पंचांग · गोचर
गोचर 2025: ग्रह कब राशि बदलते हैं
2025 में शनि 29 मार्च को मीन में, गुरु (बृहस्पति) 14 मई को मिथुन में, राहु 18 मई को कुम्भ में, गुरु (बृहस्पति) 18 अक्टूबर को कर्क में, गुरु (बृहस्पति) 5 दिसंबर को मिथुन में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।
सभी समय दुबई के स्थानीय समय (Asia/Dubai, GST) में।
1 जनवरी 2025 को ग्रह
निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।
- सूर्यधनु में15 दिसंबर 2024 से, 14 जनवरी 2025 तक
- चन्द्रधनु में29 दिसंबर 2024 से, 1 जनवरी 2025 तक
- मंगलवक्रीकर्क में20 अक्टूबर 2024 से, 21 जनवरी 2025 तक
- बुधवृश्चिक में29 अक्टूबर 2024 से, 4 जनवरी 2025 तक
- गुरु (बृहस्पति)वक्रीवृषभ में1 मई 2024 से, 14 मई 2025 तक
- शुक्रकुम्भ में28 दिसंबर 2024 से, 28 जनवरी 2025 तक
- शनिकुम्भ में17 जनवरी 2023 से, 29 मार्च 2025 तक
- राहुमीन में30 अक्टूबर 2023 से, 18 मई 2025 तक
- केतुकन्या में30 अक्टूबर 2023 से, 18 मई 2025 तक
2025 का गोचर कैलेंडर
सभी समय दुबई के स्थानीय समय (Asia/Dubai, GST) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।
राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय
जनवरी 2025
4 जनवरीसुबह 10:31
बुध का धनु में प्रवेश
14 जनवरीसुबह 7:19
सूर्य का मकर में प्रवेश
18 जनवरीसुबह 5:33
बुध अस्त (26 फ़रवरी तक)†
21 जनवरीसुबह 8:50
मंगल का मिथुन में प्रवेश (वक्री गति से)
24 जनवरीशाम 4:06
बुध का मकर में प्रवेश
28 जनवरीसुबह 5:25
शुक्र का मीन में प्रवेश
फ़रवरी 2025
4 फ़रवरीदोपहर 1:56
गुरु (बृहस्पति) वृषभ 17°04′ पर मार्गी
11 फ़रवरीसुबह 11:21
बुध का कुम्भ में प्रवेश
12 फ़रवरीरात 8:19
सूर्य का कुम्भ में प्रवेश
23 फ़रवरीदोपहर 1:21
शनि अस्त (29 मार्च तक)†
24 फ़रवरीसुबह 6:04
मंगल मिथुन 22°49′ पर मार्गी
26 फ़रवरीशाम 7:22
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
27 फ़रवरीरात 10:08
बुध का मीन में प्रवेश
मार्च 2025
2 मार्चसुबह 4:34
शुक्र मीन 16°38′ पर वक्री
14 मार्चशाम 5:14
सूर्य का मीन में प्रवेश
15 मार्चसुबह 10:45
बुध मीन 15°23′ पर वक्री
17 मार्चशाम 5:59
बुध अस्त (31 मार्च तक)†
18 मार्चसुबह 5:45
शुक्र अस्त (28 मार्च तक)†
28 मार्चसुबह 5:03
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
29 मार्चशाम 7:25
शनि का मीन में प्रवेश
29 मार्चशाम 7:59
शनि का उदय (अस्त समाप्त)†
31 मार्चशाम 4:24
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
अप्रैल 2025
2 अप्रैलरात 11:41
मंगल का कर्क में प्रवेश
7 अप्रैलदोपहर 3:08
बुध मीन 2°37′ पर मार्गी
13 अप्रैलसुबह 5:03
शुक्र मीन 0°25′ पर मार्गी
14 अप्रैलरात 1:45
सूर्य का मेष में प्रवेश
मई 2025
7 मईरात 2:34
बुध का मेष में प्रवेश
14 मईरात 8:38
गुरु (बृहस्पति) का मिथुन में प्रवेश
14 मईरात 10:35
सूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मईरात 10:52
बुध अस्त (11 जून तक)†
18 मईशाम 7:54
राहु का कुम्भ में प्रवेश (वक्री गति से)
18 मईशाम 7:54
केतु का सिंह में प्रवेश (वक्री गति से)
23 मईसुबह 11:29
बुध का वृषभ में प्रवेश
31 मईसुबह 9:57
शुक्र का मेष में प्रवेश
