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पंचांग · मुहूर्त खोजें

किसी काम के लिए शुभ समय

कार्य और तारीखें चुनें (अधिकतम 31 दिन)। हर समय-खंड के साथ लिखा है कि वह क्यों स्वीकार हुआ, और जिन दिनों कोई समय नहीं बचा, वहाँ उसका कारण।

सभी समय अटलांटा के स्थानीय समय (America/New York, EDT/EST) में।

ध्यान दें: हर कार्य की तिथि, नक्षत्र, वार और चौघड़िया की तालिकाओं पर विद्यालयों में परम्परा भिन्न है; हमारा संकाय इन नियमों की समीक्षा कर रहा है। परिणाम अध्ययन के लिए हैं, सलाह नहीं।

विद्यारम्भ (शिक्षा का आरम्भ)

बच्चे के पहले अक्षर, या किसी अध्ययन का आरम्भ।

रविवार, 25 अक्टूबर 2026 से शनिवार, 7 नवंबर 2026 तक अटलांटा में 4 दिनों में शुभ समय मिलता है।

इस कार्य की तालिका
  • वार: रविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
  • नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपद, रेवती
  • चौघड़िया: अमृत, शुभ, लाभ, चर
  • बुध और गुरु की होरा विशेष रूप से शुभ मानी जाती है†
  • वसंत पंचमी स्वयं एक निश्चित (अबूझ) मुहूर्त है†
  • विद्यालयों में परम्परा भिन्न है; हमारा संकाय इन तालिकाओं की समीक्षा कर रहा है
  • † विद्यालयों में परम्परा भिन्न है; हमारा संकाय इन नियमों की समीक्षा कर रहा है।
  1. रविवार, 25 अक्टूबर 2026कोई समय नहीं

    कोई शुभ समय नहीं बचता: तिथि शुक्ल पूर्णिमा इस कार्य की सूची में नहीं है।

  2. सोमवार, 26 अक्टूबर 2026कोई समय नहीं

    कोई शुभ समय नहीं बचता: तिथि कृष्ण प्रतिपदा इस कार्य की सूची में नहीं है; चन्द्रमा भरणी नक्षत्र में है, जो इस कार्य की सूची में नहीं है।

  3. मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026कोई समय नहीं

    कोई शुभ समय नहीं बचता: मंगलवार इस कार्य के लिए नहीं लिया जाता।

  4. बुधवार, 28 अक्टूबर 2026कोई समय नहीं

    कोई शुभ समय नहीं बचता: भद्रा (विष्टि करण), जिसे पंचांग शुभ आरम्भ के लिए टालते हैं।

  5. गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026शुभ समय है

    3 समय-खंड, कुल 3 घंटे 24 मिनट

    • दोपहर 12:40 – दोपहर 1:21 · 40 मिनट

      • चर चौघड़िया (‘चलायमान’) — दिन के उन चार भागों में से एक जिन्हें तालिका स्वीकार करती है
      • गुरुवार विद्यारम्भ (शिक्षा का आरम्भ) के लिए सूची में है
      • तिथि कृष्ण पञ्चमी (कृष्ण पक्ष का पाँचवाँ दिन) है, जो स्वीकार्य है
      • चन्द्रमा मृगशिरा नक्षत्र में है, जो सूची में है
      • यह समय राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल और भद्रा से मुक्त है
    • दोपहर 1:21 – दोपहर 2:42 · 1 घंटे 21 मिनट

      • लाभ चौघड़िया (‘लाभ’) — दिन के उन चार भागों में से एक जिन्हें तालिका स्वीकार करती है
      • गुरुवार विद्यारम्भ (शिक्षा का आरम्भ) के लिए सूची में है
      • तिथि कृष्ण पञ्चमी (कृष्ण पक्ष का पाँचवाँ दिन) है, जो स्वीकार्य है
      • चन्द्रमा मृगशिरा नक्षत्र में है, जो सूची में है
      • यह समय राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल और भद्रा से मुक्त है
    • शाम 5:26 – शाम 6:47 · 1 घंटे 21 मिनट

      • शुभ चौघड़िया (‘मंगलकारी’) — दिन के उन चार भागों में से एक जिन्हें तालिका स्वीकार करती है
      • गुरुवार विद्यारम्भ (शिक्षा का आरम्भ) के लिए सूची में है
      • तिथि कृष्ण पञ्चमी (कृष्ण पक्ष का पाँचवाँ दिन) है, जो स्वीकार्य है
      • चन्द्रमा मृगशिरा नक्षत्र में है, जो सूची में है
      • यह समय राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल और भद्रा से मुक्त है
    बाक़ी समय क्यों नहीं
    • सुबह 7:54 – सुबह 9:15: यमगण्ड: दिन का वह भाग जिस पर यम का अधिकार है; शुभ आरम्भ के लिए टाला जाता है
    • सुबह 7:54 – दोपहर 12:40: रिक्ता (‘खाली’) तिथि चतुर्थी, आरम्भ के लिए टाली जाती है
    • सुबह 10:37 – सुबह 11:59: गुलिक काल: दिन का वह भाग जिस पर शनि-पुत्र गुलिक का अधिकार है; इसमें शुरू हुआ काम दोहराया जाता है, ऐसा माना जाता है
    • दोपहर 2:42 – शाम 4:04: राहु काल: दिन का वह आठवाँ भाग जिस पर राहु का अधिकार है; पंचांग इसमें नया काम आरम्भ न करने को कहते हैं
  6. शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026शुभ समय है

