पंचांग · गोचर · चन्द्र
2025 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2025 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय दुबई के स्थानीय समय (Asia/Dubai, GST) में।
2025 में चन्द्र किन राशियों में है
- मकर1 जनवरी, सुबह 4:30
- कुम्भ3 जनवरी, सुबह 9:17
- मीन5 जनवरी, दोपहर 1:04
- मेष7 जनवरी, शाम 4:19
- वृषभ9 जनवरी, शाम 7:16
- मिथुन11 जनवरी, रात 10:24
- कर्क14 जनवरी, रात 2:49
- सिंह16 जनवरी, सुबह 9:46
- कन्या18 जनवरी, शाम 7:58
- तुला21 जनवरी, सुबह 8:33
- वृश्चिक23 जनवरी, रात 9:02
- धनु26 जनवरी, सुबह 6:55
- मकर28 जनवरी, दोपहर 1:21
- कुम्भ30 जनवरी, शाम 5:04
- मीन1 फ़रवरी, शाम 7:28
- मेष3 फ़रवरी, रात 9:46
- वृषभ6 फ़रवरी, रात 12:45
- मिथुन8 फ़रवरी, सुबह 4:50
- कर्क10 फ़रवरी, सुबह 10:26
- सिंह12 फ़रवरी, शाम 6:05
- कन्या15 फ़रवरी, सुबह 4:14
- तुला17 फ़रवरी, शाम 4:32
- वृश्चिक20 फ़रवरी, सुबह 5:19
- धनु22 फ़रवरी, शाम 4:09
- मकर24 फ़रवरी, रात 11:25
- कुम्भ27 फ़रवरी, रात 3:06
- मीन1 मार्च, सुबह 4:27
- मेष3 मार्च, सुबह 5:08
- वृषभ5 मार्च, सुबह 6:42
- मिथुन7 मार्च, सुबह 10:14
- कर्क9 मार्च, शाम 4:15
- सिंह12 मार्च, रात 12:45
- कन्या14 मार्च, सुबह 11:25
- तुला16 मार्च, रात 11:44
- वृश्चिक19 मार्च, दोपहर 12:36
- धनु22 मार्च, रात 12:15
- मकर24 मार्च, सुबह 8:54
- कुम्भ26 मार्च, दोपहर 1:44
- मीन28 मार्च, दोपहर 3:17
- मेष30 मार्च, दोपहर 3:04
- वृषभ1 अप्रैल, दोपहर 2:59
- मिथुन3 अप्रैल, शाम 4:51
- कर्क5 अप्रैल, रात 9:54
- सिंह8 अप्रैल, सुबह 6:24
- कन्या10 अप्रैल, शाम 5:34
- तुला13 अप्रैल, सुबह 6:08
- वृश्चिक15 अप्रैल, शाम 6:56
- धनु18 अप्रैल, सुबह 6:50
- मकर20 अप्रैल, शाम 4:34
- कुम्भ22 अप्रैल, रात 11:00
- मीन25 अप्रैल, रात 1:55
- मेष27 अप्रैल, रात 2:08
- वृषभ29 अप्रैल, रात 1:23
- मिथुन1 मई, रात 1:44
- कर्क3 मई, सुबह 5:06
- सिंह5 मई, दोपहर 12:30
- कन्या7 मई, रात 11:27
- तुला10 मई, दोपहर 12:11
- वृश्चिक13 मई, रात 12:57
- धनु15 मई, दोपहर 12:37
- मकर17 मई, रात 10:33
- कुम्भ20 मई, सुबह 6:05
- मीन22 मई, सुबह 10:38
- मेष24 मई, दोपहर 12:18
- वृषभ26 मई, दोपहर 12:10
- मिथुन28 मई, दोपहर 12:06
- कर्क30 मई, दोपहर 2:11
- सिंह1 जून, रात 8:06
- कन्या4 जून, सुबह 6:04
- तुला6 जून, शाम 6:36
- वृश्चिक9 जून, सुबह 7:20
- धनु11 जून, शाम 6:40
- मकर14 जून, सुबह 4:07
- कुम्भ16 जून, सुबह 11:39
- मीन18 जून, शाम 5:04
- मेष20 जून, रात 8:14
- वृषभ22 जून, रात 9:33
- मिथुन24 जून, रात 10:15
- कर्क27 जून, रात 12:09
- सिंह29 जून, सुबह 5:03
