पंचांग · गोचर
गोचर 2015: ग्रह कब राशि बदलते हैं
2015 में गुरु (बृहस्पति) 14 जुलाई को सिंह में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।
सभी समय सुवा के स्थानीय समय (Pacific/Fiji, UTC+13/UTC+12) में।
1 जनवरी 2015 को ग्रह
निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।
- सूर्यधनु में16 दिसंबर 2014 से, 15 जनवरी 2015 तक
- चन्द्रमेष में30 दिसंबर 2014 से, 1 जनवरी 2015 तक
- मंगलमकर में27 नवंबर 2014 से, 5 जनवरी 2015 तक
- बुधधनु में13 दिसंबर 2014 से, 1 जनवरी 2015 तक
- गुरु (बृहस्पति)वक्रीकर्क में19 जून 2014 से, 14 जुलाई 2015 तक
- शुक्रमकर में30 दिसंबर 2014 से, 23 जनवरी 2015 तक
- शनिवृश्चिक में3 नवंबर 2014 से, 27 जनवरी 2017 तक
- राहुकन्या में13 जुलाई 2014 से, 30 जनवरी 2016 तक
- केतुमीन में13 जुलाई 2014 से, 30 जनवरी 2016 तक
2015 का गोचर कैलेंडर
सभी समय सुवा के स्थानीय समय (Pacific/Fiji, UTC+13/UTC+12) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।
राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय
जनवरी 2015
1 जनवरीशाम 7:08
बुध का मकर में प्रवेश
2 जनवरीदोपहर 1:24
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
5 जनवरीसुबह 9:19
मंगल का कुम्भ में प्रवेश
15 जनवरीरात 2:50
सूर्य का मकर में प्रवेश
22 जनवरीरात 3:53
बुध मकर 23°01′ पर वक्री
23 जनवरीसुबह 8:42
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
25 जनवरीरात 2:13
बुध अस्त (5 फ़रवरी तक)†
फ़रवरी 2015
5 फ़रवरीशाम 4:31
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
12 फ़रवरीरात 2:57
बुध मकर 7°14′ पर मार्गी
12 फ़रवरीशाम 7:32
मंगल का मीन में प्रवेश
13 फ़रवरीदोपहर 2:49
सूर्य का कुम्भ में प्रवेश
16 फ़रवरीदोपहर 12:34
शुक्र का मीन में प्रवेश
मार्च 2015
9 मार्चदोपहर 12:55
बुध का कुम्भ में प्रवेश
13 मार्चरात 12:31
शुक्र का मेष में प्रवेश
15 मार्चरात 2:29
शनि वृश्चिक 10°52′ पर वक्री
15 मार्चसुबह 11:41
सूर्य का मीन में प्रवेश
24 मार्चसुबह 5:08
मंगल का मेष में प्रवेश
26 मार्चशाम 6:30
बुध अस्त (23 अप्रैल तक)†
28 मार्चसुबह 8:02
बुध का मीन में प्रवेश
अप्रैल 2015
7 अप्रैलरात 2:08
शुक्र का वृषभ में प्रवेश
9 अप्रैलसुबह 5:14
गुरु (बृहस्पति) कर्क 18°31′ पर मार्गी
10 अप्रैलशाम 5:47
मंगल अस्त (12 अगस्त तक)†
12 अप्रैलदोपहर 3:07
बुध का मेष में प्रवेश
14 अप्रैलरात 8:10
सूर्य का मेष में प्रवेश
23 अप्रैलदोपहर 3:52
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
27 अप्रैलशाम 6:25
बुध का वृषभ में प्रवेश
मई 2015
3 मईरात 2:57
शुक्र का मिथुन में प्रवेश
4 मईसुबह 6:15
मंगल का वृषभ में प्रवेश
15 मईशाम 5:01
सूर्य का वृषभ में प्रवेश
19 मईदोपहर 1:48
बुध वृषभ 19°05′ पर वक्री
22 मईशाम 4:13
बुध अस्त (8 जून तक)†
31 मईरात 3:18
शुक्र का कर्क में प्रवेश
जून 2015
8 जूनदोपहर 3:59