    4 समय-खंड, कुल 5 घंटे 26 मिनट

    • सुबह 7:55 – सुबह 9:16 · 1 घंटे 21 मिनट

      • चर चौघड़िया (‘चलायमान’) — दिन के उन चार भागों में से एक जिन्हें तालिका स्वीकार करती है
      • शुक्रवार विद्यारम्भ (शिक्षा का आरम्भ) के लिए सूची में है
      • तिथि कृष्ण पञ्चमी (कृष्ण पक्ष का पाँचवाँ दिन) है, जो स्वीकार्य है
      • चन्द्रमा आर्द्रा नक्षत्र में है, जो सूची में है
      • यह समय राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल और भद्रा से मुक्त है
    • सुबह 10:38 – सुबह 11:59 · 1 घंटे 21 मिनट

      • अमृत चौघड़िया (‘अमृत’) — दिन के उन चार भागों में से एक जिन्हें तालिका स्वीकार करती है
      • शुक्रवार विद्यारम्भ (शिक्षा का आरम्भ) के लिए सूची में है
      • तिथि कृष्ण षष्ठी (कृष्ण पक्ष का छठा दिन) है, जो स्वीकार्य है
      • चन्द्रमा आर्द्रा नक्षत्र में है, जो सूची में है
      • यह समय राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल और भद्रा से मुक्त है
    • दोपहर 1:20 – दोपहर 2:42 · 1 घंटे 21 मिनट

      • शुभ चौघड़िया (‘मंगलकारी’) — दिन के उन चार भागों में से एक जिन्हें तालिका स्वीकार करती है
      • शुक्रवार विद्यारम्भ (शिक्षा का आरम्भ) के लिए सूची में है
      • तिथि कृष्ण षष्ठी (कृष्ण पक्ष का छठा दिन) है, जो स्वीकार्य है
      • चन्द्रमा आर्द्रा नक्षत्र में है, जो सूची में है
      • यह समय राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल और भद्रा से मुक्त है
    • शाम 5:25 – शाम 6:46 · 1 घंटे 21 मिनट

      • चर चौघड़िया (‘चलायमान’) — दिन के उन चार भागों में से एक जिन्हें तालिका स्वीकार करती है
      • शुक्रवार विद्यारम्भ (शिक्षा का आरम्भ) के लिए सूची में है
      • तिथि कृष्ण षष्ठी (कृष्ण पक्ष का छठा दिन) है, जो स्वीकार्य है
      • चन्द्रमा आर्द्रा नक्षत्र में है, जो सूची में है
      • यह समय राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल और भद्रा से मुक्त है
    बाक़ी समय क्यों नहीं
    • सुबह 9:16 – सुबह 10:38: गुलिक काल: दिन का वह भाग जिस पर शनि-पुत्र गुलिक का अधिकार है; इसमें शुरू हुआ काम दोहराया जाता है, ऐसा माना जाता है
    • सुबह 11:59 – दोपहर 1:20: राहु काल: दिन का वह आठवाँ भाग जिस पर राहु का अधिकार है; पंचांग इसमें नया काम आरम्भ न करने को कहते हैं
    • शाम 4:03 – शाम 5:25: यमगण्ड: दिन का वह भाग जिस पर यम का अधिकार है; शुभ आरम्भ के लिए टाला जाता है
  7. शनिवार, 31 अक्टूबर 2026कोई समय नहीं

    कोई शुभ समय नहीं बचता: शनिवार इस कार्य के लिए नहीं लिया जाता।

  8. रविवार, 1 नवंबर 2026कोई समय नहीं

    कोई शुभ समय नहीं बचता: तिथि कृष्ण अष्टमी इस कार्य की सूची में नहीं है।

  9. सोमवार, 2 नवंबर 2026कोई समय नहीं

    कोई शुभ समय नहीं बचता: रिक्ता (‘खाली’) तिथि नवमी, आरम्भ के लिए टाली जाती है; चन्द्रमा आश्लेषा नक्षत्र में है, जो इस कार्य की सूची में नहीं है।

