पंचांग · गोचर · चन्द्र
2046 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2046 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय लॉस एंजेलिस के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।
2046 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृश्चिक2 जनवरी, शाम 5:45
- धनु5 जनवरी, रात 1:15
- मकर7 जनवरी, सुबह 11:00
- कुम्भ9 जनवरी, रात 10:54
- मीन12 जनवरी, सुबह 11:54
- मेष14 जनवरी, रात 11:57
- वृषभ17 जनवरी, सुबह 8:54
- मिथुन19 जनवरी, दोपहर 1:54
- कर्क21 जनवरी, दोपहर 3:41
- सिंह23 जनवरी, दोपहर 3:49
- कन्या25 जनवरी, शाम 4:09
- तुला27 जनवरी, शाम 6:17
- वृश्चिक29 जनवरी, रात 11:11
- धनु1 फ़रवरी, सुबह 7:05
- मकर3 फ़रवरी, शाम 5:31
- कुम्भ6 फ़रवरी, सुबह 5:41
- मीन8 फ़रवरी, शाम 6:39
- मेष11 फ़रवरी, सुबह 7:04
- वृषभ13 फ़रवरी, शाम 5:17
- मिथुन15 फ़रवरी, रात 11:58
- कर्क18 फ़रवरी, रात 2:54
- सिंह20 फ़रवरी, रात 3:07
- कन्या22 फ़रवरी, रात 2:23
- तुला24 फ़रवरी, रात 2:42
- वृश्चिक26 फ़रवरी, सुबह 5:52
- धनु28 फ़रवरी, दोपहर 12:50
- मकर2 मार्च, रात 11:18
- कुम्भ5 मार्च, सुबह 11:48
- मीन8 मार्च, रात 12:47
- मेष10 मार्च, दोपहर 1:04
- वृषभ13 मार्च, रात 12:44
- मिथुन15 मार्च, सुबह 8:47
- कर्क17 मार्च, दोपहर 1:32
- सिंह19 मार्च, दोपहर 3:08
- कन्या21 मार्च, दोपहर 2:45
- तुला23 मार्च, दोपहर 2:17
- वृश्चिक25 मार्च, दोपहर 3:50
- धनु27 मार्च, रात 9:07
- मकर30 मार्च, सुबह 6:36
- कुम्भ1 अप्रैल, शाम 6:58
- मीन4 अप्रैल, सुबह 7:59
- मेष6 अप्रैल, रात 8:00
- वृषभ9 अप्रैल, सुबह 6:19
- मिथुन11 अप्रैल, दोपहर 2:38
- कर्क13 अप्रैल, रात 8:35
- सिंह15 अप्रैल, रात 11:55
- कन्या18 अप्रैल, रात 1:00
- तुला20 अप्रैल, रात 1:07
- वृश्चिक22 अप्रैल, रात 2:11
- धनु24 अप्रैल, सुबह 6:10
- मकर26 अप्रैल, दोपहर 2:15
- कुम्भ29 अप्रैल, रात 1:53
- मीन1 मई, दोपहर 2:50
- मेष4 मई, रात 2:44
- वृषभ6 मई, दोपहर 12:30
- मिथुन8 मई, रात 8:10
- कर्क11 मई, रात 2:03
- सिंह13 मई, सुबह 6:14
- कन्या15 मई, सुबह 8:47
- तुला17 मई, सुबह 10:19
- वृश्चिक19 मई, दोपहर 12:08
- धनु21 मई, दोपहर 3:54
- मकर23 मई, रात 11:02
- कुम्भ26 मई, सुबह 9:45
- मीन28 मई, रात 10:24
- मेष31 मई, सुबह 10:26
- वृषभ2 जून, रात 8:02
- मिथुन5 जून, रात 2:58
- कर्क7 जून, सुबह 7:54
- सिंह9 जून, सुबह 11:36
- कन्या11 जून, दोपहर 2:33
- तुला13 जून, शाम 5:13
- वृश्चिक15 जून, रात 8:17
- धनु18 जून, रात 12:48
- मकर20 जून, सुबह 7:54
- कुम्भ22 जून, शाम 6:03
- मीन25 जून, सुबह 6:22
- मेष27 जून, शाम 6:41
- वृषभ30 जून, सुबह 4:42