- कन्या1 जुलाई, दोपहर 1:53
- तुला4 जुलाई, रात 1:48
- वृश्चिक6 जुलाई, दोपहर 2:30
- धनु9 जुलाई, रात 1:44
- मकर11 जुलाई, सुबह 10:38
- कुम्भ13 जुलाई, शाम 5:23
- मीन15 जुलाई, रात 10:27
- मेष18 जुलाई, रात 2:08
- वृषभ20 जुलाई, सुबह 4:41
- मिथुन22 जुलाई, सुबह 6:44
- कर्क24 जुलाई, सुबह 9:28
- सिंह26 जुलाई, दोपहर 2:21
- कन्या28 जुलाई, रात 10:29
- तुला31 जुलाई, सुबह 9:44
- वृश्चिक2 अगस्त, रात 10:22
- धनु5 अगस्त, सुबह 9:52
- मकर7 अगस्त, शाम 6:40
- कुम्भ10 अगस्त, रात 12:40
- मीन12 अगस्त, सुबह 4:39
- मेष14 अगस्त, सुबह 7:35
- वृषभ16 अगस्त, सुबह 10:13
- मिथुन18 अगस्त, दोपहर 1:09
- कर्क20 अगस्त, शाम 5:04
- सिंह22 अगस्त, रात 10:46
- कन्या25 अगस्त, सुबह 6:58
- तुला27 अगस्त, शाम 5:50
- वृश्चिक30 अगस्त, सुबह 6:22
- धनु1 सितंबर, शाम 6:24
- मकर4 सितंबर, रात 3:50
- कुम्भ6 सितंबर, सुबह 9:51
- मीन8 सितंबर, दोपहर 12:58
- मेष10 सितंबर, दोपहर 2:32
- वृषभ12 सितंबर, शाम 4:00
- मिथुन14 सितंबर, शाम 6:33
- कर्क16 सितंबर, रात 10:58
- सिंह19 सितंबर, सुबह 5:35
- कन्या21 सितंबर, दोपहर 2:27
- तुला24 सितंबर, रात 1:25
- वृश्चिक26 सितंबर, दोपहर 1:53
- धनु29 सितंबर, रात 2:24
- मकर1 अक्टूबर, दोपहर 12:56
- कुम्भ3 अक्टूबर, शाम 7:57
- मीन5 अक्टूबर, रात 11:15
- मेष7 अक्टूबर, रात 11:57
- वृषभ9 अक्टूबर, रात 11:53
- मिथुन12 अक्टूबर, रात 12:54
- कर्क14 अक्टूबर, सुबह 4:28
- सिंह16 अक्टूबर, सुबह 11:11
- कन्या18 अक्टूबर, रात 8:41
- तुला21 अक्टूबर, सुबह 8:05
- वृश्चिक23 अक्टूबर, रात 8:35
- धनु26 अक्टूबर, सुबह 9:16
- मकर28 अक्टूबर, रात 8:44
- कुम्भ31 अक्टूबर, सुबह 5:18
- मीन2 नवंबर, सुबह 9:56
- मेष4 नवंबर, सुबह 11:04
- वृषभ6 नवंबर, सुबह 10:16
- मिथुन8 नवंबर, सुबह 9:44
- कर्क10 नवंबर, सुबह 11:32
- सिंह12 नवंबर, शाम 5:05
- कन्या15 नवंबर, रात 2:21
- तुला17 नवंबर, दोपहर 2:04
- वृश्चिक20 नवंबर, रात 2:43
- धनु22 नवंबर, दोपहर 3:16
- मकर25 नवंबर, रात 2:56
- कुम्भ27 नवंबर, दोपहर 12:36
- मीन29 नवंबर, शाम 7:03
- मेष1 दिसंबर, रात 9:48
- वृषभ3 दिसंबर, रात 9:44
- मिथुन5 दिसंबर, रात 8:45
- कर्क7 दिसंबर, रात 9:08
- सिंह10 दिसंबर, रात 12:52
- कन्या12 दिसंबर, सुबह 8:50
- तुला14 दिसंबर, रात 8:11
- वृश्चिक17 दिसंबर, सुबह 8:55
- धनु19 दिसंबर, रात 9:20
- मकर22 दिसंबर, सुबह 8:36
- कुम्भ24 दिसंबर, शाम 6:15
- मीन27 दिसंबर, रात 1:40
- मेष29 दिसंबर, सुबह 6:10
- वृषभ31 दिसंबर, सुबह 7:52
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2025: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
