पंचांग · गोचर · चन्द्र
2002 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2002 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय जनकपुर के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में।
2002 में चन्द्र किन राशियों में है
- सिंह2 जनवरी, शाम 7:15
- कन्या4 जनवरी, रात 8:53
- तुला6 जनवरी, रात 11:49
- वृश्चिक9 जनवरी, सुबह 4:40
- धनु11 जनवरी, सुबह 11:35
- मकर13 जनवरी, रात 8:34
- कुम्भ16 जनवरी, सुबह 7:30
- मीन18 जनवरी, शाम 7:56
- मेष21 जनवरी, सुबह 8:23
- वृषभ23 जनवरी, शाम 6:44
- मिथुन26 जनवरी, रात 1:22
- कर्क28 जनवरी, सुबह 4:15
- सिंह30 जनवरी, सुबह 4:40
- कन्या1 फ़रवरी, सुबह 4:35
- तुला3 फ़रवरी, सुबह 5:57
- वृश्चिक5 फ़रवरी, सुबह 10:05
- धनु7 फ़रवरी, शाम 5:17
- मकर10 फ़रवरी, रात 3:00
- कुम्भ12 फ़रवरी, दोपहर 2:22
- मीन15 फ़रवरी, रात 2:47
- मेष17 फ़रवरी, दोपहर 3:26
- वृषभ20 फ़रवरी, रात 2:48
- मिथुन22 फ़रवरी, सुबह 11:02
- कर्क24 फ़रवरी, दोपहर 3:11
- सिंह26 फ़रवरी, दोपहर 3:52
- कन्या28 फ़रवरी, दोपहर 2:55
- तुला2 मार्च, दोपहर 2:36
- वृश्चिक4 मार्च, शाम 4:56
- धनु6 मार्च, रात 11:03
- मकर9 मार्च, सुबह 8:38
- कुम्भ11 मार्च, रात 8:22
- मीन14 मार्च, सुबह 8:56
- मेष16 मार्च, रात 9:29
- वृषभ19 मार्च, सुबह 9:08
- मिथुन21 मार्च, शाम 6:33
- कर्क24 मार्च, रात 12:26
- सिंह26 मार्च, रात 2:37
- कन्या28 मार्च, रात 2:14
- तुला30 मार्च, रात 1:21
- वृश्चिक1 अप्रैल, रात 2:12
- धनु3 अप्रैल, सुबह 6:32
- मकर5 अप्रैल, दोपहर 2:56
- कुम्भ8 अप्रैल, रात 2:22
- मीन10 अप्रैल, दोपहर 3:03
- मेष13 अप्रैल, रात 3:28
- वृषभ15 अप्रैल, दोपहर 2:47
- मिथुन18 अप्रैल, रात 12:19
- कर्क20 अप्रैल, सुबह 7:16
- सिंह22 अप्रैल, सुबह 11:07
- कन्या24 अप्रैल, दोपहर 12:18
- तुला26 अप्रैल, दोपहर 12:13
- वृश्चिक28 अप्रैल, दोपहर 12:47
- धनु30 अप्रैल, दोपहर 3:55
- मकर2 मई, रात 10:48
- कुम्भ5 मई, सुबह 9:17
- मीन7 मई, रात 9:44
- मेष10 मई, सुबह 10:07
- वृषभ12 मई, रात 9:02
- मिथुन15 मई, सुबह 5:58
- कर्क17 मई, दोपहर 12:43
- सिंह19 मई, शाम 5:18
- कन्या21 मई, शाम 7:55
- तुला23 मई, रात 9:21
- वृश्चिक25 मई, रात 10:50
- धनु28 मई, रात 1:55
- मकर30 मई, सुबह 7:54
- कुम्भ1 जून, शाम 5:18
- मीन4 जून, सुबह 5:15
- मेष6 जून, शाम 5:41
- वृषभ9 जून, सुबह 4:32
- मिथुन11 जून, दोपहर 12:50
- कर्क13 जून, शाम 6:41
- सिंह15 जून, रात 10:41
- कन्या18 जून, रात 1:37
- तुला20 जून, सुबह 4:08
- वृश्चिक22 जून, सुबह 6:58
- धनु24 जून, सुबह 10:57
- मकर26 जून, शाम 5:00
- कुम्भ29 जून, रात 1:49
