पंचांग · गोचर · चन्द्र
2003 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2003 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय ब्रिस्बेन के स्थानीय समय (Australia/Brisbane, AEST) में।
2003 में चन्द्र किन राशियों में है
- धनु1 जनवरी, रात 11:18
- मकर4 जनवरी, रात 3:07
- कुम्भ6 जनवरी, सुबह 9:29
- मीन8 जनवरी, शाम 7:08
- मेष11 जनवरी, सुबह 7:24
- वृषभ13 जनवरी, शाम 7:59
- मिथुन16 जनवरी, सुबह 6:26
- कर्क18 जनवरी, दोपहर 1:37
- सिंह20 जनवरी, शाम 6:04
- कन्या22 जनवरी, रात 9:04
- तुला24 जनवरी, रात 11:47
- वृश्चिक27 जनवरी, रात 2:56
- धनु29 जनवरी, सुबह 6:49
- मकर31 जनवरी, सुबह 11:46
- कुम्भ2 फ़रवरी, शाम 6:29
- मीन5 फ़रवरी, रात 3:44
- मेष7 फ़रवरी, दोपहर 3:36
- वृषभ10 फ़रवरी, सुबह 4:29
- मिथुन12 फ़रवरी, दोपहर 3:41
- कर्क14 फ़रवरी, रात 11:15
- सिंह17 फ़रवरी, रात 3:09
- कन्या19 फ़रवरी, सुबह 4:48
- तुला21 फ़रवरी, सुबह 6:02
- वृश्चिक23 फ़रवरी, सुबह 8:19
- धनु25 फ़रवरी, दोपहर 12:22
- मकर27 फ़रवरी, शाम 6:14
- कुम्भ2 मार्च, रात 1:52
- मीन4 मार्च, सुबह 11:30
- मेष6 मार्च, रात 11:14
- वृषभ9 मार्च, दोपहर 12:14
- मिथुन12 मार्च, रात 12:19
- कर्क14 मार्च, सुबह 9:04
- सिंह16 मार्च, दोपहर 1:38
- कन्या18 मार्च, दोपहर 2:55
- तुला20 मार्च, दोपहर 2:51
- वृश्चिक22 मार्च, दोपहर 3:26
- धनु24 मार्च, शाम 6:09
- मकर26 मार्च, रात 11:37
- कुम्भ29 मार्च, सुबह 7:44
- मीन31 मार्च, शाम 5:59
- मेष3 अप्रैल, सुबह 5:58
- वृषभ5 अप्रैल, शाम 6:58
- मिथुन8 अप्रैल, सुबह 7:31
- कर्क10 अप्रैल, शाम 5:33
- सिंह12 अप्रैल, रात 11:37
- कन्या15 अप्रैल, रात 1:50
- तुला17 अप्रैल, रात 1:39
- वृश्चिक19 अप्रैल, रात 1:04
- धनु21 अप्रैल, रात 2:02
- मकर23 अप्रैल, सुबह 5:58
- कुम्भ25 अप्रैल, दोपहर 1:22
- मीन27 अप्रैल, रात 11:45
- मेष30 अप्रैल, दोपहर 12:03
- वृषभ3 मई, रात 1:04
- मिथुन5 मई, दोपहर 1:34
- कर्क8 मई, रात 12:12
- सिंह10 मई, सुबह 7:40
- कन्या12 मई, सुबह 11:33
- तुला14 मई, दोपहर 12:30
- वृश्चिक16 मई, दोपहर 12:02
- धनु18 मई, दोपहर 12:03
- मकर20 मई, दोपहर 2:22
- कुम्भ22 मई, रात 8:15
- मीन25 मई, सुबह 5:53
- मेष27 मई, शाम 6:08
- वृषभ30 मई, सुबह 7:10
- मिथुन1 जून, शाम 7:24
- कर्क4 जून, सुबह 5:49
- सिंह6 जून, दोपहर 1:47
- कन्या8 जून, शाम 7:00
- तुला10 जून, रात 9:37
- वृश्चिक12 जून, रात 10:23
- धनु14 जून, रात 10:43
- मकर17 जून, रात 12:18
- कुम्भ19 जून, सुबह 4:48
- मीन21 जून, दोपहर 1:10
- मेष24 जून, रात 12:52
- वृषभ26 जून, दोपहर 1:52
- मिथुन29 जून, रात 1:54
