पंचांग · गोचर · चन्द्र
2015 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2015 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय सुवा के स्थानीय समय (Pacific/Fiji, UTC+13/UTC+12) में।
2015 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृषभ1 जनवरी, शाम 7:16
- मिथुन4 जनवरी, रात 2:54
- कर्क6 जनवरी, दोपहर 12:24
- सिंह8 जनवरी, रात 11:58
- कन्या11 जनवरी, दोपहर 12:53
- तुला14 जनवरी, रात 1:07
- वृश्चिक16 जनवरी, सुबह 10:13
- धनु18 जनवरी, दोपहर 2:04
- मकर20 जनवरी, दोपहर 3:27
- कुम्भ22 जनवरी, दोपहर 3:19
- मीन24 जनवरी, दोपहर 3:43
- मेष26 जनवरी, शाम 6:16
- वृषभ28 जनवरी, रात 11:41
- मिथुन31 जनवरी, सुबह 7:46
- कर्क2 फ़रवरी, शाम 5:57
- सिंह5 फ़रवरी, सुबह 5:46
- कन्या7 फ़रवरी, शाम 6:39
- तुला10 फ़रवरी, सुबह 7:17
- वृश्चिक12 फ़रवरी, शाम 5:39
- धनु15 फ़रवरी, रात 12:07
- मकर17 फ़रवरी, रात 2:36
- कुम्भ19 फ़रवरी, रात 2:27
- मीन21 फ़रवरी, रात 1:44
- मेष23 फ़रवरी, रात 2:30
- वृषभ25 फ़रवरी, सुबह 6:14
- मिथुन27 फ़रवरी, दोपहर 1:30
- कर्क1 मार्च, रात 11:46
- सिंह4 मार्च, सुबह 11:56
- कन्या7 मार्च, रात 12:49
- तुला9 मार्च, दोपहर 1:20
- वृश्चिक12 मार्च, रात 12:11
- धनु14 मार्च, सुबह 8:02
- मकर16 मार्च, दोपहर 12:17
- कुम्भ18 मार्च, दोपहर 1:28
- मीन20 मार्च, दोपहर 1:04
- मेष22 मार्च, दोपहर 12:59
- वृषभ24 मार्च, दोपहर 3:04
- मिथुन26 मार्च, रात 8:41
- कर्क29 मार्च, सुबह 6:04
- सिंह31 मार्च, शाम 6:09
- कन्या3 अप्रैल, सुबह 7:06
- तुला5 अप्रैल, शाम 7:20
- वृश्चिक8 अप्रैल, सुबह 5:49
- धनु10 अप्रैल, दोपहर 1:59
- मकर12 अप्रैल, शाम 7:28
- कुम्भ14 अप्रैल, रात 10:22
- मीन16 अप्रैल, रात 11:25
- मेष18 अप्रैल, रात 11:51
- वृषभ21 अप्रैल, रात 1:23
- मिथुन23 अप्रैल, सुबह 5:39
- कर्क25 अप्रैल, दोपहर 1:41
- सिंह28 अप्रैल, रात 1:06
- कन्या30 अप्रैल, दोपहर 2:02
- तुला3 मई, रात 2:08
- वृश्चिक5 मई, दोपहर 12:03
- धनु7 मई, शाम 7:33
- मकर10 मई, रात 1:00
- कुम्भ12 मई, सुबह 4:48
- मीन14 मई, सुबह 7:20
- मेष16 मई, सुबह 9:10
- वृषभ18 मई, सुबह 11:21
- मिथुन20 मई, दोपहर 3:19
- कर्क22 मई, रात 10:23
- सिंह25 मई, सुबह 8:57
- कन्या27 मई, रात 9:39
- तुला30 मई, सुबह 9:54
- वृश्चिक1 जून, शाम 7:36
- धनु4 जून, रात 2:19
- मकर6 जून, सुबह 6:49
- कुम्भ8 जून, सुबह 10:10
- मीन10 जून, दोपहर 1:09
- मेष12 जून, शाम 4:09
- वृषभ14 जून, शाम 7:34
- मिथुन17 जून, रात 12:12
- कर्क19 जून, सुबह 7:09
- सिंह21 जून, शाम 5:10
- कन्या24 जून, सुबह 5:37
- तुला26 जून, शाम 6:11
- वृश्चिक29 जून, सुबह 4:17
