पंचांग · गोचर
गोचर 2035: ग्रह कब राशि बदलते हैं
2035 में गुरु (बृहस्पति) 6 अप्रैल को मेष में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।
सभी समय लंदन के स्थानीय समय (Europe/London, GMT/BST) में।
1 जनवरी 2035 को ग्रह
निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।
- सूर्यधनु में16 दिसंबर 2034 से, 14 जनवरी 2035 तक
- चन्द्रकन्या में31 दिसंबर 2034 से, 2 जनवरी 2035 तक
- मंगलतुला में17 नवंबर 2034 से, 2 जनवरी 2035 तक
- बुधमकर में30 दिसंबर 2034 से, 7 मार्च 2035 तक
- गुरु (बृहस्पति)मीन में28 मार्च 2034 से, 6 अप्रैल 2035 तक
- शुक्रतुला में26 नवंबर 2034 से, 1 जनवरी 2035 तक
- शनिवक्रीकर्क में12 जुलाई 2034 से, 27 अगस्त 2036 तक
- राहुसिंह में5 सितंबर 2034 से, 24 मार्च 2036 तक
- केतुकुम्भ में5 सितंबर 2034 से, 24 मार्च 2036 तक
2035 का गोचर कैलेंडर
सभी समय लंदन के स्थानीय समय (Europe/London, GMT/BST) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।
राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय
जनवरी 2035
1 जनवरीशाम 7:22
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
2 जनवरीरात 10:05
मंगल का वृश्चिक में प्रवेश
14 जनवरीशाम 4:53
सूर्य का मकर में प्रवेश
17 जनवरीसुबह 6:44
बुध मकर 18°35′ पर वक्री
20 जनवरीसुबह 7:22
बुध अस्त (31 जनवरी तक)†
29 जनवरीसुबह 7:59
शुक्र का धनु में प्रवेश
31 जनवरीशाम 6:46
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
फ़रवरी 2035
7 फ़रवरीरात 1:25
बुध मकर 2°41′ पर मार्गी
13 फ़रवरीसुबह 5:51
सूर्य का कुम्भ में प्रवेश
17 फ़रवरीदोपहर 12:10
मंगल का धनु में प्रवेश
24 फ़रवरीरात 2:01
शुक्र का मकर में प्रवेश
मार्च 2035
7 मार्चदोपहर 12:40
बुध का कुम्भ में प्रवेश
15 मार्चरात 2:41
सूर्य का मीन में प्रवेश
21 मार्चसुबह 4:17
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
21 मार्चसुबह 11:46
बुध अस्त (19 अप्रैल तक)†
25 मार्चशाम 7:31
बुध का मीन में प्रवेश
30 मार्चदोपहर 2:42
शनि कर्क 4°05′ पर मार्गी
अप्रैल 2035
2 अप्रैलसुबह 8:40
गुरु (बृहस्पति) अस्त (2 मई तक)†
4 अप्रैलरात 3:58
मंगल का मकर में प्रवेश
6 अप्रैलसुबह 7:15
गुरु (बृहस्पति) का मेष में प्रवेश
9 अप्रैलरात 10:18
बुध का मेष में प्रवेश
14 अप्रैलदोपहर 12:05
सूर्य का मेष में प्रवेश
15 अप्रैलरात 12:57
शुक्र का मीन में प्रवेश
19 अप्रैलरात 12:05
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
25 अप्रैलशाम 7:53
बुध का वृषभ में प्रवेश
मई 2035
2 मईरात 3:39
गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†
9 मईशाम 5:53
शुक्र का मेष में प्रवेश
13 मईशाम 7:39
बुध वृषभ 13°38′ पर वक्री
15 मईसुबह 8:52
सूर्य का वृषभ में प्रवेश
16 मईशाम 5:29
बुध अस्त (2 जून तक)†
21 मईसुबह 11:08
मंगल का कुम्भ में प्रवेश
जून 2035
2 जूनदोपहर 2:51
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
3 जूनसुबह 9:22
शुक्र का वृषभ में प्रवेश
6 जूनदोपहर 3:53
बुध वृषभ 4°58′ पर मार्गी
15 जूनदोपहर 3:26
सूर्य का मिथुन में प्रवेश
27 जूनरात 11:05
शुक्र का मिथुन में प्रवेश
जुलाई 2035
3 जुलाईदोपहर 3:13
बुध का मिथुन में प्रवेश
4 जुलाईसुबह 10:29
शुक्र अस्त (15 सितंबर तक)†
7 जुलाईसुबह 5:20
बुध अस्त (2 अगस्त तक)†
14 जुलाईसुबह 5:36
शनि अस्त (19 अगस्त तक)†
17 जुलाईरात 2:19
सूर्य का कर्क में प्रवेश
18 जुलाईसुबह 11:25
बुध का कर्क में प्रवेश
21 जुलाईसुबह 5:34
मंगल का मीन में प्रवेश
22 जुलाईसुबह 10:05
शुक्र का कर्क में प्रवेश
अगस्त 2035
2 अगस्तरात 1:48
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
2 अगस्तसुबह 11:36
बुध का सिंह में प्रवेश
15 अगस्तसुबह 10:57
मंगल मीन 4°05′ पर वक्री
15 अगस्तशाम 5:54
शुक्र का सिंह में प्रवेश
17 अगस्तसुबह 10:47
सूर्य का सिंह में प्रवेश
19 अगस्तसुबह 10:14
शनि का उदय (अस्त समाप्त)†
21 अगस्तरात 9:05
बुध का कन्या में प्रवेश
सितंबर 2035
8 सितंबररात 11:09
शुक्र का कन्या में प्रवेश
9 सितंबरदोपहर 2:57
गुरु (बृहस्पति) मेष 26°22′ पर वक्री
10 सितंबरसुबह 6:26
मंगल का कुम्भ में प्रवेश (वक्री गति से)
13 सितंबररात 3:27
बुध कन्या 17°16′ पर वक्री
15 सितंबरसुबह 11:04
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
17 सितंबरसुबह 10:49
सूर्य का कन्या में प्रवेश
20 सितंबररात 2:28
बुध अस्त (2 अक्टूबर तक)†
अक्टूबर 2035
2 अक्टूबरशाम 5:54
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
3 अक्टूबररात 3:06
शुक्र का तुला में प्रवेश
5 अक्टूबरसुबह 5:53
बुध कन्या 2°26′ पर मार्गी
15 अक्टूबरसुबह 9:36
मंगल कुम्भ 23°24′ पर मार्गी
17 अक्टूबररात 10:51
सूर्य का तुला में प्रवेश
21 अक्टूबरदोपहर 2:54
बुध अस्त (7 दिसंबर तक)†
27 अक्टूबरसुबह 6:55
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
27 अक्टूबररात 8:29
बुध का तुला में प्रवेश
नवंबर 2035
15 नवंबररात 3:01
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
16 नवंबररात 9:43
सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
17 नवंबररात 9:20
मंगल का मीन में प्रवेश
20 नवंबरसुबह 10:26
शुक्र का धनु में प्रवेश
30 नवंबरसुबह 10:37
शनि कर्क 24°53′ पर वक्री
दिसंबर 2035
4 दिसंबरसुबह 10:26
बुध का धनु में प्रवेश
7 दिसंबररात 8:05
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
14 दिसंबरशाम 4:55
शुक्र का मकर में प्रवेश
16 दिसंबरदोपहर 12:23
सूर्य का धनु में प्रवेश
26 दिसंबरदोपहर 1:29
बुध का मकर में प्रवेश
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।
यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
