पंचांग · गोचर · बुध
2042 में बुध का गोचर
2042 में बुध 17 बार राशि बदलता है: 23 जनवरी को धनु (वक्री, पीछे की ओर), 9 फ़रवरी को मकर, 4 मार्च को कुम्भ, 22 मार्च को मीन …। वक्री: 10 जनवरी, 5 मई, 5 सितंबर, 25 दिसंबर से।
सभी समय मेलबर्न के स्थानीय समय (Australia/Melbourne, AEDT/AEST) में।
2042 में बुध किन राशियों में है
- मकर28 दिसंबर, सुबह 5:38 2041 → 23 जनवरी, सुबह 8:31 2042· 26 दिन
- धनु(वक्री गति से प्रवेश)23 जनवरी, सुबह 8:31 2042 → 9 फ़रवरी, सुबह 4:40 2042· 17 दिन
- मकर9 फ़रवरी, सुबह 4:40 2042 → 4 मार्च, रात 11:58 2042· 24 दिन
- कुम्भ4 मार्च, रात 11:58 2042 → 22 मार्च, दोपहर 1:37 2042· 18 दिन
- मीन22 मार्च, दोपहर 1:37 2042 → 6 अप्रैल, सुबह 11:46 2042· 15 दिन
- मेष6 अप्रैल, सुबह 11:46 2042 → 24 अप्रैल, शाम 7:50 2042· 18 दिन
- वृषभ24 अप्रैल, शाम 7:50 2042 → 18 मई, शाम 5:29 2042· 24 दिन
- मेष(वक्री गति से प्रवेश)18 मई, शाम 5:29 2042 → 8 जून, सुबह 11:20 2042· 21 दिन
- वृषभ8 जून, सुबह 11:20 2042 → 30 जून, दोपहर 2:51 2042· 22 दिन
- मिथुन30 जून, दोपहर 2:51 2042 → 14 जुलाई, रात 9:29 2042· 14 दिन
- कर्क14 जुलाई, रात 9:29 2042 → 30 जुलाई, सुबह 8:32 2042· 15 दिन
- सिंह30 जुलाई, सुबह 8:32 2042 → 20 अगस्त, दोपहर 1:08 2042· 21 दिन
- कन्या20 अगस्त, दोपहर 1:08 2042 → 20 सितंबर, शाम 4:03 2042· 31 दिन
- सिंह(वक्री गति से प्रवेश)20 सितंबर, शाम 4:03 2042 → 5 अक्टूबर, शाम 7:59 2042· 15 दिन
- कन्या5 अक्टूबर, शाम 7:59 2042 → 24 अक्टूबर, शाम 7:40 2042· 19 दिन
- तुला24 अक्टूबर, शाम 7:40 2042 → 12 नवंबर, रात 3:59 2042· 18 दिन
- वृश्चिक12 नवंबर, रात 3:59 2042 → 1 दिसंबर, शाम 6:16 2042· 20 दिन
- धनु1 दिसंबर, शाम 6:16 2042 → 6 फ़रवरी, सुबह 5:15 2043· लगभग 2 महीने
तारीखवार
सभी समय मेलबर्न के स्थानीय समय (Australia/Melbourne, AEDT/AEST) में।
जनवरी 2042
10 जनवरीदोपहर 1:47
बुध मकर 11°46′ पर वक्री
13 जनवरीशाम 6:15
बुध अस्त (25 जनवरी तक)†
23 जनवरीसुबह 8:31
बुध का धनु में प्रवेश (वक्री गति से)
25 जनवरीरात 1:50
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
31 जनवरीरात 2:32
बुध धनु 25°43′ पर मार्गी
फ़रवरी 2042
9 फ़रवरीसुबह 4:40
बुध का मकर में प्रवेश
मार्च 2042
4 मार्चरात 11:58
बुध का कुम्भ में प्रवेश
14 मार्चरात 12:29
बुध अस्त (12 अप्रैल तक)†
22 मार्चदोपहर 1:37
बुध का मीन में प्रवेश
अप्रैल 2042
6 अप्रैलसुबह 11:46
बुध का मेष में प्रवेश
12 अप्रैलसुबह 11:05
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
24 अप्रैलशाम 7:50
बुध का वृषभ में प्रवेश
मई 2042
5 मईदोपहर 3:12
बुध वृषभ 5°19′ पर वक्री
8 मईसुबह 7:31
बुध अस्त (24 मई तक)†
18 मईशाम 5:29
बुध का मेष में प्रवेश (वक्री गति से)
24 मईरात 11:05
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
29 मईसुबह 11:32
बुध मेष 26°20′ पर मार्गी
जून 2042
8 जूनसुबह 11:20
बुध का वृषभ में प्रवेश
30 जूनदोपहर 2:51
बुध का मिथुन में प्रवेश
30 जूनशाम 5:52
बुध अस्त (26 जुलाई तक)†
जुलाई 2042
14 जुलाईरात 9:29
बुध का कर्क में प्रवेश
26 जुलाईरात 3:06
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
30 जुलाईसुबह 8:32
बुध का सिंह में प्रवेश
अगस्त 2042
20 अगस्तदोपहर 1:08
बुध का कन्या में प्रवेश
सितंबर 2042
5 सितंबररात 9:20
बुध कन्या 10°07′ पर वक्री
12 सितंबररात 11:15
बुध अस्त (25 सितंबर तक)†
20 सितंबरशाम 4:03
बुध का सिंह में प्रवेश (वक्री गति से)
25 सितंबररात 9:45
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
28 सितंबरसुबह 8:18
बुध सिंह 25°36′ पर मार्गी
अक्टूबर 2042
5 अक्टूबरशाम 7:59
बुध का कन्या में प्रवेश
14 अक्टूबरसुबह 8:41
बुध अस्त (29 नवंबर तक)†
24 अक्टूबरशाम 7:40
बुध का तुला में प्रवेश
नवंबर 2042
12 नवंबररात 3:59
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
29 नवंबरसुबह 4:34
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
दिसंबर 2042
1 दिसंबरशाम 6:16
बुध का धनु में प्रवेश
25 दिसंबरसुबह 11:43
बुध धनु 25°49′ पर वक्री
29 दिसंबररात 2:21
बुध अस्त (9 जनवरी तक)†
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। यहाँ बुध को सूर्य से 14° (वक्री में 12°) के भीतर अस्त माना गया है (सूर्य सिद्धान्त); कुछ पंचांग अन्य सीमा या दृश्यता का नियम लेते हैं।
यह भी देखें: बुध (शब्दकोश) · गोचर 2042: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
