पंचांग · गोचर · चन्द्र
2017 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2017 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय केप टाउन के स्थानीय समय (Africa/Johannesburg, UTC+2) में।
2017 में चन्द्र किन राशियों में है
- कुम्भ2 जनवरी, रात 12:58
- मीन4 जनवरी, सुबह 7:48
- मेष6 जनवरी, दोपहर 12:15
- वृषभ8 जनवरी, दोपहर 2:25
- मिथुन10 जनवरी, दोपहर 3:13
- कर्क12 जनवरी, शाम 4:16
- सिंह14 जनवरी, शाम 7:24
- कन्या17 जनवरी, रात 2:02
- तुला19 जनवरी, दोपहर 12:20
- वृश्चिक22 जनवरी, रात 12:47
- धनु24 जनवरी, दोपहर 1:02
- मकर26 जनवरी, रात 11:23
- कुम्भ29 जनवरी, सुबह 7:23
- मीन31 जनवरी, दोपहर 1:21
- मेष2 फ़रवरी, शाम 5:41
- वृषभ4 फ़रवरी, रात 8:46
- मिथुन6 फ़रवरी, रात 11:08
- कर्क9 फ़रवरी, रात 1:37
- सिंह11 फ़रवरी, सुबह 5:24
- कन्या13 फ़रवरी, सुबह 11:39
- तुला15 फ़रवरी, रात 9:02
- वृश्चिक18 फ़रवरी, सुबह 8:55
- धनु20 फ़रवरी, रात 9:22
- मकर23 फ़रवरी, सुबह 8:04
- कुम्भ25 फ़रवरी, दोपहर 3:47
- मीन27 फ़रवरी, रात 8:41
- मेष1 मार्च, रात 11:46
- वृषभ4 मार्च, रात 2:09
- मिथुन6 मार्च, सुबह 4:49
- कर्क8 मार्च, सुबह 8:26
- सिंह10 मार्च, दोपहर 1:28
- कन्या12 मार्च, रात 8:23
- तुला15 मार्च, सुबह 5:37
- वृश्चिक17 मार्च, शाम 5:06
- धनु20 मार्च, सुबह 5:38
- मकर22 मार्च, शाम 5:05
- कुम्भ25 मार्च, रात 1:27
- मीन27 मार्च, सुबह 6:10
- मेष29 मार्च, सुबह 8:08
- वृषभ31 मार्च, सुबह 9:01
- मिथुन2 अप्रैल, सुबह 10:30
- कर्क4 अप्रैल, दोपहर 1:50
- सिंह6 अप्रैल, शाम 7:29
- कन्या9 अप्रैल, रात 3:20
- तुला11 अप्रैल, दोपहर 1:06
- वृश्चिक14 अप्रैल, रात 12:34
- धनु16 अप्रैल, दोपहर 1:08
- मकर19 अप्रैल, रात 1:15
- कुम्भ21 अप्रैल, सुबह 10:49
- मीन23 अप्रैल, शाम 4:27
- मेष25 अप्रैल, शाम 6:24
- वृषभ27 अप्रैल, शाम 6:17
- मिथुन29 अप्रैल, शाम 6:11
- कर्क1 मई, रात 8:02
- सिंह4 मई, रात 12:58
- कन्या6 मई, सुबह 9:00
- तुला8 मई, शाम 7:20
- वृश्चिक11 मई, सुबह 7:06
- धनु13 मई, शाम 7:40
- मकर16 मई, सुबह 8:05
- कुम्भ18 मई, शाम 6:42
- मीन21 मई, रात 1:48
- मेष23 मई, सुबह 4:54
- वृषभ25 मई, सुबह 4:58
- मिथुन27 मई, सुबह 4:03
- कर्क29 मई, सुबह 4:22
- सिंह31 मई, सुबह 7:43
- कन्या2 जून, दोपहर 2:48
- तुला5 जून, रात 1:02
- वृश्चिक7 जून, दोपहर 1:04
- धनु10 जून, रात 1:41
- मकर12 जून, दोपहर 1:59
- कुम्भ15 जून, रात 12:57
- मीन17 जून, सुबह 9:14
- मेष19 जून, दोपहर 1:56
- वृषभ21 जून, दोपहर 3:18
- मिथुन23 जून, दोपहर 2:48
- कर्क25 जून, दोपहर 2:30
- सिंह27 जून, शाम 4:27
