पंचांग · गोचर · चन्द्र
1996 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1996 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय ऑकलैंड के स्थानीय समय (Pacific/Auckland, NZDT/NZST) में।
1996 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृषभ2 जनवरी, रात 3:06
- मिथुन4 जनवरी, दोपहर 3:23
- कर्क7 जनवरी, सुबह 4:00
- सिंह9 जनवरी, शाम 4:10
- कन्या12 जनवरी, रात 3:01
- तुला14 जनवरी, सुबह 11:17
- वृश्चिक16 जनवरी, दोपहर 3:58
- धनु18 जनवरी, शाम 5:14
- मकर20 जनवरी, शाम 4:31
- कुम्भ22 जनवरी, दोपहर 3:58
- मीन24 जनवरी, शाम 5:50
- मेष26 जनवरी, रात 11:37
- वृषभ29 जनवरी, सुबह 9:23
- मिथुन31 जनवरी, रात 9:36
- कर्क3 फ़रवरी, सुबह 10:17
- सिंह5 फ़रवरी, रात 10:09
- कन्या8 फ़रवरी, सुबह 8:37
- तुला10 फ़रवरी, शाम 5:11
- वृश्चिक12 फ़रवरी, रात 11:10
- धनु15 फ़रवरी, रात 2:15
- मकर17 फ़रवरी, रात 3:03
- कुम्भ19 फ़रवरी, रात 3:07
- मीन21 फ़रवरी, सुबह 4:26
- मेष23 फ़रवरी, सुबह 8:49
- वृषभ25 फ़रवरी, शाम 5:08
- मिथुन28 फ़रवरी, सुबह 4:39
- कर्क1 मार्च, शाम 5:18
- सिंह4 मार्च, सुबह 5:04
- कन्या6 मार्च, दोपहर 2:57
- तुला8 मार्च, रात 10:47
- वृश्चिक11 मार्च, सुबह 4:39
- धनु13 मार्च, सुबह 8:36
- मकर15 मार्च, सुबह 10:58
- कुम्भ17 मार्च, सुबह 11:34
- मीन19 मार्च, दोपहर 1:41
- मेष21 मार्च, शाम 5:49
- वृषभ24 मार्च, रात 1:07
- मिथुन26 मार्च, सुबह 11:41
- कर्क29 मार्च, रात 12:06
- सिंह31 मार्च, दोपहर 12:05
- कन्या2 अप्रैल, रात 9:50
- तुला5 अप्रैल, सुबह 4:52
- वृश्चिक7 अप्रैल, सुबह 9:39
- धनु9 अप्रैल, दोपहर 12:59
- मकर11 अप्रैल, दोपहर 3:41
- कुम्भ13 अप्रैल, शाम 6:26
- मीन15 अप्रैल, रात 9:54
- मेष18 अप्रैल, रात 2:52
- वृषभ20 अप्रैल, सुबह 10:08
- मिथुन22 अप्रैल, रात 8:07
- कर्क25 अप्रैल, सुबह 8:12
- सिंह27 अप्रैल, रात 8:32
- कन्या30 अप्रैल, सुबह 6:48
- तुला2 मई, दोपहर 1:46
- वृश्चिक4 मई, शाम 5:38
- धनु6 मई, शाम 7:39
- मकर8 मई, रात 9:18
- कुम्भ10 मई, रात 11:51
- मीन13 मई, सुबह 4:00
- मेष15 मई, सुबह 10:00
- वृषभ17 मई, शाम 5:58
- मिथुन20 मई, सुबह 4:01
- कर्क22 मई, दोपहर 3:56
- सिंह25 मई, सुबह 4:33
- कन्या27 मई, दोपहर 3:43
- तुला29 मई, रात 11:29
- वृश्चिक1 जून, रात 3:23
- धनु3 जून, सुबह 4:30
- मकर5 जून, सुबह 4:43
- कुम्भ7 जून, सुबह 5:53
- मीन9 जून, सुबह 9:23
- मेष11 जून, दोपहर 3:39
- वृषभ14 जून, रात 12:18
- मिथुन16 जून, सुबह 10:50
- कर्क18 जून, रात 10:50
- सिंह21 जून, सुबह 11:35
- कन्या23 जून, रात 11:32
- तुला26 जून, सुबह 8:36
- वृश्चिक28 जून, दोपहर 1:34
