पंचांग · गोचर · चन्द्र
1997 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1997 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय वैंकूवर के स्थानीय समय (America/Vancouver, PST/PDT) में।
1997 में चन्द्र किन राशियों में है
- तुला2 जनवरी, शाम 5:15
- वृश्चिक5 जनवरी, रात 12:35
- धनु7 जनवरी, रात 3:45
- मकर9 जनवरी, सुबह 4:09
- कुम्भ11 जनवरी, रात 3:53
- मीन13 जनवरी, सुबह 4:56
- मेष15 जनवरी, सुबह 8:37
- वृषभ17 जनवरी, दोपहर 3:16
- मिथुन20 जनवरी, रात 12:26
- कर्क22 जनवरी, सुबह 11:27
- सिंह24 जनवरी, रात 11:52
- कन्या27 जनवरी, दोपहर 12:50
- तुला30 जनवरी, रात 12:45
- वृश्चिक1 फ़रवरी, सुबह 9:37
- धनु3 फ़रवरी, दोपहर 2:21
- मकर5 फ़रवरी, दोपहर 3:30
- कुम्भ7 फ़रवरी, दोपहर 2:49
- मीन9 फ़रवरी, दोपहर 2:26
- मेष11 फ़रवरी, शाम 4:15
- वृषभ13 फ़रवरी, रात 9:27
- मिथुन16 फ़रवरी, सुबह 6:09
- कर्क18 फ़रवरी, शाम 5:26
- सिंह21 फ़रवरी, सुबह 6:04
- कन्या23 फ़रवरी, शाम 6:54
- तुला26 फ़रवरी, सुबह 6:49
- वृश्चिक28 फ़रवरी, शाम 4:30
- धनु2 मार्च, रात 10:52
- मकर5 मार्च, रात 1:46
- कुम्भ7 मार्च, रात 2:08
- मीन9 मार्च, रात 1:40
- मेष11 मार्च, रात 2:17
- वृषभ13 मार्च, सुबह 5:44
- मिथुन15 मार्च, दोपहर 12:58
- कर्क17 मार्च, रात 11:43
- सिंह20 मार्च, दोपहर 12:24
- कन्या23 मार्च, रात 1:10
- तुला25 मार्च, दोपहर 12:40
- वृश्चिक27 मार्च, रात 10:06
- धनु30 मार्च, सुबह 5:06
- मकर1 अप्रैल, सुबह 9:29
- कुम्भ3 अप्रैल, सुबह 11:34
- मीन5 अप्रैल, दोपहर 12:18
- मेष7 अप्रैल, दोपहर 2:06
- वृषभ9 अप्रैल, शाम 4:40
- मिथुन11 अप्रैल, रात 10:28
- कर्क14 अप्रैल, सुबह 8:04
- सिंह16 अप्रैल, रात 8:25
- कन्या19 अप्रैल, सुबह 9:13
- तुला21 अप्रैल, रात 8:24
- वृश्चिक24 अप्रैल, सुबह 5:08
- धनु26 अप्रैल, सुबह 11:33
- मकर28 अप्रैल, शाम 4:10
- कुम्भ30 अप्रैल, शाम 7:24
- मीन2 मई, रात 9:41
- मेष4 मई, रात 11:41
- वृषभ7 मई, रात 2:36
- मिथुन9 मई, सुबह 7:50
- कर्क11 मई, शाम 4:26
- सिंह14 मई, सुबह 4:10
- कन्या16 मई, शाम 5:01
- तुला19 मई, सुबह 4:19
- वृश्चिक21 मई, दोपहर 12:37
- धनु23 मई, शाम 6:05
- मकर25 मई, रात 9:47
- कुम्भ28 मई, रात 12:48
- मीन30 मई, रात 3:45
- मेष1 जून, सुबह 7:00
- वृषभ3 जून, सुबह 11:01
- मिथुन5 जून, शाम 4:40
- कर्क8 जून, रात 12:58
- सिंह10 जून, दोपहर 12:13
- कन्या13 जून, रात 1:05
- तुला15 जून, दोपहर 12:53
- वृश्चिक17 जून, रात 9:27
- धनु20 जून, रात 2:28
- मकर22 जून, सुबह 5:03
- कुम्भ24 जून, सुबह 6:51
- मीन26 जून, सुबह 9:08
- मेष28 जून, दोपहर 12:36
- वृषभ30 जून, शाम 5:29