- धनु1 जुलाई, सुबह 10:47
- मकर3 जुलाई, दोपहर 2:22
- कुम्भ5 जुलाई, शाम 4:30
- मीन7 जुलाई, शाम 6:37
- मेष9 जुलाई, रात 9:36
- वृषभ12 जुलाई, रात 1:47
- मिथुन14 जुलाई, सुबह 7:25
- कर्क16 जुलाई, दोपहर 2:59
- सिंह19 जुलाई, रात 1:00
- कन्या21 जुलाई, दोपहर 1:18
- तुला24 जुलाई, रात 2:13
- वृश्चिक26 जुलाई, दोपहर 1:10
- धनु28 जुलाई, रात 8:21
- मकर30 जुलाई, रात 11:49
- कुम्भ2 अगस्त, रात 12:59
- मीन4 अगस्त, रात 1:41
- मेष6 अगस्त, रात 3:26
- वृषभ8 अगस्त, सुबह 7:10
- मिथुन10 अगस्त, दोपहर 1:11
- कर्क12 अगस्त, रात 9:28
- सिंह15 अगस्त, सुबह 7:57
- कन्या17 अगस्त, रात 8:18
- तुला20 अगस्त, सुबह 9:24
- वृश्चिक22 अगस्त, रात 9:12
- धनु25 अगस्त, सुबह 5:41
- मकर27 अगस्त, सुबह 10:07
- कुम्भ29 अगस्त, सुबह 11:21
- मीन31 अगस्त, सुबह 11:07
- मेष2 सितंबर, सुबह 11:18
- वृषभ4 सितंबर, दोपहर 1:31
- मिथुन6 सितंबर, शाम 6:45
- कर्क9 सितंबर, रात 3:07
- सिंह11 सितंबर, दोपहर 2:03
- कन्या14 सितंबर, रात 2:36
- तुला16 सितंबर, दोपहर 3:41
- वृश्चिक19 सितंबर, रात 3:52
- धनु21 सितंबर, दोपहर 1:33
- मकर23 सितंबर, शाम 7:37
- कुम्भ25 सितंबर, रात 10:05
- मीन27 सितंबर, रात 10:07
- मेष29 सितंबर, रात 9:29
- वृषभ1 अक्टूबर, रात 10:08
- मिथुन4 अक्टूबर, रात 1:43
- कर्क6 अक्टूबर, सुबह 9:07
- सिंह8 अक्टूबर, शाम 7:56
- कन्या11 अक्टूबर, सुबह 8:40
- तुला13 अक्टूबर, रात 9:40
- वृश्चिक16 अक्टूबर, सुबह 9:39
- धनु18 अक्टूबर, शाम 7:42
- मकर21 अक्टूबर, रात 3:03
- कुम्भ23 अक्टूबर, सुबह 7:19
- मीन25 अक्टूबर, सुबह 8:49
- मेष27 अक्टूबर, सुबह 8:42
- वृषभ29 अक्टूबर, सुबह 8:43
- मिथुन31 अक्टूबर, सुबह 10:51
- कर्क2 नवंबर, शाम 5:39
- सिंह5 नवंबर, रात 3:32
- कन्या7 नवंबर, शाम 4:08
- तुला10 नवंबर, सुबह 5:07
- वृश्चिक12 नवंबर, शाम 4:42
- धनु15 नवंबर, रात 2:14
- मकर17 नवंबर, सुबह 9:41
- कुम्भ19 नवंबर, दोपहर 3:04
- मीन21 नवंबर, शाम 6:19
- मेष23 नवंबर, शाम 7:47
- वृषभ25 नवंबर, रात 8:33
- मिथुन27 नवंबर, रात 10:19
- कर्क30 नवंबर, रात 2:56
- सिंह2 दिसंबर, सुबह 11:31
- कन्या4 दिसंबर, रात 11:30
- तुला7 दिसंबर, दोपहर 12:30
- वृश्चिक9 दिसंबर, रात 11:58
- धनु12 दिसंबर, सुबह 8:50
- मकर14 दिसंबर, दोपहर 3:24
- कुम्भ16 दिसंबर, रात 8:24
- मीन19 दिसंबर, रात 12:18
- मेष21 दिसंबर, रात 3:14
- वृषभ23 दिसंबर, सुबह 5:34
- मिथुन25 दिसंबर, सुबह 8:15
- कर्क27 दिसंबर, दोपहर 12:47
- सिंह29 दिसंबर, रात 8:32
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2015: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