जून 2025
6 जूनसुबह 7:53
बुध का मिथुन में प्रवेश
7 जूनरात 12:30
मंगल का सिंह में प्रवेश
9 जूनशाम 4:12
गुरु (बृहस्पति) अस्त (9 जुलाई तक)†
11 जूनसुबह 10:31
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
15 जूनसुबह 5:07
सूर्य का मिथुन में प्रवेश
22 जूनशाम 7:54
बुध का कर्क में प्रवेश
29 जूनदोपहर 12:33
शुक्र का वृषभ में प्रवेश
जुलाई 2025
9 जुलाईरात 10:48
गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†
13 जुलाईसुबह 7:34
शनि मीन 7°43′ पर वक्री
16 जुलाईदोपहर 3:54
सूर्य का कर्क में प्रवेश
18 जुलाईसुबह 8:44
बुध कर्क 21°22′ पर वक्री
24 जुलाईशाम 6:16
बुध अस्त (9 अगस्त तक)†
26 जुलाईसुबह 7:20
शुक्र का मिथुन में प्रवेश
28 जुलाईशाम 6:17
मंगल का कन्या में प्रवेश
अगस्त 2025
9 अगस्तरात 1:16
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
11 अगस्तसुबह 11:30
बुध कर्क 10°02′ पर मार्गी
17 अगस्तरात 12:15
सूर्य का सिंह में प्रवेश
20 अगस्तरात 11:43
शुक्र का कर्क में प्रवेश
29 अगस्तदोपहर 2:20
बुध अस्त (2 अक्टूबर तक)†
30 अगस्तदोपहर 3:11
बुध का सिंह में प्रवेश
सितंबर 2025
13 सितंबरशाम 7:42
मंगल का तुला में प्रवेश
14 सितंबररात 10:41
शुक्र का सिंह में प्रवेश
15 सितंबरसुबह 9:33
बुध का कन्या में प्रवेश
17 सितंबररात 12:10
सूर्य का कन्या में प्रवेश
अक्टूबर 2025
2 अक्टूबरशाम 4:06
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
3 अक्टूबररात 2:09
बुध का तुला में प्रवेश
9 अक्टूबरसुबह 9:13
शुक्र का कन्या में प्रवेश
17 अक्टूबरदोपहर 12:09
सूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टूबरशाम 4:46
गुरु (बृहस्पति) का कर्क में प्रवेश
24 अक्टूबरसुबह 10:57
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
27 अक्टूबरदोपहर 2:03
मंगल का वृश्चिक में प्रवेश
नवंबर 2025
2 नवंबरसुबह 11:40
शुक्र का तुला में प्रवेश
6 नवंबररात 10:21
मंगल अस्त (26 मार्च तक)†
9 नवंबररात 11:01
बुध वृश्चिक 12°39′ पर वक्री
11 नवंबररात 8:24
गुरु (बृहस्पति) कर्क 0°56′ पर वक्री
15 नवंबररात 1:35
बुध अस्त (26 नवंबर तक)†
16 नवंबरदोपहर 12:00
सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
23 नवंबरशाम 6:43
बुध का तुला में प्रवेश (वक्री गति से)
26 नवंबरसुबह 4:35
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
26 नवंबरसुबह 9:46
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
26 नवंबरसुबह 10:21
शुक्र अस्त (17 फ़रवरी तक)†
28 नवंबरसुबह 8:22
शनि मीन 0°56′ पर मार्गी
29 नवंबररात 9:38
बुध तुला 26°29′ पर मार्गी
दिसंबर 2025
5 दिसंबरशाम 5:31
गुरु (बृहस्पति) का मिथुन में प्रवेश (वक्री गति से)
6 दिसंबरशाम 7:07
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
7 दिसंबरशाम 6:37
मंगल का धनु में प्रवेश
16 दिसंबररात 2:42
सूर्य का धनु में प्रवेश
20 दिसंबरसुबह 6:09
शुक्र का धनु में प्रवेश
27 दिसंबररात 10:45
बुध अस्त (10 फ़रवरी तक)†
29 दिसंबरसुबह 5:48
बुध का धनु में प्रवेश
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।
यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
