पंचांग · गोचर
गोचर 2000: ग्रह कब राशि बदलते हैं
2000 में गुरु (बृहस्पति) 2 जून को वृषभ में, शनि 6 जून को वृषभ में, राहु 30 जुलाई को मिथुन में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।
सभी समय सिएटल के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।
1 जनवरी 2000 को ग्रह
निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।
- सूर्यधनु में15 दिसंबर 1999 से, 14 जनवरी 2000 तक
- चन्द्रतुला में30 दिसंबर 1999 से, 2 जनवरी 2000 तक
- मंगलकुम्भ में26 दिसंबर 1999 से, 3 फ़रवरी 2000 तक
- बुधधनु में26 दिसंबर 1999 से, 14 जनवरी 2000 तक
- गुरु (बृहस्पति)मेष में26 मई 1999 से, 2 जून 2000 तक
- शुक्रवृश्चिक में25 दिसंबर 1999 से, 19 जनवरी 2000 तक
- शनिवक्रीमेष में17 अप्रैल 1998 से, 6 जून 2000 तक
- राहुकर्क में11 जनवरी 1999 से, 30 जुलाई 2000 तक
- केतुमकर में11 जनवरी 1999 से, 30 जुलाई 2000 तक
2000 का गोचर कैलेंडर
सभी समय सिएटल के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।
राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय
जनवरी 2000
11 जनवरीरात 9:28
शनि मेष 16°26′ पर मार्गी
14 जनवरीसुबह 9:28
सूर्य का मकर में प्रवेश
14 जनवरीरात 9:41
बुध का मकर में प्रवेश
19 जनवरीसुबह 11:28
शुक्र का धनु में प्रवेश
फ़रवरी 2000
1 फ़रवरीसुबह 10:01
बुध का कुम्भ में प्रवेश
3 फ़रवरीशाम 4:16
मंगल का मीन में प्रवेश
4 फ़रवरीशाम 5:46
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
12 फ़रवरीरात 9:08
शुक्र का मकर में प्रवेश
12 फ़रवरीरात 10:28
सूर्य का कुम्भ में प्रवेश
21 फ़रवरीसुबह 4:46
बुध कुम्भ 23°19′ पर वक्री
23 फ़रवरीदोपहर 3:52
बुध अस्त (7 मार्च तक)†
मार्च 2000
7 मार्चसुबह 10:04
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
8 मार्चसुबह 4:15
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
13 मार्चशाम 7:22
सूर्य का मीन में प्रवेश
14 मार्चसुबह 9:41
मंगल का मेष में प्रवेश
14 मार्चदोपहर 12:39
बुध कुम्भ 8°55′ पर मार्गी
अप्रैल 2000
1 अप्रैलसुबह 11:10
शुक्र का मीन में प्रवेश
8 अप्रैलसुबह 11:45
बुध का मीन में प्रवेश
13 अप्रैलसुबह 4:52
सूर्य का मेष में प्रवेश
22 अप्रैलशाम 5:29
शनि अस्त (28 मई तक)†
22 अप्रैलरात 9:12
गुरु (बृहस्पति) अस्त (23 मई तक)†
24 अप्रैलशाम 7:22
मंगल का वृषभ में प्रवेश
25 अप्रैलशाम 7:35
बुध अस्त (21 मई तक)†
25 अप्रैलरात 8:06
शुक्र का मेष में प्रवेश
26 अप्रैलशाम 5:03
बुध का मेष में प्रवेश
मई 2000
1 मईरात 2:16
मंगल अस्त (25 अगस्त तक)†
4 मईशाम 7:17
शुक्र अस्त (17 जुलाई तक)†
11 मईसुबह 4:15
बुध का वृषभ में प्रवेश
14 मईरात 1:45
सूर्य का वृषभ में प्रवेश
20 मईसुबह 5:18
शुक्र का वृषभ में प्रवेश
21 मईरात 1:38
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
23 मईरात 12:20
गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†