- धनु30 जून, दोपहर 2:54
- मकर2 जुलाई, दोपहर 2:19
- कुम्भ4 जुलाई, दोपहर 2:01
- मीन6 जुलाई, दोपहर 3:58
- मेष8 जुलाई, रात 9:16
- वृषभ11 जुलाई, सुबह 5:51
- मिथुन13 जुलाई, शाम 4:46
- कर्क16 जुलाई, सुबह 4:59
- सिंह18 जुलाई, शाम 5:44
- कन्या21 जुलाई, सुबह 5:59
- तुला23 जुलाई, शाम 4:07
- वृश्चिक25 जुलाई, रात 10:38
- धनु28 जुलाई, रात 1:14
- मकर30 जुलाई, रात 1:04
- कुम्भ1 अगस्त, रात 12:10
- मीन3 अगस्त, रात 12:42
- मेष5 अगस्त, सुबह 4:23
- वृषभ7 अगस्त, सुबह 11:54
- मिथुन9 अगस्त, रात 10:34
- कर्क12 अगस्त, सुबह 10:56
- सिंह14 अगस्त, रात 11:38
- कन्या17 अगस्त, सुबह 11:41
- तुला19 अगस्त, रात 10:05
- वृश्चिक22 अगस्त, सुबह 5:44
- धनु24 अगस्त, सुबह 9:58
- मकर26 अगस्त, सुबह 11:15
- कुम्भ28 अगस्त, सुबह 10:58
- मीन30 अगस्त, सुबह 11:05
- मेष1 सितंबर, दोपहर 1:29
- वृषभ3 सितंबर, शाम 7:30
- मिथुन6 सितंबर, सुबह 5:12
- कर्क8 सितंबर, शाम 5:21
- सिंह11 सितंबर, सुबह 6:01
- कन्या13 सितंबर, शाम 5:43
- तुला16 सितंबर, रात 3:38
- वृश्चिक18 सितंबर, सुबह 11:19
- धनु20 सितंबर, शाम 4:31
- मकर22 सितंबर, शाम 7:23
- कुम्भ24 सितंबर, रात 8:38
- मीन26 सितंबर, रात 9:33
- मेष28 सितंबर, रात 11:44
- वृषभ1 अक्टूबर, सुबह 4:39
- मिथुन3 अक्टूबर, दोपहर 1:09
- कर्क6 अक्टूबर, रात 12:41
- सिंह8 अक्टूबर, दोपहर 2:21
- कन्या11 अक्टूबर, रात 1:58
- तुला13 अक्टूबर, सुबह 11:15
- वृश्चिक15 अक्टूबर, शाम 6:04
- धनु17 अक्टूबर, रात 10:54
- मकर20 अक्टूबर, रात 2:21
- कुम्भ22 अक्टूबर, सुबह 4:58
- मीन24 अक्टूबर, सुबह 7:22
- मेष26 अक्टूबर, सुबह 10:27
- वृषभ28 अक्टूबर, दोपहर 3:20
- मिथुन30 अक्टूबर, रात 11:02
- कर्क2 नवंबर, सुबह 9:49
- सिंह4 नवंबर, रात 10:26
- कन्या7 नवंबर, सुबह 10:23
- तुला9 नवंबर, शाम 7:38
- वृश्चिक12 नवंबर, रात 1:38
- धनु14 नवंबर, सुबह 5:15
- मकर16 नवंबर, सुबह 7:48
- कुम्भ18 नवंबर, सुबह 10:27
- मीन20 नवंबर, दोपहर 1:50
- मेष22 नवंबर, शाम 6:13
- वृषभ25 नवंबर, रात 12:00
- मिथुन27 नवंबर, सुबह 7:47
- कर्क29 नवंबर, शाम 6:09
- सिंह2 दिसंबर, सुबह 6:36
- कन्या4 दिसंबर, शाम 7:08
- तुला7 दिसंबर, सुबह 5:08
- वृश्चिक9 दिसंबर, सुबह 11:16
- धनु11 दिसंबर, दोपहर 2:02
- मकर13 दिसंबर, दोपहर 3:08
- कुम्भ15 दिसंबर, शाम 4:24
- मीन17 दिसंबर, शाम 7:11
- मेष20 दिसंबर, रात 12:00
- वृषभ22 दिसंबर, सुबह 6:46
- मिथुन24 दिसंबर, दोपहर 3:19
- कर्क27 दिसंबर, रात 1:49
- सिंह29 दिसंबर, दोपहर 2:09
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1996: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
