पंचांग · गोचर
गोचर 2019: ग्रह कब राशि बदलते हैं
2019 में राहु 7 मार्च को मिथुन में, गुरु (बृहस्पति) 29 मार्च को धनु में, गुरु (बृहस्पति) 22 अप्रैल को वृश्चिक में, गुरु (बृहस्पति) 4 नवंबर को धनु में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।
सभी समय लंदन के स्थानीय समय (Europe/London, GMT/BST) में।
1 जनवरी 2019 को ग्रह
निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।
- सूर्यधनु में16 दिसंबर 2018 से, 14 जनवरी 2019 तक
- चन्द्रतुला में30 दिसंबर 2018 से, 1 जनवरी 2019 तक
- मंगलमीन में23 दिसंबर 2018 से, 5 फ़रवरी 2019 तक
- बुधवृश्चिक में26 अक्टूबर 2018 से, 1 जनवरी 2019 तक
- गुरु (बृहस्पति)वृश्चिक में11 अक्टूबर 2018 से, 29 मार्च 2019 तक
- शुक्रतुला में1 सितंबर 2018 से, 1 जनवरी 2019 तक
- शनिधनु में26 अक्टूबर 2017 से, 24 जनवरी 2020 तक
- राहुकर्क में18 अगस्त 2017 से, 7 मार्च 2019 तक
- केतुमकर में18 अगस्त 2017 से, 7 मार्च 2019 तक
2019 का गोचर कैलेंडर
सभी समय लंदन के स्थानीय समय (Europe/London, GMT/BST) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।
राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय
जनवरी 2019
1 जनवरीसुबह 4:20
बुध का धनु में प्रवेश
1 जनवरीदोपहर 3:13
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
6 जनवरीसुबह 4:07
बुध अस्त (17 फ़रवरी तक)†
14 जनवरीदोपहर 2:21
सूर्य का मकर में प्रवेश
18 जनवरीरात 9:02
शनि का उदय (अस्त समाप्त)†
20 जनवरीदोपहर 3:36
बुध का मकर में प्रवेश
29 जनवरीशाम 5:58
शुक्र का धनु में प्रवेश
फ़रवरी 2019
5 फ़रवरीशाम 6:17
मंगल का मेष में प्रवेश
7 फ़रवरीसुबह 4:40
बुध का कुम्भ में प्रवेश
13 फ़रवरीरात 3:18
सूर्य का कुम्भ में प्रवेश
17 फ़रवरीसुबह 10:21
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
24 फ़रवरीशाम 5:15
शुक्र का मकर में प्रवेश
25 फ़रवरीरात 3:23
बुध का मीन में प्रवेश
मार्च 2019
5 मार्चशाम 6:18
बुध मीन 5°32′ पर वक्री
7 मार्चसुबह 4:03
राहु का मिथुन में प्रवेश (वक्री गति से)
7 मार्चसुबह 4:03
केतु का धनु में प्रवेश (वक्री गति से)
8 मार्चरात 2:39
बुध अस्त (21 मार्च तक)†
15 मार्चरात 12:10
सूर्य का मीन में प्रवेश
15 मार्चरात 3:29
बुध का कुम्भ में प्रवेश (वक्री गति से)
21 मार्चसुबह 11:45
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
21 मार्चरात 10:15
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
22 मार्चसुबह 9:35
मंगल का वृषभ में प्रवेश
28 मार्चदोपहर 1:59
बुध कुम्भ 21°58′ पर मार्गी
29 मार्चदोपहर 2:53
गुरु (बृहस्पति) का धनु में प्रवेश
अप्रैल 2019
10 अप्रैलशाम 5:43
गुरु (बृहस्पति) धनु 0°14′ पर वक्री
11 अप्रैलरात 11:54
बुध का मीन में प्रवेश
14 अप्रैलसुबह 9:39
सूर्य का मेष में प्रवेश
15 अप्रैलरात 8:35
शुक्र का मीन में प्रवेश
22 अप्रैलरात 8:11
गुरु (बृहस्पति) का वृश्चिक में प्रवेश (वक्री गति से)
30 अप्रैलरात 1:20
शनि धनु 26°24′ पर वक्री
मई 2019
3 मईदोपहर 12:33
बुध का मेष में प्रवेश
7 मईरात 2:25
मंगल का मिथुन में प्रवेश
8 मईरात 11:02
बुध अस्त (2 जून तक)†
10 मईदोपहर 2:36
शुक्र का मेष में प्रवेश
15 मईसुबह 6:32
सूर्य का वृषभ में प्रवेश
18 मईशाम 7:05
बुध का वृषभ में प्रवेश
जून 2019
