पंचांग · गोचर · चन्द्र
2016 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2016 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय सुवा के स्थानीय समय (Pacific/Fiji, UTC+13/UTC+12) में।
2016 में चन्द्र किन राशियों में है
- कन्या1 जनवरी, सुबह 7:42
- तुला3 जनवरी, रात 8:36
- वृश्चिक6 जनवरी, सुबह 8:26
- धनु8 जनवरी, शाम 5:16
- मकर10 जनवरी, रात 11:02
- कुम्भ13 जनवरी, रात 2:47
- मीन15 जनवरी, सुबह 5:45
- मेष17 जनवरी, सुबह 7:42
- वृषभ19 जनवरी, सुबह 11:00
- मिथुन21 जनवरी, दोपहर 3:03
- कर्क23 जनवरी, रात 8:32
- सिंह26 जनवरी, सुबह 4:23
- कन्या28 जनवरी, दोपहर 3:06
- तुला31 जनवरी, रात 3:48
- वृश्चिक2 फ़रवरी, शाम 4:10
- धनु5 फ़रवरी, रात 1:47
- मकर7 फ़रवरी, सुबह 7:43
- कुम्भ9 फ़रवरी, सुबह 10:41
- मीन11 फ़रवरी, दोपहर 12:10
- मेष13 फ़रवरी, दोपहर 1:42
- वृषभ15 फ़रवरी, शाम 4:22
- मिथुन17 फ़रवरी, रात 8:48
- कर्क20 फ़रवरी, रात 3:16
- सिंह22 फ़रवरी, सुबह 11:57
- कन्या24 फ़रवरी, रात 10:50
- तुला27 फ़रवरी, सुबह 11:23
- वृश्चिक1 मार्च, रात 12:07
- धनु3 मार्च, सुबह 10:49
- मकर5 मार्च, शाम 5:57
- कुम्भ7 मार्च, रात 9:20
- मीन9 मार्च, रात 10:10
- मेष11 मार्च, रात 10:11
- वृषभ13 मार्च, रात 11:09
- मिथुन16 मार्च, रात 2:27
- कर्क18 मार्च, सुबह 8:49
- सिंह20 मार्च, शाम 6:04
- कन्या23 मार्च, सुबह 5:29
- तुला25 मार्च, शाम 6:07
- वृश्चिक28 मार्च, सुबह 6:53
- धनु30 मार्च, शाम 6:18
- मकर2 अप्रैल, रात 2:53
- कुम्भ4 अप्रैल, सुबह 7:45
- मीन6 अप्रैल, सुबह 9:16
- मेष8 अप्रैल, सुबह 8:51
- वृषभ10 अप्रैल, सुबह 8:24
- मिथुन12 अप्रैल, सुबह 9:57
- कर्क14 अप्रैल, दोपहर 2:57
- सिंह16 अप्रैल, रात 11:46
- कन्या19 अप्रैल, सुबह 11:26
- तुला22 अप्रैल, रात 12:16
- वृश्चिक24 अप्रैल, दोपहर 12:54
- धनु27 अप्रैल, रात 12:23
- मकर29 अप्रैल, सुबह 9:46
- कुम्भ1 मई, शाम 4:12
- मीन3 मई, शाम 7:20
- मेष5 मई, शाम 7:47
- वृषभ7 मई, शाम 7:10
- मिथुन9 मई, शाम 7:33
- कर्क11 मई, रात 10:55
- सिंह14 मई, सुबह 6:25
- कन्या16 मई, शाम 5:35
- तुला19 मई, सुबह 6:28
- वृश्चिक21 मई, शाम 7:00
- धनु24 मई, सुबह 6:06
- मकर26 मई, दोपहर 3:23
- कुम्भ28 मई, रात 10:30
- मीन31 मई, रात 3:05
- मेष2 जून, सुबह 5:08
- वृषभ4 जून, सुबह 5:32
- मिथुन6 जून, सुबह 5:57
- कर्क8 जून, सुबह 8:25
- सिंह10 जून, दोपहर 2:35
- कन्या13 जून, रात 12:43
- तुला15 जून, दोपहर 1:17
- वृश्चिक18 जून, रात 1:48
- धनु20 जून, दोपहर 12:34
- मकर22 जून, रात 9:12
- कुम्भ25 जून, रात 3:55
- मीन27 जून, सुबह 8:53
- मेष29 जून, दोपहर 12:07
