पंचांग · गोचर · चन्द्र
2003 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2003 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय जनकपुर के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में।
2003 में चन्द्र किन राशियों में है
- धनु1 जनवरी, शाम 7:03
- मकर3 जनवरी, रात 10:52
- कुम्भ6 जनवरी, सुबह 5:14
- मीन8 जनवरी, दोपहर 2:53
- मेष11 जनवरी, रात 3:09
- वृषभ13 जनवरी, दोपहर 3:44
- मिथुन16 जनवरी, रात 2:11
- कर्क18 जनवरी, सुबह 9:22
- सिंह20 जनवरी, दोपहर 1:49
- कन्या22 जनवरी, शाम 4:49
- तुला24 जनवरी, शाम 7:32
- वृश्चिक26 जनवरी, रात 10:41
- धनु29 जनवरी, रात 2:34
- मकर31 जनवरी, सुबह 7:31
- कुम्भ2 फ़रवरी, दोपहर 2:14
- मीन4 फ़रवरी, रात 11:29
- मेष7 फ़रवरी, सुबह 11:21
- वृषभ10 फ़रवरी, रात 12:14
- मिथुन12 फ़रवरी, सुबह 11:26
- कर्क14 फ़रवरी, शाम 7:00
- सिंह16 फ़रवरी, रात 10:54
- कन्या19 फ़रवरी, रात 12:33
- तुला21 फ़रवरी, रात 1:47
- वृश्चिक23 फ़रवरी, सुबह 4:04
- धनु25 फ़रवरी, सुबह 8:07
- मकर27 फ़रवरी, दोपहर 1:59
- कुम्भ1 मार्च, रात 9:37
- मीन4 मार्च, सुबह 7:15
- मेष6 मार्च, शाम 6:59
- वृषभ9 मार्च, सुबह 7:59
- मिथुन11 मार्च, रात 8:04
- कर्क14 मार्च, सुबह 4:49
- सिंह16 मार्च, सुबह 9:23
- कन्या18 मार्च, सुबह 10:40
- तुला20 मार्च, सुबह 10:36
- वृश्चिक22 मार्च, सुबह 11:11
- धनु24 मार्च, दोपहर 1:54
- मकर26 मार्च, शाम 7:22
- कुम्भ29 मार्च, रात 3:29
- मीन31 मार्च, दोपहर 1:44
- मेष3 अप्रैल, रात 1:43
- वृषभ5 अप्रैल, दोपहर 2:43
- मिथुन8 अप्रैल, रात 3:16
- कर्क10 अप्रैल, दोपहर 1:18
- सिंह12 अप्रैल, शाम 7:22
- कन्या14 अप्रैल, रात 9:35
- तुला16 अप्रैल, रात 9:24
- वृश्चिक18 अप्रैल, रात 8:49
- धनु20 अप्रैल, रात 9:47
- मकर23 अप्रैल, रात 1:43
- कुम्भ25 अप्रैल, सुबह 9:07
- मीन27 अप्रैल, शाम 7:30
- मेष30 अप्रैल, सुबह 7:48
- वृषभ2 मई, रात 8:49
- मिथुन5 मई, सुबह 9:19
- कर्क7 मई, शाम 7:57
- सिंह10 मई, रात 3:25
- कन्या12 मई, सुबह 7:18
- तुला14 मई, सुबह 8:15
- वृश्चिक16 मई, सुबह 7:47
- धनु18 मई, सुबह 7:48
- मकर20 मई, सुबह 10:07
- कुम्भ22 मई, शाम 4:00
- मीन25 मई, रात 1:38
- मेष27 मई, दोपहर 1:53
- वृषभ30 मई, रात 2:55
- मिथुन1 जून, दोपहर 3:09
- कर्क4 जून, रात 1:34
- सिंह6 जून, सुबह 9:32
- कन्या8 जून, दोपहर 2:45
- तुला10 जून, शाम 5:22
- वृश्चिक12 जून, शाम 6:08
- धनु14 जून, शाम 6:28
- मकर16 जून, रात 8:03
- कुम्भ19 जून, रात 12:33
- मीन21 जून, सुबह 8:55
- मेष23 जून, रात 8:37
- वृषभ26 जून, सुबह 9:37
- मिथुन28 जून, रात 9:39
- कर्क1 जुलाई, सुबह 7:30