- मीन1 जुलाई, दोपहर 1:15
- मेष4 जुलाई, रात 1:46
- वृषभ6 जुलाई, दोपहर 1:01
- मिथुन8 जुलाई, रात 9:18
- कर्क11 जुलाई, रात 2:22
- सिंह13 जुलाई, सुबह 5:13
- कन्या15 जुलाई, सुबह 7:12
- तुला17 जुलाई, सुबह 9:34
- वृश्चिक19 जुलाई, दोपहर 1:06
- धनु21 जुलाई, शाम 6:09
- मकर24 जुलाई, रात 12:59
- कुम्भ26 जुलाई, सुबह 9:56
- मीन28 जुलाई, रात 9:06
- मेष31 जुलाई, सुबह 9:41
- वृषभ2 अगस्त, रात 9:37
- मिथुन5 अगस्त, सुबह 6:38
- कर्क7 अगस्त, सुबह 11:48
- सिंह9 अगस्त, दोपहर 1:50
- कन्या11 अगस्त, दोपहर 2:28
- तुला13 अगस्त, दोपहर 3:33
- वृश्चिक15 अगस्त, शाम 6:30
- धनु17 अगस्त, रात 11:51
- मकर20 अगस्त, सुबह 7:27
- कुम्भ22 अगस्त, शाम 4:59
- मीन25 अगस्त, सुबह 4:16
- मेष27 अगस्त, शाम 4:52
- वृषभ30 अगस्त, सुबह 5:23
- मिथुन1 सितंबर, दोपहर 3:35
- कर्क3 सितंबर, रात 9:49
- सिंह6 सितंबर, रात 12:08
- कन्या8 सितंबर, रात 12:02
- तुला9 सितंबर, रात 11:41
- वृश्चिक12 सितंबर, रात 1:05
- धनु14 सितंबर, सुबह 5:28
- मकर16 सितंबर, दोपहर 1:00
- कुम्भ18 सितंबर, रात 11:00
- मीन21 सितंबर, सुबह 10:38
- मेष23 सितंबर, रात 11:15
- वृषभ26 सितंबर, सुबह 11:57
- मिथुन28 सितंबर, रात 11:05
- कर्क1 अक्टूबर, सुबह 6:52
- सिंह3 अक्टूबर, सुबह 10:32
- कन्या5 अक्टूबर, सुबह 10:58
- तुला7 अक्टूबर, सुबह 10:04
- वृश्चिक9 अक्टूबर, सुबह 10:02
- धनु11 अक्टूबर, दोपहर 12:44
- मकर13 अक्टूबर, शाम 7:05
- कुम्भ16 अक्टूबर, सुबह 4:48
- मीन18 अक्टूबर, शाम 4:39
- मेष21 अक्टूबर, सुबह 5:19
- वृषभ23 अक्टूबर, शाम 5:49
- मिथुन26 अक्टूबर, सुबह 5:06
- कर्क28 अक्टूबर, दोपहर 1:55
- सिंह30 अक्टूबर, शाम 7:18
- कन्या1 नवंबर, रात 9:20
- तुला3 नवंबर, रात 9:15
- वृश्चिक5 नवंबर, रात 8:55
- धनु7 नवंबर, रात 10:18
- मकर10 नवंबर, रात 2:59
- कुम्भ12 नवंबर, सुबह 11:31
- मीन14 नवंबर, रात 11:02
- मेष17 नवंबर, सुबह 11:47
- वृषभ20 नवंबर, रात 12:03
- मिथुन22 नवंबर, सुबह 10:49
- कर्क24 नवंबर, शाम 7:30
- सिंह27 नवंबर, रात 1:43
- कन्या29 नवंबर, सुबह 5:24
- तुला1 दिसंबर, सुबह 7:03
- वृश्चिक3 दिसंबर, सुबह 7:46
- धनु5 दिसंबर, सुबह 9:07
- मकर7 दिसंबर, दोपहर 12:44
- कुम्भ9 दिसंबर, शाम 7:50
- मीन12 दिसंबर, सुबह 6:28
- मेष14 दिसंबर, शाम 7:05
- वृषभ17 दिसंबर, सुबह 7:24
- मिथुन19 दिसंबर, शाम 5:41
- कर्क22 दिसंबर, रात 1:29
- सिंह24 दिसंबर, सुबह 7:07
- कन्या26 दिसंबर, सुबह 11:11
- तुला28 दिसंबर, दोपहर 2:09
- वृश्चिक30 दिसंबर, शाम 4:31
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2002: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