- कर्क1 जुलाई, सुबह 11:45
- सिंह3 जुलाई, शाम 7:14
- कन्या6 जुलाई, रात 12:41
- तुला8 जुलाई, सुबह 4:24
- वृश्चिक10 जुलाई, सुबह 6:42
- धनु12 जुलाई, सुबह 8:15
- मकर14 जुलाई, सुबह 10:16
- कुम्भ16 जुलाई, दोपहर 2:16
- मीन18 जुलाई, रात 9:37
- मेष21 जुलाई, सुबह 8:30
- वृषभ23 जुलाई, रात 9:20
- मिथुन26 जुलाई, सुबह 9:27
- कर्क28 जुलाई, शाम 6:57
- सिंह31 जुलाई, रात 1:37
- कन्या2 अगस्त, सुबह 6:15
- तुला4 अगस्त, सुबह 9:48
- वृश्चिक6 अगस्त, दोपहर 12:50
- धनु8 अगस्त, दोपहर 3:41
- मकर10 अगस्त, शाम 6:52
- कुम्भ12 अगस्त, रात 11:22
- मीन15 अगस्त, सुबह 6:24
- मेष17 अगस्त, शाम 4:41
- वृषभ20 अगस्त, सुबह 5:17
- मिथुन22 अगस्त, शाम 5:43
- कर्क25 अगस्त, रात 3:30
- सिंह27 अगस्त, सुबह 9:47
- कन्या29 अगस्त, दोपहर 1:23
- तुला31 अगस्त, दोपहर 3:47
- वृश्चिक2 सितंबर, शाम 6:12
- धनु4 सितंबर, रात 9:20
- मकर7 सितंबर, रात 1:29
- कुम्भ9 सितंबर, सुबह 7:00
- मीन11 सितंबर, दोपहर 2:33
- मेष14 सितंबर, रात 12:42
- वृषभ16 सितंबर, दोपहर 1:07
- मिथुन19 सितंबर, रात 1:57
- कर्क21 सितंबर, दोपहर 12:34
- सिंह23 सितंबर, शाम 7:24
- कन्या25 सितंबर, रात 10:42
- तुला27 सितंबर, रात 11:57
- वृश्चिक30 सितंबर, रात 12:54
- धनु2 अक्टूबर, रात 2:58
- मकर4 अक्टूबर, सुबह 6:56
- कुम्भ6 अक्टूबर, दोपहर 1:04
- मीन8 अक्टूबर, रात 9:24
- मेष11 अक्टूबर, सुबह 7:56
- वृषभ13 अक्टूबर, रात 8:20
- मिथुन16 अक्टूबर, सुबह 9:22
- कर्क18 अक्टूबर, रात 8:57
- सिंह21 अक्टूबर, सुबह 5:06
- कन्या23 अक्टूबर, सुबह 9:16
- तुला25 अक्टूबर, सुबह 10:23
- वृश्चिक27 अक्टूबर, सुबह 10:11
- धनु29 अक्टूबर, सुबह 10:34
- मकर31 अक्टूबर, दोपहर 1:04
- कुम्भ2 नवंबर, शाम 6:36
- मीन5 नवंबर, रात 3:12
- मेष7 नवंबर, दोपहर 2:16
- वृषभ10 नवंबर, रात 2:50
- मिथुन12 नवंबर, दोपहर 3:50
- कर्क15 नवंबर, रात 3:52
- सिंह17 नवंबर, दोपहर 1:21
- कन्या19 नवंबर, शाम 7:13
- तुला21 नवंबर, रात 9:31
- वृश्चिक23 नवंबर, रात 9:26
- धनु25 नवंबर, रात 8:47
- मकर27 नवंबर, रात 9:33
- कुम्भ30 नवंबर, रात 1:25
- मीन2 दिसंबर, सुबह 9:09
- मेष4 दिसंबर, रात 8:13
- वृषभ7 दिसंबर, सुबह 9:02
- मिथुन9 दिसंबर, रात 9:55
- कर्क12 दिसंबर, सुबह 9:44
- सिंह14 दिसंबर, शाम 7:39
- कन्या17 दिसंबर, रात 2:55
- तुला19 दिसंबर, सुबह 7:06
- वृश्चिक21 दिसंबर, सुबह 8:29
- धनु23 दिसंबर, सुबह 8:15
- मकर25 दिसंबर, सुबह 8:15
- कुम्भ27 दिसंबर, सुबह 10:31
- मीन29 दिसंबर, शाम 4:37
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2003: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
