पंचांग · गोचर · चन्द्र
2048 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2048 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय काठमांडू के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में।
2048 में चन्द्र किन राशियों में है
- कर्क2 जनवरी, दोपहर 3:56
- सिंह5 जनवरी, रात 12:42
- कन्या7 जनवरी, सुबह 7:12
- तुला9 जनवरी, सुबह 11:29
- वृश्चिक11 जनवरी, दोपहर 1:52
- धनु13 जनवरी, दोपहर 3:07
- मकर15 जनवरी, शाम 4:31
- कुम्भ17 जनवरी, शाम 7:37
- मीन20 जनवरी, रात 1:50
- मेष22 जनवरी, सुबह 11:41
- वृषभ25 जनवरी, रात 12:06
- मिथुन27 जनवरी, दोपहर 12:42
- कर्क29 जनवरी, रात 11:21
- सिंह1 फ़रवरी, सुबह 7:16
- कन्या3 फ़रवरी, दोपहर 12:51
- तुला5 फ़रवरी, शाम 4:54
- वृश्चिक7 फ़रवरी, रात 8:06
- धनु9 फ़रवरी, रात 10:52
- मकर12 फ़रवरी, रात 1:42
- कुम्भ14 फ़रवरी, सुबह 5:28
- मीन16 फ़रवरी, सुबह 11:22
- मेष18 फ़रवरी, रात 8:22
- वृषभ21 फ़रवरी, सुबह 8:14
- मिथुन23 फ़रवरी, रात 9:03
- कर्क26 फ़रवरी, सुबह 8:05
- सिंह28 फ़रवरी, दोपहर 3:45
- कन्या1 मार्च, रात 8:19
- तुला3 मार्च, रात 11:05
- वृश्चिक6 मार्च, रात 1:29
- धनु8 मार्च, सुबह 4:26
- मकर10 मार्च, सुबह 8:19
- कुम्भ12 मार्च, दोपहर 1:19
- मीन14 मार्च, शाम 7:55
- मेष17 मार्च, सुबह 4:50
- वृषभ19 मार्च, शाम 4:20
- मिथुन22 मार्च, सुबह 5:16
- कर्क24 मार्च, शाम 5:03
- सिंह27 मार्च, रात 1:24
- कन्या29 मार्च, सुबह 5:51
- तुला31 मार्च, सुबह 7:36
- वृश्चिक2 अप्रैल, सुबह 8:29
- धनु4 अप्रैल, सुबह 10:11
- मकर6 अप्रैल, दोपहर 1:40
- कुम्भ8 अप्रैल, शाम 7:11
- मीन11 अप्रैल, रात 2:41
- मेष13 अप्रैल, दोपहर 12:10
- वृषभ15 अप्रैल, रात 11:43
- मिथुन18 अप्रैल, दोपहर 12:40
- कर्क21 अप्रैल, रात 1:08
- सिंह23 अप्रैल, सुबह 10:41
- कन्या25 अप्रैल, शाम 4:07
- तुला27 अप्रैल, शाम 5:57
- वृश्चिक29 अप्रैल, शाम 5:56
- धनु1 मई, शाम 6:03
- मकर3 मई, शाम 7:59
- कुम्भ6 मई, रात 12:41
- मीन8 मई, सुबह 8:16
- मेष10 मई, शाम 6:18
- वृषभ13 मई, सुबह 6:12
- मिथुन15 मई, शाम 7:10
- कर्क18 मई, सुबह 7:54
- सिंह20 मई, शाम 6:29
- कन्या23 मई, रात 1:25
- तुला25 मई, सुबह 4:28
- वृश्चिक27 मई, सुबह 4:45
- धनु29 मई, सुबह 4:08
- मकर31 मई, सुबह 4:32
- कुम्भ2 जून, सुबह 7:34
- मीन4 जून, दोपहर 2:08
- मेष7 जून, रात 12:01
- वृषभ9 जून, दोपहर 12:09
- मिथुन12 जून, रात 1:11
- कर्क14 जून, दोपहर 1:47
- सिंह17 जून, रात 12:42
- कन्या19 जून, सुबह 8:47
- तुला21 जून, दोपहर 1:28
- वृश्चिक23 जून, दोपहर 3:07
- धनु25 जून, दोपहर 3:00
- मकर27 जून, दोपहर 2:50
