पंचांग · गोचर · चन्द्र
1996 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1996 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय पोखरा के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में।
1996 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृषभ1 जनवरी, शाम 7:51
- मिथुन4 जनवरी, सुबह 8:08
- कर्क6 जनवरी, रात 8:45
- सिंह9 जनवरी, सुबह 8:55
- कन्या11 जनवरी, शाम 7:46
- तुला14 जनवरी, सुबह 4:02
- वृश्चिक16 जनवरी, सुबह 8:43
- धनु18 जनवरी, सुबह 9:59
- मकर20 जनवरी, सुबह 9:16
- कुम्भ22 जनवरी, सुबह 8:43
- मीन24 जनवरी, सुबह 10:35
- मेष26 जनवरी, शाम 4:22
- वृषभ29 जनवरी, रात 2:08
- मिथुन31 जनवरी, दोपहर 2:21
- कर्क3 फ़रवरी, रात 3:02
- सिंह5 फ़रवरी, दोपहर 2:54
- कन्या8 फ़रवरी, रात 1:22
- तुला10 फ़रवरी, सुबह 9:56
- वृश्चिक12 फ़रवरी, दोपहर 3:55
- धनु14 फ़रवरी, शाम 7:00
- मकर16 फ़रवरी, शाम 7:48
- कुम्भ18 फ़रवरी, शाम 7:52
- मीन20 फ़रवरी, रात 9:11
- मेष23 फ़रवरी, रात 1:34
- वृषभ25 फ़रवरी, सुबह 9:53
- मिथुन27 फ़रवरी, रात 9:24
- कर्क1 मार्च, सुबह 10:03
- सिंह3 मार्च, रात 9:49
- कन्या6 मार्च, सुबह 7:42
- तुला8 मार्च, दोपहर 3:32
- वृश्चिक10 मार्च, रात 9:24
- धनु13 मार्च, रात 1:21
- मकर15 मार्च, रात 3:43
- कुम्भ17 मार्च, सुबह 5:19
- मीन19 मार्च, सुबह 7:26
- मेष21 मार्च, सुबह 11:34
- वृषभ23 मार्च, शाम 6:52
- मिथुन26 मार्च, सुबह 5:26
- कर्क28 मार्च, शाम 5:51
- सिंह31 मार्च, सुबह 5:50
- कन्या2 अप्रैल, दोपहर 3:35
- तुला4 अप्रैल, रात 10:37
- वृश्चिक7 अप्रैल, रात 3:24
- धनु9 अप्रैल, सुबह 6:44
- मकर11 अप्रैल, सुबह 9:26
- कुम्भ13 अप्रैल, दोपहर 12:11
- मीन15 अप्रैल, दोपहर 3:39
- मेष17 अप्रैल, रात 8:37
- वृषभ20 अप्रैल, रात 3:53
- मिथुन22 अप्रैल, दोपहर 1:52
- कर्क25 अप्रैल, रात 1:57
- सिंह27 अप्रैल, दोपहर 2:17
- कन्या30 अप्रैल, रात 12:33
- तुला2 मई, सुबह 7:31
- वृश्चिक4 मई, सुबह 11:23
- धनु6 मई, दोपहर 1:24
- मकर8 मई, दोपहर 3:03
- कुम्भ10 मई, शाम 5:36
- मीन12 मई, रात 9:45
- मेष15 मई, रात 3:45
- वृषभ17 मई, सुबह 11:43
- मिथुन19 मई, रात 9:46
- कर्क22 मई, सुबह 9:41
- सिंह24 मई, रात 10:18
- कन्या27 मई, सुबह 9:28
- तुला29 मई, शाम 5:14
- वृश्चिक31 मई, रात 9:08
- धनु2 जून, रात 10:15
- मकर4 जून, रात 10:28
- कुम्भ6 जून, रात 11:38
- मीन9 जून, रात 3:08
- मेष11 जून, सुबह 9:24
- वृषभ13 जून, शाम 6:03
- मिथुन16 जून, सुबह 4:35
- कर्क18 जून, शाम 4:35
- सिंह21 जून, सुबह 5:20
- कन्या23 जून, शाम 5:17
- तुला26 जून, रात 2:21
- वृश्चिक28 जून, सुबह 7:19
- धनु30 जून, सुबह 8:39
