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School of Vedic Sciences, FORE

पंचांग · गोचर

गोचर 2018: ग्रह कब राशि बदलते हैं

2018 में गुरु (बृहस्पति) 11 अक्टूबर को वृश्चिक में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।

सभी समय काठमांडू के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में।

1 जनवरी 2018 को ग्रह

निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।

2018 का गोचर कैलेंडर

सभी समय काठमांडू के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।

राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय

जनवरी 2018

  • 6 जनवरीरात 8:03

    बुध का धनु में प्रवेश

  • 7 जनवरीशाम 6:10

    शनि का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 13 जनवरीदोपहर 2:58

    शुक्र का मकर में प्रवेश

  • 14 जनवरीदोपहर 2:00

    सूर्य का मकर में प्रवेश

  • 17 जनवरीसुबह 5:24

    मंगल का वृश्चिक में प्रवेश

  • 27 जनवरीदोपहर 12:07

    बुध अस्त (6 मार्च तक)†

  • 28 जनवरीरात 1:17

    बुध का मकर में प्रवेश

फ़रवरी 2018

  • 6 फ़रवरीदोपहर 12:12

    शुक्र का कुम्भ में प्रवेश

  • 13 फ़रवरीरात 3:01

    सूर्य का कुम्भ में प्रवेश

  • 15 फ़रवरीरात 3:38

    बुध का कुम्भ में प्रवेश

  • 20 फ़रवरीसुबह 4:42

    शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†

मार्च 2018

  • 2 मार्चसुबह 11:56

    शुक्र का मीन में प्रवेश

  • 3 मार्चसुबह 7:08

    बुध का मीन में प्रवेश

  • 6 मार्चरात 2:56

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 7 मार्चशाम 6:40

    मंगल का धनु में प्रवेश

  • 9 मार्चसुबह 10:12

    गुरु (बृहस्पति) तुला 29°07′ पर वक्री

  • 14 मार्चरात 11:56

    सूर्य का मीन में प्रवेश

  • 23 मार्चसुबह 6:03

    बुध मीन 22°48′ पर वक्री

  • 25 मार्चदोपहर 12:40

    बुध अस्त (8 अप्रैल तक)†

  • 26 मार्चशाम 4:01

    शुक्र का मेष में प्रवेश

अप्रैल 2018

  • 8 अप्रैलरात 9:36

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 14 अप्रैलसुबह 8:27

    सूर्य का मेष में प्रवेश

  • 15 अप्रैलदोपहर 3:06

    बुध मीन 10°40′ पर मार्गी

  • 18 अप्रैलसुबह 6:57

    शनि धनु 15°02′ पर वक्री

  • 20 अप्रैलरात 2:23

    शुक्र का वृषभ में प्रवेश

मई 2018

  • 2 मईशाम 4:30

    मंगल का मकर में प्रवेश

  • 9 मईशाम 5:46

    बुध का मेष में प्रवेश

  • 14 मईरात 9:01

    शुक्र का मिथुन में प्रवेश

  • 15 मईसुबह 5:18

    सूर्य का वृषभ में प्रवेश

  • 25 मईरात 1:30

    बुध अस्त (18 जून तक)†

  • 27 मईसुबह 8:38

    बुध का वृषभ में प्रवेश

जून 2018

  • 9 जूनरात 2:56

    शुक्र का कर्क में प्रवेश

  • 10 जूनसुबह 7:47

    बुध का मिथुन में प्रवेश

  • 15 जूनसुबह 11:51

    सूर्य का मिथुन में प्रवेश

  • 18 जूनसुबह 11:13

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 25 जूनशाम 6:19

    बुध का कर्क में प्रवेश

  • 27 जूनरात 2:45

    मंगल मकर 15°07′ पर वक्री

जुलाई 2018

  • 5 जुलाईरात 2:39

    शुक्र का सिंह में प्रवेश

  • 10 जुलाईरात 11:05

    गुरु (बृहस्पति) तुला 19°14′ पर मार्गी

  • 16 जुलाईरात 10:41

    सूर्य का कर्क में प्रवेश

  • 26 जुलाईसुबह 10:46

    बुध कर्क 29°20′ पर वक्री

अगस्त 2018

  • 1 अगस्तदोपहर 12:41

    शुक्र का कन्या में प्रवेश

  • 2 अगस्तरात 3:38

    बुध अस्त (17 अगस्त तक)†

  • 17 अगस्तरात 12:57

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 17 अगस्तसुबह 7:04

    सूर्य का सिंह में प्रवेश

  • 19 अगस्तसुबह 10:10

    बुध कर्क 17°25′ पर मार्गी

  • 27 अगस्तशाम 7:54

    मंगल मकर 4°30′ पर मार्गी

सितंबर 2018

  • 1 सितंबररात 11:41

    शुक्र का तुला में प्रवेश

  • 2 सितंबररात 9:21

    बुध का सिंह में प्रवेश

  • 5 सितंबरशाम 4:31

    बुध अस्त (11 अक्टूबर तक)†

  • 6 सितंबरशाम 5:27

    शनि धनु 8°26′ पर मार्गी

  • 17 सितंबरसुबह 7:01

    सूर्य का कन्या में प्रवेश

  • 19 सितंबरसुबह 4:29

    बुध का कन्या में प्रवेश

अक्टूबर 2018

  • 6 अक्टूबररात 12:47

    शुक्र तुला 16°43′ पर वक्री

  • 6 अक्टूबरदोपहर 12:57

    बुध का तुला में प्रवेश

  • 11 अक्टूबरसुबह 10:54

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 11 अक्टूबरशाम 7:37

    गुरु (बृहस्पति) का वृश्चिक में प्रवेश

  • 17 अक्टूबरशाम 6:59

    सूर्य का तुला में प्रवेश

  • 21 अक्टूबरशाम 7:09

    शुक्र अस्त (31 अक्टूबर तक)†

  • 26 अक्टूबररात 8:58

    बुध का वृश्चिक में प्रवेश

  • 31 अक्टूबररात 8:25

    शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†

नवंबर 2018

  • 6 नवंबरसुबह 8:38

    मंगल का कुम्भ में प्रवेश

  • 12 नवंबरदोपहर 12:33

    गुरु (बृहस्पति) अस्त (10 दिसंबर तक)†

  • 16 नवंबरशाम 4:37

    शुक्र तुला 1°08′ पर मार्गी

  • 16 नवंबरशाम 6:47

    सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश

  • 17 नवंबरसुबह 7:17

    बुध वृश्चिक 19°22′ पर वक्री

  • 22 नवंबररात 3:35

    बुध अस्त (3 दिसंबर तक)†

दिसंबर 2018

  • 3 दिसंबरसुबह 4:37

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 7 दिसंबररात 3:07

    बुध वृश्चिक 3°09′ पर मार्गी

  • 10 दिसंबरसुबह 9:55

    गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 16 दिसंबरसुबह 9:25

    सूर्य का धनु में प्रवेश

  • 16 दिसंबररात 8:07

    शनि अस्त (19 जनवरी तक)†

  • 23 दिसंबरदोपहर 1:12

    मंगल का मीन में प्रवेश

† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।

यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति

समझें

गोचर क्या है

गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।

वक्री और मार्गी

पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।

अस्त (दहन)

जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।

निरयण राशियाँ

भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।

यह गणना कैसे हुई

NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।

पंचांग में और