- कुम्भ29 जून, शाम 4:29
- मीन1 जुलाई, रात 9:29
- मेष4 जुलाई, सुबह 6:23
- वृषभ6 जुलाई, शाम 6:18
- मिथुन9 जुलाई, सुबह 7:22
- कर्क11 जुलाई, शाम 7:43
- सिंह14 जुलाई, सुबह 6:17
- कन्या16 जुलाई, दोपहर 2:33
- तुला18 जुलाई, रात 8:18
- वृश्चिक20 जुलाई, रात 11:33
- धनु23 जुलाई, रात 12:52
- मकर25 जुलाई, रात 1:20
- कुम्भ27 जुलाई, रात 2:37
- मीन29 जुलाई, सुबह 6:26
- मेष31 जुलाई, दोपहर 2:03
- वृषभ3 अगस्त, रात 1:16
- मिथुन5 अगस्त, दोपहर 2:13
- कर्क8 अगस्त, रात 2:27
- सिंह10 अगस्त, दोपहर 12:29
- कन्या12 अगस्त, रात 8:06
- तुला15 अगस्त, रात 1:45
- वृश्चिक17 अगस्त, सुबह 5:48
- धनु19 अगस्त, सुबह 8:32
- मकर21 अगस्त, सुबह 10:25
- कुम्भ23 अगस्त, दोपहर 12:26
- मीन25 अगस्त, शाम 4:04
- मेष27 अगस्त, रात 10:48
- वृषभ30 अगस्त, सुबह 9:09
- मिथुन1 सितंबर, रात 9:51
- कर्क4 सितंबर, सुबह 10:14
- सिंह6 सितंबर, रात 8:06
- कन्या9 सितंबर, रात 2:58
- तुला11 सितंबर, सुबह 7:37
- वृश्चिक13 सितंबर, सुबह 11:09
- धनु15 सितंबर, दोपहर 2:16
- मकर17 सितंबर, शाम 5:17
- कुम्भ19 सितंबर, रात 8:35
- मीन22 सितंबर, रात 1:00
- मेष24 सितंबर, सुबह 7:41
- वृषभ26 सितंबर, शाम 5:29
- मिथुन29 सितंबर, सुबह 5:52
- कर्क1 अक्टूबर, शाम 6:35
- सिंह4 अक्टूबर, सुबह 4:56
- कन्या6 अक्टूबर, सुबह 11:42
- तुला8 अक्टूबर, दोपहर 3:29
- वृश्चिक10 अक्टूबर, शाम 5:43
- धनु12 अक्टूबर, शाम 7:49
- मकर14 अक्टूबर, रात 10:42
- कुम्भ17 अक्टूबर, रात 2:44
- मीन19 अक्टूबर, सुबह 8:14
- मेष21 अक्टूबर, दोपहर 3:39
- वृषभ24 अक्टूबर, रात 1:31
- मिथुन26 अक्टूबर, दोपहर 1:41
- कर्क29 अक्टूबर, रात 2:40
- सिंह31 अक्टूबर, दोपहर 1:57
- कन्या2 नवंबर, रात 9:36
- तुला5 नवंबर, रात 1:28
- वृश्चिक7 नवंबर, रात 2:48
- धनु9 नवंबर, रात 3:23
- मकर11 नवंबर, सुबह 4:48
- कुम्भ13 नवंबर, सुबह 8:10
- मीन15 नवंबर, दोपहर 1:57
- मेष17 नवंबर, रात 10:09
- वृषभ20 नवंबर, सुबह 8:35
- मिथुन22 नवंबर, रात 8:49
- कर्क25 नवंबर, सुबह 9:51
- सिंह27 नवंबर, रात 9:54
- कन्या30 नवंबर, सुबह 7:00
- तुला2 दिसंबर, दोपहर 12:09
- वृश्चिक4 दिसंबर, दोपहर 1:51
- धनु6 दिसंबर, दोपहर 1:39
- मकर8 दिसंबर, दोपहर 1:27
- कुम्भ10 दिसंबर, दोपहर 3:03
- मीन12 दिसंबर, शाम 7:43
- मेष15 दिसंबर, रात 3:49
- वृषभ17 दिसंबर, दोपहर 2:42
- मिथुन20 दिसंबर, रात 3:14
- कर्क22 दिसंबर, शाम 4:11
- सिंह25 दिसंबर, सुबह 4:23
- कन्या27 दिसंबर, दोपहर 2:31
- तुला29 दिसंबर, रात 9:25
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2048: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