  10. मंगलवार, 3 नवंबर 2026कोई समय नहीं

    कोई शुभ समय नहीं बचता: मंगलवार इस कार्य के लिए नहीं लिया जाता।

  11. बुधवार, 4 नवंबर 2026शुभ समय है

    1 समय-खंड, कुल 43 मिनट

    • शाम 4:59 – शाम 5:42 · 42 मिनट

      • लाभ चौघड़िया (‘लाभ’) — दिन के उन चार भागों में से एक जिन्हें तालिका स्वीकार करती है
      • बुधवार विद्यारम्भ (शिक्षा का आरम्भ) के लिए सूची में है
      • तिथि कृष्ण एकादशी (कृष्ण पक्ष का ग्यारहवाँ दिन) है, जो स्वीकार्य है
      • चन्द्रमा उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में है, जो सूची में है
      • यह समय राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल और भद्रा से मुक्त है
    बाक़ी समय क्यों नहीं
    • सुबह 6:59 – शाम 4:59: चन्द्रमा पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में है, जो इस कार्य की सूची में नहीं है
    • सुबह 8:19 – सुबह 9:40: यमगण्ड: दिन का वह भाग जिस पर यम का अधिकार है; शुभ आरम्भ के लिए टाला जाता है
    • सुबह 11:00 – दोपहर 12:20: गुलिक काल: दिन का वह भाग जिस पर शनि-पुत्र गुलिक का अधिकार है; इसमें शुरू हुआ काम दोहराया जाता है, ऐसा माना जाता है
    • दोपहर 12:20 – दोपहर 1:41: राहु काल: दिन का वह आठवाँ भाग जिस पर राहु का अधिकार है; पंचांग इसमें नया काम आरम्भ न करने को कहते हैं
  12. गुरुवार, 5 नवंबर 2026शुभ समय है

    3 समय-खंड, कुल 4 घंटे

    • सुबह 11:00 – दोपहर 12:20 · 1 घंटे 20 मिनट

      • चर चौघड़िया (‘चलायमान’) — दिन के उन चार भागों में से एक जिन्हें तालिका स्वीकार करती है
      • गुरुवार विद्यारम्भ (शिक्षा का आरम्भ) के लिए सूची में है
      • तिथि कृष्ण द्वादशी (कृष्ण पक्ष का बारहवाँ दिन) है, जो स्वीकार्य है
      • चन्द्रमा उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में है, जो सूची में है
      • यह समय राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल और भद्रा से मुक्त है
    • दोपहर 12:20 – दोपहर 1:41 · 1 घंटे 20 मिनट

      • लाभ चौघड़िया (‘लाभ’) — दिन के उन चार भागों में से एक जिन्हें तालिका स्वीकार करती है
      • गुरुवार विद्यारम्भ (शिक्षा का आरम्भ) के लिए सूची में है
      • तिथि कृष्ण द्वादशी (कृष्ण पक्ष का बारहवाँ दिन) है, जो स्वीकार्य है
      • चन्द्रमा उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में है, जो सूची में है
      • यह समय राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल और भद्रा से मुक्त है
    • शाम 4:21 – शाम 5:41 · 1 घंटे 20 मिनट

      • शुभ चौघड़िया (‘मंगलकारी’) — दिन के उन चार भागों में से एक जिन्हें तालिका स्वीकार करती है
      • गुरुवार विद्यारम्भ (शिक्षा का आरम्भ) के लिए सूची में है
      • तिथि कृष्ण द्वादशी (कृष्ण पक्ष का बारहवाँ दिन) है, जो स्वीकार्य है
      • चन्द्रमा उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में है, जो सूची में है
      • यह समय राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल और भद्रा से मुक्त है
    बाक़ी समय क्यों नहीं
    • सुबह 7:00 – सुबह 8:20: यमगण्ड: दिन का वह भाग जिस पर यम का अधिकार है; शुभ आरम्भ के लिए टाला जाता है
    • सुबह 9:40 – सुबह 11:00: गुलिक काल: दिन का वह भाग जिस पर शनि-पुत्र गुलिक का अधिकार है; इसमें शुरू हुआ काम दोहराया जाता है, ऐसा माना जाता है
    • दोपहर 1:41 – दोपहर 3:01: राहु काल: दिन का वह आठवाँ भाग जिस पर राहु का अधिकार है; पंचांग इसमें नया काम आरम्भ न करने को कहते हैं
  13. शुक्रवार, 6 नवंबर 2026कोई समय नहीं

    कोई शुभ समय नहीं बचता: तिथि कृष्ण त्रयोदशी इस कार्य की सूची में नहीं है।

  14. शनिवार, 7 नवंबर 2026कोई समय नहीं

    कोई शुभ समय नहीं बचता: शनिवार इस कार्य के लिए नहीं लिया जाता।

पंचांग में और