- मिथुन2 जुलाई, सुबह 11:30
- कर्क4 जुलाई, दोपहर 3:33
- सिंह6 जुलाई, शाम 6:01
- कन्या8 जुलाई, रात 8:05
- तुला10 जुलाई, रात 10:40
- वृश्चिक13 जुलाई, रात 2:29
- धनु15 जुलाई, सुबह 8:02
- मकर17 जुलाई, दोपहर 3:47
- कुम्भ20 जुलाई, रात 1:58
- मीन22 जुलाई, दोपहर 2:07
- मेष25 जुलाई, रात 2:41
- वृषभ27 जुलाई, दोपहर 1:33
- मिथुन29 जुलाई, रात 9:04
- कर्क1 अगस्त, रात 1:05
- सिंह3 अगस्त, रात 2:37
- कन्या5 अगस्त, रात 3:14
- तुला7 अगस्त, सुबह 4:35
- वृश्चिक9 अगस्त, सुबह 7:54
- धनु11 अगस्त, दोपहर 1:49
- मकर13 अगस्त, रात 10:19
- कुम्भ16 अगस्त, सुबह 8:59
- मीन18 अगस्त, रात 9:09
- मेष21 अगस्त, सुबह 9:52
- वृषभ23 अगस्त, रात 9:31
- मिथुन26 अगस्त, सुबह 6:20
- कर्क28 अगस्त, सुबह 11:21
- सिंह30 अगस्त, दोपहर 12:59
- कन्या1 सितंबर, दोपहर 12:43
- तुला3 सितंबर, दोपहर 12:32
- वृश्चिक5 सितंबर, दोपहर 2:20
- धनु7 सितंबर, शाम 7:27
- मकर10 सितंबर, सुबह 4:00
- कुम्भ12 सितंबर, दोपहर 3:05
- मीन15 सितंबर, रात 3:29
- मेष17 सितंबर, शाम 4:09
- वृषभ20 सितंबर, सुबह 4:07
- मिथुन22 सितंबर, दोपहर 2:04
- कर्क24 सितंबर, रात 8:42
- सिंह26 सितंबर, रात 11:36
- कन्या28 सितंबर, रात 11:39
- तुला30 सितंबर, रात 10:43
- वृश्चिक2 अक्टूबर, रात 11:00
- धनु5 अक्टूबर, रात 2:29
- मकर7 अक्टूबर, सुबह 10:02
- कुम्भ9 अक्टूबर, रात 8:58
- मीन12 अक्टूबर, सुबह 9:32
- मेष14 अक्टूबर, रात 10:08
- वृषभ17 अक्टूबर, सुबह 9:53
- मिथुन19 अक्टूबर, रात 8:07
- कर्क22 अक्टूबर, रात 3:58
- सिंह24 अक्टूबर, सुबह 8:37
- कन्या26 अक्टूबर, सुबह 10:09
- तुला28 अक्टूबर, सुबह 9:48
- वृश्चिक30 अक्टूबर, सुबह 9:34
- धनु1 नवंबर, सुबह 11:39
- मकर3 नवंबर, शाम 5:38
- कुम्भ6 नवंबर, रात 2:37
- मीन8 नवंबर, दोपहर 3:01
- मेष11 नवंबर, रात 3:37
- वृषभ13 नवंबर, दोपहर 2:59
- मिथुन16 नवंबर, रात 12:42
- कर्क18 नवंबर, सुबह 8:33
- सिंह20 नवंबर, दोपहर 2:12
- कन्या22 नवंबर, शाम 5:25
- तुला24 नवंबर, शाम 6:40
- वृश्चिक26 नवंबर, शाम 7:18
- धनु28 नवंबर, रात 9:09
- मकर1 दिसंबर, रात 1:59
- कुम्भ3 दिसंबर, सुबह 10:40
- मीन5 दिसंबर, रात 10:26
- मेष8 दिसंबर, सुबह 11:03
- वृषभ10 दिसंबर, रात 10:23
- मिथुन13 दिसंबर, सुबह 7:28
- कर्क15 दिसंबर, दोपहर 2:23
- सिंह17 दिसंबर, शाम 7:34
- कन्या19 दिसंबर, रात 11:18
- तुला22 दिसंबर, रात 1:57
- वृश्चिक24 दिसंबर, सुबह 4:09
- धनु26 दिसंबर, सुबह 7:01
- मकर28 दिसंबर, सुबह 11:52
- कुम्भ30 दिसंबर, शाम 7:45
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2046: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