1 जूनशाम 7:47
बुध का मिथुन में प्रवेश
2 जूनशाम 4:30
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
4 जूनसुबह 6:51
शुक्र का वृषभ में प्रवेश
15 जूनदोपहर 1:09
सूर्य का मिथुन में प्रवेश
20 जूनरात 9:57
बुध का कर्क में प्रवेश
22 जूनशाम 6:53
मंगल का कर्क में प्रवेश
28 जूनरात 9:04
शुक्र का मिथुन में प्रवेश
जुलाई 2019
8 जुलाईरात 12:13
बुध कर्क 10°20′ पर वक्री
8 जुलाईरात 10:09
शुक्र अस्त (20 सितंबर तक)†
11 जुलाईरात 11:25
मंगल अस्त (22 अक्टूबर तक)†
13 जुलाईरात 9:04
बुध अस्त (29 जुलाई तक)†
17 जुलाईरात 12:03
सूर्य का कर्क में प्रवेश
23 जुलाईसुबह 8:19
शुक्र का कर्क में प्रवेश
29 जुलाईशाम 4:59
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
30 जुलाईसुबह 7:28
बुध का मिथुन में प्रवेश (वक्री गति से)
अगस्त 2019
1 अगस्तसुबह 4:58
बुध मिथुन 29°49′ पर मार्गी
3 अगस्तरात 1:31
बुध का कर्क में प्रवेश
9 अगस्तरात 12:17
मंगल का सिंह में प्रवेश
11 अगस्तदोपहर 2:55
गुरु (बृहस्पति) वृश्चिक 20°23′ पर मार्गी
16 अगस्तशाम 4:09
शुक्र का सिंह में प्रवेश
17 अगस्तसुबह 8:32
सूर्य का सिंह में प्रवेश
20 अगस्तशाम 6:57
बुध अस्त (21 सितंबर तक)†
26 अगस्तसुबह 9:37
बुध का सिंह में प्रवेश
सितंबर 2019
9 सितंबररात 9:11
शुक्र का कन्या में प्रवेश
11 सितंबररात 12:29
बुध का कन्या में प्रवेश
17 सितंबरसुबह 8:33
सूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सितंबरसुबह 10:20
शनि धनु 19°47′ पर मार्गी
20 सितंबररात 1:35
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
21 सितंबरशाम 7:44
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
25 सितंबररात 2:04
मंगल का कन्या में प्रवेश
29 सितंबरसुबह 8:25
बुध का तुला में प्रवेश
अक्टूबर 2019
4 अक्टूबररात 12:45
शुक्र का तुला में प्रवेश
17 अक्टूबररात 8:34
सूर्य का तुला में प्रवेश
22 अक्टूबरशाम 4:25
मंगल का उदय (अस्त समाप्त)†
23 अक्टूबरशाम 6:43
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
28 अक्टूबररात 3:03
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
31 अक्टूबरदोपहर 3:41
बुध वृश्चिक 3°31′ पर वक्री
नवंबर 2019
4 नवंबररात 11:55
गुरु (बृहस्पति) का धनु में प्रवेश
6 नवंबररात 2:36
बुध अस्त (17 नवंबर तक)†
7 नवंबरसुबह 10:24
बुध का तुला में प्रवेश (वक्री गति से)
10 नवंबरसुबह 8:56
मंगल का तुला में प्रवेश
16 नवंबरशाम 7:22
सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
17 नवंबरसुबह 9:05
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
20 नवंबरशाम 7:11
बुध तुला 17°28′ पर मार्गी
21 नवंबरसुबह 6:53
शुक्र का धनु में प्रवेश
दिसंबर 2019
5 दिसंबरसुबह 5:05
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
13 दिसंबरशाम 7:42
गुरु (बृहस्पति) अस्त (10 जनवरी तक)†
15 दिसंबरदोपहर 12:29
शुक्र का मकर में प्रवेश
15 दिसंबररात 10:25
बुध अस्त (31 जनवरी तक)†
16 दिसंबरसुबह 9:58
सूर्य का धनु में प्रवेश
25 दिसंबरसुबह 10:16
बुध का धनु में प्रवेश
25 दिसंबरशाम 4:00
मंगल का वृश्चिक में प्रवेश
27 दिसंबररात 11:56
शनि अस्त (30 जनवरी तक)†
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।
यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
