- धनु28 मार्च, दोपहर 2:37
- मकर31 मार्च, रात 12:06
- कुम्भ2 अप्रैल, सुबह 11:28
- मीन5 अप्रैल, रात 12:29
- मेष7 अप्रैल, दोपहर 12:30
- वृषभ9 अप्रैल, रात 10:49
- मिथुन12 अप्रैल, सुबह 7:08
- कर्क14 अप्रैल, दोपहर 1:05
- सिंह16 अप्रैल, शाम 4:25
- कन्या18 अप्रैल, शाम 5:30
- तुला20 अप्रैल, शाम 5:37
- वृश्चिक22 अप्रैल, शाम 6:41
- धनु24 अप्रैल, रात 10:40
- मकर27 अप्रैल, सुबह 6:45
- कुम्भ29 अप्रैल, शाम 6:23
- मीन2 मई, सुबह 7:20
- मेष4 मई, शाम 7:14
- वृषभ7 मई, सुबह 5:00
- मिथुन9 मई, दोपहर 12:40
- कर्क11 मई, शाम 6:33
- सिंह13 मई, रात 10:44
- कन्या16 मई, रात 1:17
- तुला18 मई, रात 2:49
- वृश्चिक20 मई, सुबह 4:38
- धनु22 मई, सुबह 8:24
- मकर24 मई, दोपहर 3:32
- कुम्भ27 मई, रात 2:15
- मीन29 मई, दोपहर 2:54
- मेष1 जून, रात 2:56
- वृषभ3 जून, दोपहर 12:32
- मिथुन5 जून, शाम 7:28
- कर्क8 जून, रात 12:24
- सिंह10 जून, सुबह 4:06
- कन्या12 जून, सुबह 7:03
- तुला14 जून, सुबह 9:43
- वृश्चिक16 जून, दोपहर 12:47
- धनु18 जून, शाम 5:18
- मकर21 जून, रात 12:24
- कुम्भ23 जून, सुबह 10:33
- मीन25 जून, रात 10:52
- मेष28 जून, सुबह 11:11
- वृषभ30 जून, रात 9:12
- मिथुन3 जुलाई, सुबह 4:00
- कर्क5 जुलाई, सुबह 8:03
- सिंह7 जुलाई, सुबह 10:31
- कन्या9 जुलाई, दोपहर 12:35
- तुला11 जुलाई, दोपहर 3:10
- वृश्चिक13 जुलाई, शाम 6:59
- धनु16 जुलाई, रात 12:32
- मकर18 जुलाई, सुबह 8:17
- कुम्भ20 जुलाई, शाम 6:28
- मीन23 जुलाई, सुबह 6:37
- मेष25 जुलाई, शाम 7:11
- वृषभ28 जुलाई, सुबह 6:03
- मिथुन30 जुलाई, दोपहर 1:34
- कर्क1 अगस्त, शाम 5:35
- सिंह3 अगस्त, शाम 7:07
- कन्या5 अगस्त, शाम 7:44
- तुला7 अगस्त, रात 9:05
- वृश्चिक10 अगस्त, रात 12:24
- धनु12 अगस्त, सुबह 6:19
- मकर14 अगस्त, दोपहर 2:49
- कुम्भ17 अगस्त, रात 1:29
- मीन19 अगस्त, दोपहर 1:39
- मेष22 अगस्त, रात 2:22
- वृषभ24 अगस्त, दोपहर 2:01
- मिथुन26 अगस्त, रात 10:50
- कर्क29 अगस्त, रात 3:51
- सिंह31 अगस्त, सुबह 5:29
- कन्या2 सितंबर, सुबह 5:13
- तुला4 सितंबर, सुबह 5:02
- वृश्चिक6 सितंबर, सुबह 6:50
- धनु8 सितंबर, सुबह 11:57
- मकर10 सितंबर, रात 8:30
- कुम्भ13 सितंबर, सुबह 7:35
- मीन15 सितंबर, शाम 7:59
- मेष18 सितंबर, सुबह 8:39
- वृषभ20 सितंबर, रात 8:37
- मिथुन23 सितंबर, सुबह 6:34
- कर्क25 सितंबर, दोपहर 1:12
- सिंह27 सितंबर, शाम 4:06
- कन्या29 सितंबर, शाम 4:09
- तुला1 अक्टूबर, दोपहर 3:13
- वृश्चिक3 अक्टूबर, दोपहर 3:30
- धनु5 अक्टूबर, शाम 6:59
- मकर8 अक्टूबर, रात 3:32
- कुम्भ10 अक्टूबर, दोपहर 2:28
- मीन13 अक्टूबर, रात 3:02
- मेष15 अक्टूबर, दोपहर 3:38
- वृषभ18 अक्टूबर, रात 3:23
- मिथुन20 अक्टूबर, दोपहर 1:37
- कर्क22 अक्टूबर, रात 9:28
- सिंह25 अक्टूबर, रात 2:07
- कन्या27 अक्टूबर, रात 3:39
- तुला29 अक्टूबर, रात 3:18
- वृश्चिक31 अक्टूबर, रात 3:04
- धनु2 नवंबर, सुबह 5:09
- मकर4 नवंबर, सुबह 11:08
- कुम्भ6 नवंबर, रात 9:07
- मीन9 नवंबर, सुबह 9:31
- मेष11 नवंबर, रात 10:07
- वृषभ14 नवंबर, सुबह 9:29
- मिथुन16 नवंबर, शाम 7:12
- कर्क19 नवंबर, रात 3:03
- सिंह21 नवंबर, सुबह 8:42
- कन्या23 नवंबर, सुबह 11:55
- तुला25 नवंबर, दोपहर 1:10
- वृश्चिक27 नवंबर, दोपहर 1:48
- धनु29 नवंबर, दोपहर 3:39
- मकर1 दिसंबर, रात 8:29
- कुम्भ4 दिसंबर, सुबह 5:10
- मीन6 दिसंबर, शाम 4:56
- मेष9 दिसंबर, सुबह 5:33
- वृषभ11 दिसंबर, शाम 4:53
- मिथुन14 दिसंबर, रात 1:58
- कर्क16 दिसंबर, सुबह 8:53
- सिंह18 दिसंबर, दोपहर 2:04
- कन्या20 दिसंबर, शाम 5:48
- तुला22 दिसंबर, रात 8:27
- वृश्चिक24 दिसंबर, रात 10:39
- धनु27 दिसंबर, रात 1:31
- मकर29 दिसंबर, सुबह 6:22
- कुम्भ31 दिसंबर, दोपहर 2:15
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2046: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
