राहु काल · सिएटल · मंगलवार, 29 दिसंबर 2026
सिएटल में राहु काल दोपहर 2:18 – दोपहर 3:22 तक है (1 घंटे 4 मिनट)।
राहु काल दिन का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु माना जाता है; पंचांग इसमें नया काम शुरू न करने को कहते हैं। इसका क्रम वार से तय होता है और लम्बाई दिनमान से।
सभी समय सिएटल के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST) में।
टाले जाने वाले काल
राहु काल
दोपहर 2:18 – दोपहर 3:22 · 1 घंटे 4 मिनट
दिन का वह आठवाँ भाग जिस पर राहु का अधिकार है; पंचांग इसमें नया काम आरम्भ न करने को कहते हैं
गुलिक काल
दोपहर 12:11 – दोपहर 1:15 · 1 घंटे 4 मिनट
दिन का वह भाग जिस पर शनि-पुत्र गुलिक का अधिकार है; इसमें शुरू हुआ काम दोहराया जाता है, ऐसा माना जाता है
यमगण्ड
सुबह 10:04 – सुबह 11:08 · 1 घंटे 4 मिनट
दिन का वह भाग जिस पर यम का अधिकार है; शुभ आरम्भ के लिए टाला जाता है
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 6:21 – सुबह 7:09 · 48 मिनट
सूर्योदय से 48 मिनट पहले समाप्त होने वाले 48 मिनट; परम्परा से अध्ययन, प्रार्थना और ध्यान का समय
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:54 – दोपहर 12:28 · 34 मिनट
दिन के पंद्रह मुहूर्तों में आठवाँ, स्थानीय मध्याह्न के आसपास; महत्वपूर्ण कार्य आरम्भ करने के लिए प्रबल माना जाता है
एक नज़र में दिन
हरे भाग आरम्भ के लिए शुभ माने जाते हैं, लाल टाले जाते हैं, नीले सामान्य हैं। समय ऊपर चुने गए नगर के लिए हैं।
चौघड़िया
मुहूर्त और काल
किसी भाग को छूएँ: उसका नाम और समय यहाँ दिखेगा।
अगले सात दिनों का राहु काल
- बुधवार, 30 दिसंबर 2026दोपहर 12:12 – दोपहर 1:15 · 1 घंटे 4 मिनट
- गुरुवार, 31 दिसंबर 2026दोपहर 1:16 – दोपहर 2:20 · 1 घंटे 4 मिनट
- शुक्रवार, 1 जनवरी 2027सुबह 11:09 – दोपहर 12:13 · 1 घंटे 4 मिनट
- शनिवार, 2 जनवरी 2027सुबह 10:05 – सुबह 11:09 · 1 घंटे 4 मिनट
- रविवार, 3 जनवरी 2027दोपहर 3:26 – शाम 4:30 · 1 घंटे 4 मिनट
- सोमवार, 4 जनवरी 2027—
- मंगलवार, 5 जनवरी 2027दोपहर 2:23 – दोपहर 3:28 · 1 घंटे 4 मिनट
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- गोचरहर ग्रह का राशि-परिवर्तन, वक्री-मार्गी और अस्त।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