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
12 जूनसुबह 10:33
बुध वृषभ 10°29′ पर मार्गी
15 जूनरात 11:35
सूर्य का मिथुन में प्रवेश
16 जूनसुबह 7:30
मंगल का मिथुन में प्रवेश
जुलाई 2015
5 जुलाईशाम 4:06
शुक्र का सिंह में प्रवेश
5 जुलाईशाम 6:44
बुध का मिथुन में प्रवेश
11 जुलाईरात 8:16
बुध अस्त (7 अगस्त तक)†
14 जुलाईदोपहर 12:21
गुरु (बृहस्पति) का सिंह में प्रवेश
17 जुलाईसुबह 10:25
सूर्य का कर्क में प्रवेश
21 जुलाईसुबह 5:29
बुध का कर्क में प्रवेश
25 जुलाईरात 9:27
शुक्र सिंह 6°42′ पर वक्री
31 जुलाईसुबह 8:39
मंगल का कर्क में प्रवेश
अगस्त 2015
2 अगस्तशाम 6:27
शनि वृश्चिक 4°13′ पर मार्गी
5 अगस्तरात 12:39
बुध का सिंह में प्रवेश
7 अगस्तरात 1:17
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
11 अगस्तसुबह 4:30
शुक्र अस्त (21 अगस्त तक)†
12 अगस्तसुबह 8:50
मंगल का उदय (अस्त समाप्त)†
12 अगस्तदोपहर 3:51
गुरु (बृहस्पति) अस्त (11 सितंबर तक)†
14 अगस्तरात 12:07
शुक्र का कर्क में प्रवेश (वक्री गति से)
17 अगस्तशाम 6:48
सूर्य का सिंह में प्रवेश
21 अगस्तसुबह 9:50
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
23 अगस्तदोपहर 3:02
बुध का कन्या में प्रवेश
सितंबर 2015
6 सितंबररात 8:30
शुक्र कर्क 20°19′ पर मार्गी
11 सितंबररात 1:24
गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†
16 सितंबररात 3:50
मंगल का सिंह में प्रवेश
17 सितंबरशाम 6:43
सूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सितंबरसुबह 6:08
बुध कन्या 21°51′ पर वक्री
25 सितंबररात 2:39
बुध अस्त (7 अक्टूबर तक)†
अक्टूबर 2015
1 अक्टूबरसुबह 10:38
शुक्र का सिंह में प्रवेश
7 अक्टूबरदोपहर 1:45
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
10 अक्टूबररात 2:57
बुध कन्या 6°50′ पर मार्गी
18 अक्टूबरसुबह 6:40
सूर्य का तुला में प्रवेश
26 अक्टूबररात 9:05
बुध अस्त (13 दिसंबर तक)†
30 अक्टूबरसुबह 5:10
बुध का तुला में प्रवेश
नवंबर 2015
3 नवंबरदोपहर 2:56
शुक्र का कन्या में प्रवेश
3 नवंबरदोपहर 3:29
मंगल का कन्या में प्रवेश
13 नवंबरशाम 5:37
शनि अस्त (17 दिसंबर तक)†
17 नवंबरसुबह 7:28
सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
17 नवंबरदोपहर 2:57
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
30 नवंबरदोपहर 3:12
शुक्र का तुला में प्रवेश
दिसंबर 2015
6 दिसंबरशाम 7:28
बुध का धनु में प्रवेश
13 दिसंबररात 10:12
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
16 दिसंबररात 10:07
सूर्य का धनु में प्रवेश
17 दिसंबरसुबह 6:12
शनि का उदय (अस्त समाप्त)†
24 दिसंबरदोपहर 1:18
मंगल का तुला में प्रवेश
25 दिसंबररात 10:40
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
27 दिसंबरसुबह 7:13
बुध का मकर में प्रवेश
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।
यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