26 मईरात 2:45
बुध का मिथुन में प्रवेश
28 मईदोपहर 12:08
शनि का उदय (अस्त समाप्त)†
जून 2000
2 जूनसुबह 6:35
गुरु (बृहस्पति) का वृषभ में प्रवेश
6 जूनदोपहर 12:32
शनि का वृषभ में प्रवेश
7 जूनरात 2:54
मंगल का मिथुन में प्रवेश
13 जूनदोपहर 3:16
शुक्र का मिथुन में प्रवेश
14 जूनसुबह 8:22
सूर्य का मिथुन में प्रवेश
23 जूनरात 1:31
बुध मिथुन 26°06′ पर वक्री
28 जूनरात 3:22
बुध अस्त (14 जुलाई तक)†
जुलाई 2000
8 जुलाईरात 1:10
शुक्र का कर्क में प्रवेश
14 जुलाईदोपहर 2:01
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
15 जुलाईशाम 7:16
सूर्य का कर्क में प्रवेश
17 जुलाईसुबह 6:20
बुध मिथुन 16°32′ पर मार्गी
17 जुलाईसुबह 11:58
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
22 जुलाईसुबह 7:37
मंगल का कर्क में प्रवेश
30 जुलाईसुबह 9:35
राहु का मिथुन में प्रवेश (वक्री गति से)
30 जुलाईसुबह 9:35
केतु का धनु में प्रवेश (वक्री गति से)
अगस्त 2000
1 अगस्तसुबह 10:44
शुक्र का सिंह में प्रवेश
3 अगस्तसुबह 6:08
बुध का कर्क में प्रवेश
8 अगस्तरात 3:35
बुध अस्त (7 सितंबर तक)†
16 अगस्तरात 3:42
सूर्य का सिंह में प्रवेश
19 अगस्तरात 1:38
बुध का सिंह में प्रवेश
25 अगस्तदोपहर 2:46
मंगल का उदय (अस्त समाप्त)†
25 अगस्तरात 8:36
शुक्र का कन्या में प्रवेश
सितंबर 2000
3 सितंबररात 11:57
बुध का कन्या में प्रवेश
7 सितंबररात 12:25
मंगल का सिंह में प्रवेश
7 सितंबररात 12:42
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
12 सितंबरसुबह 4:03
शनि वृषभ 7°07′ पर वक्री
16 सितंबररात 3:41
सूर्य का कन्या में प्रवेश
19 सितंबरसुबह 7:58
शुक्र का तुला में प्रवेश
23 सितंबरदोपहर 12:57
बुध का तुला में प्रवेश
29 सितंबरसुबह 5:35
गुरु (बृहस्पति) वृषभ 17°22′ पर वक्री
अक्टूबर 2000
13 अक्टूबररात 10:06
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
16 अक्टूबरदोपहर 3:38
सूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टूबरसुबह 6:40
बुध तुला 21°56′ पर वक्री
24 अक्टूबरसुबह 4:21
बुध अस्त (4 नवंबर तक)†
24 अक्टूबररात 8:51
मंगल का कन्या में प्रवेश
नवंबर 2000
4 नवंबरदोपहर 3:50
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
7 नवंबरदोपहर 3:44
शुक्र का धनु में प्रवेश
7 नवंबरशाम 6:28
बुध तुला 6°05′ पर मार्गी
15 नवंबरदोपहर 2:25
सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
29 नवंबरदोपहर 12:26
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
29 नवंबरदोपहर 3:37
बुध अस्त (17 जनवरी तक)†
दिसंबर 2000
2 दिसंबरशाम 7:23
शुक्र का मकर में प्रवेश
12 दिसंबररात 11:23
मंगल का तुला में प्रवेश
15 दिसंबरसुबह 5:01
सूर्य का धनु में प्रवेश
18 दिसंबररात 8:37
बुध का धनु में प्रवेश
28 दिसंबररात 8:59
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।
यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