- वृषभ1 जुलाई, दोपहर 1:59
- मिथुन3 जुलाई, दोपहर 3:29
- कर्क5 जुलाई, शाम 6:10
- सिंह7 जुलाई, रात 11:41
- कन्या10 जुलाई, सुबह 8:52
- तुला12 जुलाई, रात 8:53
- वृश्चिक15 जुलाई, सुबह 9:26
- धनु17 जुलाई, रात 8:15
- मकर20 जुलाई, सुबह 4:24
- कुम्भ22 जुलाई, सुबह 10:11
- मीन24 जुलाई, दोपहर 2:23
- मेष26 जुलाई, शाम 5:36
- वृषभ28 जुलाई, रात 8:17
- मिथुन30 जुलाई, रात 11:03
- कर्क2 अगस्त, रात 2:47
- सिंह4 अगस्त, सुबह 8:36
- कन्या6 अगस्त, शाम 5:23
- तुला9 अगस्त, सुबह 4:55
- वृश्चिक11 अगस्त, शाम 5:31
- धनु14 अगस्त, सुबह 4:49
- मकर16 अगस्त, दोपहर 1:09
- कुम्भ18 अगस्त, शाम 6:22
- मीन20 अगस्त, रात 9:23
- मेष22 अगस्त, रात 11:27
- वृषभ25 अगस्त, रात 1:40
- मिथुन27 अगस्त, सुबह 4:50
- कर्क29 अगस्त, सुबह 9:34
- सिंह31 अगस्त, शाम 4:18
- कन्या3 सितंबर, रात 1:23
- तुला5 सितंबर, दोपहर 12:44
- वृश्चिक8 सितंबर, रात 1:22
- धनु10 सितंबर, दोपहर 1:21
- मकर12 सितंबर, रात 10:36
- कुम्भ15 सितंबर, सुबह 4:13
- मीन17 सितंबर, सुबह 6:40
- मेष19 सितंबर, सुबह 7:24
- वृषभ21 सितंबर, सुबह 8:08
- मिथुन23 सितंबर, सुबह 10:22
- कर्क25 सितंबर, दोपहर 3:05
- सिंह27 सितंबर, रात 10:29
- कन्या30 सितंबर, सुबह 8:15
- तुला2 अक्टूबर, शाम 7:48
- वृश्चिक5 अक्टूबर, सुबह 8:27
- धनु7 अक्टूबर, रात 8:55
- मकर10 अक्टूबर, सुबह 7:24
- कुम्भ12 अक्टूबर, दोपहर 2:21
- मीन14 अक्टूबर, शाम 5:26
- मेष16 अक्टूबर, शाम 5:43
- वृषभ18 अक्टूबर, शाम 5:05
- मिथुन20 अक्टूबर, शाम 5:36
- कर्क22 अक्टूबर, रात 9:00
- सिंह25 अक्टूबर, सुबह 4:01
- कन्या27 अक्टूबर, दोपहर 2:08
- तुला30 अक्टूबर, रात 2:05
- वृश्चिक1 नवंबर, दोपहर 2:45
- धनु4 नवंबर, रात 3:15
- मकर6 नवंबर, दोपहर 3:31
- कुम्भ9 नवंबर, रात 12:02
- मीन11 नवंबर, सुबह 4:47
- मेष13 नवंबर, सुबह 6:00
- वृषभ15 नवंबर, सुबह 5:09
- मिथुन17 नवंबर, सुबह 4:25
- कर्क19 नवंबर, सुबह 6:02
- सिंह21 नवंबर, सुबह 11:31
- कन्या23 नवंबर, रात 9:00
- तुला26 नवंबर, सुबह 9:03
- वृश्चिक28 नवंबर, रात 9:49
- धनु1 दिसंबर, सुबह 10:06
- मकर3 दिसंबर, रात 9:16
- कुम्भ6 दिसंबर, सुबह 6:32
- मीन8 दिसंबर, दोपहर 12:56
- मेष10 दिसंबर, दोपहर 3:58
- वृषभ12 दिसंबर, शाम 4:20
- मिथुन14 दिसंबर, दोपहर 3:43
- कर्क16 दिसंबर, शाम 4:20
- सिंह18 दिसंबर, रात 8:09
- कन्या21 दिसंबर, सुबह 4:10
- तुला23 दिसंबर, दोपहर 3:36
- वृश्चिक26 दिसंबर, सुबह 4:22
- धनु28 दिसंबर, शाम 4:31
- मकर31 दिसंबर, रात 3:08
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2016: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