- मिथुन3 जुलाई, रात 12:03
- कर्क5 जुलाई, सुबह 8:45
- सिंह7 जुलाई, शाम 7:54
- कन्या10 जुलाई, सुबह 8:46
- तुला12 जुलाई, रात 9:11
- वृश्चिक15 जुलाई, सुबह 6:41
- धनु17 जुलाई, दोपहर 12:11
- मकर19 जुलाई, दोपहर 2:23
- कुम्भ21 जुलाई, दोपहर 3:00
- मीन23 जुलाई, दोपहर 3:49
- मेष25 जुलाई, शाम 6:13
- वृषभ27 जुलाई, रात 10:54
- मिथुन30 जुलाई, सुबह 5:59
- कर्क1 अगस्त, दोपहर 3:21
- सिंह4 अगस्त, रात 2:47
- कन्या6 अगस्त, दोपहर 3:40
- तुला9 अगस्त, सुबह 4:30
- वृश्चिक11 अगस्त, दोपहर 3:07
- धनु13 अगस्त, रात 9:55
- मकर16 अगस्त, रात 12:51
- कुम्भ18 अगस्त, रात 1:12
- मीन20 अगस्त, रात 12:50
- मेष22 अगस्त, रात 1:37
- वृषभ24 अगस्त, सुबह 4:57
- मिथुन26 अगस्त, सुबह 11:32
- कर्क28 अगस्त, रात 9:08
- सिंह31 अगस्त, सुबह 8:56
- कन्या2 सितंबर, रात 9:54
- तुला5 सितंबर, सुबह 10:46
- वृश्चिक7 सितंबर, रात 10:02
- धनु10 सितंबर, सुबह 6:15
- मकर12 सितंबर, सुबह 10:46
- कुम्भ14 सितंबर, दोपहर 12:06
- मीन16 सितंबर, सुबह 11:39
- मेष18 सितंबर, सुबह 11:20
- वृषभ20 सितंबर, दोपहर 1:00
- मिथुन22 सितंबर, शाम 6:07
- कर्क25 सितंबर, रात 3:03
- सिंह27 सितंबर, दोपहर 2:55
- कन्या30 सितंबर, रात 3:58
- तुला2 अक्टूबर, शाम 4:37
- वृश्चिक5 अक्टूबर, रात 3:47
- धनु7 अक्टूबर, दोपहर 12:41
- मकर9 अक्टूबर, शाम 6:43
- कुम्भ11 अक्टूबर, रात 9:47
- मीन13 अक्टूबर, रात 10:32
- मेष15 अक्टूबर, रात 10:21
- वृषभ17 अक्टूबर, रात 11:06
- मिथुन20 अक्टूबर, रात 2:39
- कर्क22 अक्टूबर, सुबह 10:13
- सिंह24 अक्टूबर, रात 9:29
- कन्या27 अक्टूबर, सुबह 9:31
- तुला29 अक्टूबर, रात 10:00
- वृश्चिक1 नवंबर, सुबह 8:38
- धनु3 नवंबर, शाम 5:08
- मकर5 नवंबर, रात 11:35
- कुम्भ8 नवंबर, सुबह 4:01
- मीन10 नवंबर, सुबह 6:31
- मेष12 नवंबर, सुबह 7:41
- वृषभ14 नवंबर, सुबह 8:48
- मिथुन16 नवंबर, सुबह 11:40
- कर्क18 नवंबर, शाम 5:57
- सिंह21 नवंबर, सुबह 4:09
- कन्या23 नवंबर, शाम 4:54
- तुला26 नवंबर, सुबह 5:29
- वृश्चिक28 नवंबर, दोपहर 3:48
- धनु30 नवंबर, रात 11:27
- मकर3 दिसंबर, सुबह 5:05
- कुम्भ5 दिसंबर, सुबह 9:27
- मीन7 दिसंबर, दोपहर 12:54
- मेष9 दिसंबर, दोपहर 3:36
- वृषभ11 दिसंबर, शाम 6:06
- मिथुन13 दिसंबर, रात 9:33
- कर्क16 दिसंबर, रात 3:27
- सिंह18 दिसंबर, दोपहर 12:46
- कन्या21 दिसंबर, रात 1:00
- तुला23 दिसंबर, दोपहर 1:48
- वृश्चिक26 दिसंबर, रात 12:27
- धनु28 दिसंबर, सुबह 7:47
- मकर30 दिसंबर, दोपहर 12:22
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1997: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