- कन्या29 जून, रात 10:01
- तुला2 जुलाई, सुबह 7:21
- वृश्चिक4 जुलाई, शाम 7:12
- धनु7 जुलाई, सुबह 7:50
- मकर9 जुलाई, शाम 7:54
- कुम्भ12 जुलाई, सुबह 6:32
- मीन14 जुलाई, दोपहर 3:03
- मेष16 जुलाई, रात 8:50
- वृषभ18 जुलाई, रात 11:46
- मिथुन21 जुलाई, रात 12:39
- कर्क23 जुलाई, रात 12:58
- सिंह25 जुलाई, रात 2:30
- कन्या27 जुलाई, सुबह 6:52
- तुला29 जुलाई, दोपहर 2:56
- वृश्चिक1 अगस्त, रात 2:08
- धनु3 अगस्त, दोपहर 2:42
- मकर6 अगस्त, रात 2:39
- कुम्भ8 अगस्त, दोपहर 12:45
- मीन10 अगस्त, रात 8:38
- मेष13 अगस्त, रात 2:20
- वृषभ15 अगस्त, सुबह 6:06
- मिथुन17 अगस्त, सुबह 8:25
- कर्क19 अगस्त, सुबह 10:06
- सिंह21 अगस्त, दोपहर 12:21
- कन्या23 अगस्त, शाम 4:29
- तुला25 अगस्त, रात 11:38
- वृश्चिक28 अगस्त, सुबह 10:00
- धनु30 अगस्त, रात 10:23
- मकर2 सितंबर, सुबह 10:30
- कुम्भ4 सितंबर, रात 8:25
- मीन7 सितंबर, रात 3:29
- मेष9 सितंबर, सुबह 8:12
- वृषभ11 सितंबर, सुबह 11:29
- मिथुन13 सितंबर, दोपहर 2:13
- कर्क15 सितंबर, शाम 5:05
- सिंह17 सितंबर, रात 8:36
- कन्या20 सितंबर, रात 1:28
- तुला22 सितंबर, सुबह 8:31
- वृश्चिक24 सितंबर, शाम 6:20
- धनु27 सितंबर, सुबह 6:27
- मकर29 सितंबर, शाम 6:57
- कुम्भ2 अक्टूबर, सुबह 5:21
- मीन4 अक्टूबर, दोपहर 12:16
- मेष6 अक्टूबर, शाम 4:01
- वृषभ8 अक्टूबर, शाम 5:59
- मिथुन10 अक्टूबर, शाम 7:45
- कर्क12 अक्टूबर, रात 10:31
- सिंह15 अक्टूबर, रात 2:50
- कन्या17 अक्टूबर, सुबह 8:46
- तुला19 अक्टूबर, शाम 4:29
- वृश्चिक22 अक्टूबर, रात 2:18
- धनु24 अक्टूबर, दोपहर 2:14
- मकर27 अक्टूबर, रात 3:06
- कुम्भ29 अक्टूबर, दोपहर 2:28
- मीन31 अक्टूबर, रात 10:14
- मेष3 नवंबर, रात 1:58
- वृषभ5 नवंबर, रात 2:57
- मिथुन7 नवंबर, रात 3:10
- कर्क9 नवंबर, सुबह 4:31
- सिंह11 नवंबर, सुबह 8:12
- कन्या13 नवंबर, दोपहर 2:29
- तुला15 नवंबर, रात 10:59
- वृश्चिक18 नवंबर, सुबह 9:18
- धनु20 नवंबर, रात 9:17
- मकर23 नवंबर, सुबह 10:15
- कुम्भ25 नवंबर, रात 10:30
- मीन28 नवंबर, सुबह 7:44
- मेष30 नवंबर, दोपहर 12:42
- वृषभ2 दिसंबर, दोपहर 1:57
- मिथुन4 दिसंबर, दोपहर 1:19
- कर्क6 दिसंबर, दोपहर 1:01
- सिंह8 दिसंबर, दोपहर 2:57
- कन्या10 दिसंबर, रात 8:09
- तुला13 दिसंबर, सुबह 4:34
- वृश्चिक15 दिसंबर, दोपहर 3:22
- धनु18 दिसंबर, रात 3:36
- मकर20 दिसंबर, शाम 4:31
- कुम्भ23 दिसंबर, सुबह 4:59
- मीन25 दिसंबर, दोपहर 3:22
- मेष27 दिसंबर, रात 10:06
- वृषभ30 दिसंबर, रात 12:54
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2017: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