- मकर2 जुलाई, सुबह 8:04
- कुम्भ4 जुलाई, सुबह 7:46
- मीन6 जुलाई, सुबह 9:43
- मेष8 जुलाई, दोपहर 3:01
- वृषभ10 जुलाई, रात 11:36
- मिथुन13 जुलाई, सुबह 10:31
- कर्क15 जुलाई, रात 10:44
- सिंह18 जुलाई, सुबह 11:29
- कन्या20 जुलाई, रात 11:44
- तुला23 जुलाई, सुबह 9:52
- वृश्चिक25 जुलाई, शाम 4:23
- धनु27 जुलाई, शाम 6:59
- मकर29 जुलाई, शाम 6:49
- कुम्भ31 जुलाई, शाम 5:55
- मीन2 अगस्त, शाम 6:27
- मेष4 अगस्त, रात 10:08
- वृषभ7 अगस्त, सुबह 5:39
- मिथुन9 अगस्त, शाम 4:19
- कर्क12 अगस्त, सुबह 4:41
- सिंह14 अगस्त, शाम 5:23
- कन्या17 अगस्त, सुबह 5:26
- तुला19 अगस्त, दोपहर 3:50
- वृश्चिक21 अगस्त, रात 11:29
- धनु24 अगस्त, रात 3:43
- मकर26 अगस्त, सुबह 5:00
- कुम्भ28 अगस्त, सुबह 4:43
- मीन30 अगस्त, सुबह 4:50
- मेष1 सितंबर, सुबह 7:14
- वृषभ3 सितंबर, दोपहर 1:15
- मिथुन5 सितंबर, रात 10:57
- कर्क8 सितंबर, सुबह 11:06
- सिंह10 सितंबर, रात 11:46
- कन्या13 सितंबर, सुबह 11:28
- तुला15 सितंबर, रात 9:23
- वृश्चिक18 सितंबर, सुबह 5:04
- धनु20 सितंबर, सुबह 10:16
- मकर22 सितंबर, दोपहर 1:08
- कुम्भ24 सितंबर, दोपहर 2:23
- मीन26 सितंबर, दोपहर 3:18
- मेष28 सितंबर, शाम 5:29
- वृषभ30 सितंबर, रात 10:24
- मिथुन3 अक्टूबर, सुबह 6:54
- कर्क5 अक्टूबर, शाम 6:26
- सिंह8 अक्टूबर, सुबह 7:06
- कन्या10 अक्टूबर, शाम 6:43
- तुला13 अक्टूबर, सुबह 4:00
- वृश्चिक15 अक्टूबर, सुबह 10:49
- धनु17 अक्टूबर, दोपहर 3:39
- मकर19 अक्टूबर, शाम 7:06
- कुम्भ21 अक्टूबर, रात 9:43
- मीन24 अक्टूबर, रात 12:07
- मेष26 अक्टूबर, रात 3:12
- वृषभ28 अक्टूबर, सुबह 8:05
- मिथुन30 अक्टूबर, दोपहर 3:47
- कर्क2 नवंबर, रात 2:34
- सिंह4 नवंबर, दोपहर 3:11
- कन्या7 नवंबर, रात 3:08
- तुला9 नवंबर, दोपहर 12:23
- वृश्चिक11 नवंबर, शाम 6:23
- धनु13 नवंबर, रात 10:00
- मकर16 नवंबर, रात 12:33
- कुम्भ18 नवंबर, रात 3:12
- मीन20 नवंबर, सुबह 6:35
- मेष22 नवंबर, सुबह 10:58
- वृषभ24 नवंबर, शाम 4:45
- मिथुन27 नवंबर, रात 12:32
- कर्क29 नवंबर, सुबह 10:54
- सिंह1 दिसंबर, रात 11:21
- कन्या4 दिसंबर, सुबह 11:53
- तुला6 दिसंबर, रात 9:53
- वृश्चिक9 दिसंबर, सुबह 4:01
- धनु11 दिसंबर, सुबह 6:47
- मकर13 दिसंबर, सुबह 7:53
- कुम्भ15 दिसंबर, सुबह 9:09
- मीन17 दिसंबर, सुबह 11:56
- मेष19 दिसंबर, शाम 4:45
- वृषभ21 दिसंबर, रात 11:31
- मिथुन24 दिसंबर, सुबह 8:04
- कर्क26 दिसंबर, शाम 6:34
- सिंह29 दिसंबर, सुबह 6:54
- कन्या31 दिसंबर, शाम 7:50
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1996: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