- सिंह3 जुलाई, दोपहर 2:59
- कन्या5 जुलाई, रात 8:26
- तुला8 जुलाई, रात 12:09
- वृश्चिक10 जुलाई, रात 2:27
- धनु12 जुलाई, सुबह 4:00
- मकर14 जुलाई, सुबह 6:01
- कुम्भ16 जुलाई, सुबह 10:01
- मीन18 जुलाई, शाम 5:22
- मेष21 जुलाई, सुबह 4:15
- वृषभ23 जुलाई, शाम 5:05
- मिथुन26 जुलाई, सुबह 5:12
- कर्क28 जुलाई, दोपहर 2:42
- सिंह30 जुलाई, रात 9:22
- कन्या2 अगस्त, रात 2:00
- तुला4 अगस्त, सुबह 5:33
- वृश्चिक6 अगस्त, सुबह 8:35
- धनु8 अगस्त, सुबह 11:26
- मकर10 अगस्त, दोपहर 2:37
- कुम्भ12 अगस्त, शाम 7:07
- मीन15 अगस्त, रात 2:09
- मेष17 अगस्त, दोपहर 12:26
- वृषभ20 अगस्त, रात 1:02
- मिथुन22 अगस्त, दोपहर 1:28
- कर्क24 अगस्त, रात 11:15
- सिंह27 अगस्त, सुबह 5:32
- कन्या29 अगस्त, सुबह 9:08
- तुला31 अगस्त, सुबह 11:32
- वृश्चिक2 सितंबर, दोपहर 1:57
- धनु4 सितंबर, शाम 5:05
- मकर6 सितंबर, रात 9:14
- कुम्भ9 सितंबर, रात 2:45
- मीन11 सितंबर, सुबह 10:18
- मेष13 सितंबर, रात 8:27
- वृषभ16 सितंबर, सुबह 8:52
- मिथुन18 सितंबर, रात 9:42
- कर्क21 सितंबर, सुबह 8:19
- सिंह23 सितंबर, दोपहर 3:09
- कन्या25 सितंबर, शाम 6:27
- तुला27 सितंबर, शाम 7:42
- वृश्चिक29 सितंबर, रात 8:39
- धनु1 अक्टूबर, रात 10:43
- मकर4 अक्टूबर, रात 2:41
- कुम्भ6 अक्टूबर, सुबह 8:49
- मीन8 अक्टूबर, शाम 5:09
- मेष11 अक्टूबर, रात 3:41
- वृषभ13 अक्टूबर, शाम 4:05
- मिथुन16 अक्टूबर, सुबह 5:07
- कर्क18 अक्टूबर, शाम 4:42
- सिंह21 अक्टूबर, रात 12:51
- कन्या23 अक्टूबर, सुबह 5:01
- तुला25 अक्टूबर, सुबह 6:08
- वृश्चिक27 अक्टूबर, सुबह 5:56
- धनु29 अक्टूबर, सुबह 6:19
- मकर31 अक्टूबर, सुबह 8:49
- कुम्भ2 नवंबर, दोपहर 2:21
- मीन4 नवंबर, रात 10:57
- मेष7 नवंबर, सुबह 10:01
- वृषभ9 नवंबर, रात 10:35
- मिथुन12 नवंबर, सुबह 11:35
- कर्क14 नवंबर, रात 11:37
- सिंह17 नवंबर, सुबह 9:06
- कन्या19 नवंबर, दोपहर 2:58
- तुला21 नवंबर, शाम 5:16
- वृश्चिक23 नवंबर, शाम 5:11
- धनु25 नवंबर, शाम 4:32
- मकर27 नवंबर, शाम 5:18
- कुम्भ29 नवंबर, रात 9:10
- मीन2 दिसंबर, सुबह 4:54
- मेष4 दिसंबर, दोपहर 3:58
- वृषभ7 दिसंबर, सुबह 4:47
- मिथुन9 दिसंबर, शाम 5:40
- कर्क12 दिसंबर, सुबह 5:29
- सिंह14 दिसंबर, दोपहर 3:24
- कन्या16 दिसंबर, रात 10:40
- तुला19 दिसंबर, रात 2:51
- वृश्चिक21 दिसंबर, सुबह 4:14
- धनु23 दिसंबर, सुबह 4:00
- मकर25 दिसंबर, सुबह 4:00
- कुम्भ27 दिसंबर, सुबह 6:16
- मीन29 दिसंबर, दोपहर 12:22
- मेष31 दिसंबर, रात 10:34
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2003: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
