पंचांग · पर्व और व्रत
2033 के पर्व और व्रत
हर तारीख इंजन ने चन्द्र-तिथि, नक्षत्र या सूर्य की संक्रान्ति से निकाली है, चुने गए नगर के सूर्योदय के अनुसार। पर्व खोलें तो यह भी पढ़ें कि तारीख कैसे तय हुई।
जनवरी 2033
13 जनवरीगुरु
लोहड़ीपंजाब का अलाव-पर्व, मकर संक्रांति से एक संध्या पहले।
14 जनवरीशुक्र
मकर संक्रांतिसूर्य का निरयण मकर राशि में प्रवेश, लगभग 14 जनवरी।
फ़रवरी 2033
4 फ़रवरीशुक्र
वसंत पंचमीमाघ शुक्ल पंचमी; सरस्वती का दिन और वसंत का पहला संकेत।
मार्च 2033
15 मार्चमंगल
होलिका दहनहोली का अलाव, फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या में भद्रा से बाहर जलाया जाता है।
15 मार्चमंगल
होलीरंगों का पर्व, फाल्गुन पूर्णिमा को और उसके बाद।
31 मार्चगुरु
उगादि / गुड़ी पड़वादक्कन और महाराष्ट्र में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का चांद्र नववर्ष।
31 मार्चगुरु
चैत्र नवरात्रिचैत्र शुक्ल प्रतिपदा से राम नवमी तक देवी की नौ रातें।
अप्रैल 2033
7 अप्रैलगुरु
राम नवमीराम का जन्मोत्सव, चैत्र शुक्ल नवमी के मध्याह्न में।
12 अप्रैलमंगल
महावीर जयंतीचौबीसवें तीर्थंकर वर्धमान महावीर का जन्म, चैत्र शुक्ल त्रयोदशी।
14 अप्रैलगुरु
हनुमान जयंतीउत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा को हनुमान का जन्मोत्सव।
मई 2033
1 मईरवि
अक्षय तृतीयावैशाख शुक्ल तृतीया, साढ़े तीन 'अबूझ' मुहूर्त दिनों में से एक।
14 मईशनि
बुद्ध पूर्णिमावैशाख पूर्णिमा, बुद्ध के जन्म, बोधि और परिनिर्वाण का स्मरण।
जून 2033
28 जूनमंगल
रथ यात्रापुरी में आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को जगन्नाथ की रथ यात्रा।
जुलाई 2033
12 जुलाईमंगल
गुरु पूर्णिमाआषाढ़ पूर्णिमा, गुरु और व्यास को समर्पित।
31 जुलाईरवि
नाग पंचमीश्रावण शुक्ल पंचमी, नाग देवताओं का दिन।
अगस्त 2033
10 अगस्तबुध
रक्षाबंधनश्रावण पूर्णिमा; राखी दोपहर में, भद्रा से बाहर, बाँधी जाती है।
17 अगस्तबुध
कृष्ण जन्माष्टमीश्रावण पूर्णिमा के बाद की अष्टमी की अर्धरात्रि में कृष्ण का जन्म।
28 अगस्तरवि
गणेश चतुर्थीभाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के मध्याह्न में गणेश की स्थापना।
सितंबर 2033
7 सितंबरबुध
ओणमचिंगम मास में तिरुवोणम (श्रवण) नक्षत्र को केरल का फसल-पर्व।
8 सितंबरगुरु
अनंत चतुर्दशीभाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी; अनंत व्रत और गणेश विसर्जन।
9 सितंबरशुक्र
पितृ पक्ष आरंभपितरों का पखवाड़ा, भाद्रपद पूर्णिमा के अगले दिन से अमावस्या तक।
24 सितंबरशनि
शारदीय नवरात्रि आरंभआश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक दुर्गा की नौ रातें।
अक्टूबर 2033
2 अक्टूबररवि
दुर्गाष्टमीशारदीय नवरात्रि का आठवाँ दिन, दुर्गा पूजन का प्रमुख दिन।
3 अक्टूबरसोम
महानवमीशारदीय नवरात्रि की नौवीं और अंतिम रात; दक्षिण में आयुध पूजा।
3 अक्टूबरसोम
विजयादशमीआश्विन शुक्ल दशमी, अपराह्न में; रावण-दहन और शमी पूजन।
7 अक्टूबरशुक्र
शरद पूर्णिमाआश्विन पूर्णिमा, शरद के निर्मल आकाश की पूर्णिमा, रात्रि में मनाई जाती है।
20 अक्टूबरगुरु
धनतेरसदीपावली-काल का पहला दिन, आश्विन अमावस्या से पहले की त्रयोदशी।
21 अक्टूबरशुक्र
नरक चतुर्दशीदीपावली से एक दिन पहले, भोर से पूर्व चंद्रमा के रहते तेल-स्नान।
22 अक्टूबरशनि
दीपावलीआश्विन का समापन करने वाली अमावस्या को दीपों का पर्व और लक्ष्मी पूजन।
24 अक्टूबरसोम
गोवर्धन पूजादीपावली के अगले दिन; कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा और अन्नकूट।
25 अक्टूबरमंगल
भाई दूजकार्तिक शुक्ल द्वितीया, भाई-बहन का दिन जो दीपावली का समापन करता है।
29 अक्टूबरशनि
छठ पूजाबिहार का चार दिवसीय सूर्य-पर्व, कार्तिक शुक्ल षष्ठी पर केंद्रित।
नवंबर 2033
3 नवंबरगुरु
तुलसी विवाहकार्तिक शुक्ल द्वादशी को तुलसी का विष्णु से प्रतीकात्मक विवाह।
6 नवंबररवि
कार्तिक पूर्णिमाकार्तिक की पूर्णिमा; वाराणसी में दीप और गुरु नानक जयंती।
दिसंबर 2033
2 दिसंबरशुक्र
गीता जयंतीमार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी, जिसे गीता के उपदेश का दिन माना जाता है।
5 दिसंबरसोम
दत्तात्रेय जयंतीमार्गशीर्ष पूर्णिमा की संध्या में दत्तात्रेय का जन्म।
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