पंचांग · गोचर · चन्द्र
2021 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2021 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय मेलबर्न के स्थानीय समय (Australia/Melbourne, AEDT/AEST) में।
2021 में चन्द्र किन राशियों में है
- सिंह3 जनवरी, रात 1:46
- कन्या5 जनवरी, सुबह 6:34
- तुला7 जनवरी, सुबह 9:59
- वृश्चिक9 जनवरी, दोपहर 12:27
- धनु11 जनवरी, दोपहर 2:39
- मकर13 जनवरी, शाम 5:35
- कुम्भ15 जनवरी, रात 10:35
- मीन18 जनवरी, सुबह 6:45
- मेष20 जनवरी, शाम 6:06
- वृषभ23 जनवरी, सुबह 6:54
- मिथुन25 जनवरी, शाम 6:32
- कर्क28 जनवरी, रात 3:13
- सिंह30 जनवरी, सुबह 8:51
- कन्या1 फ़रवरी, दोपहर 12:28
- तुला3 फ़रवरी, दोपहर 3:19
- वृश्चिक5 फ़रवरी, शाम 6:16
- धनु7 फ़रवरी, रात 9:44
- मकर10 फ़रवरी, रात 2:00
- कुम्भ12 फ़रवरी, सुबह 7:40
- मीन14 फ़रवरी, दोपहर 3:39
- मेष17 फ़रवरी, रात 2:26
- वृषभ19 फ़रवरी, दोपहर 3:10
- मिथुन22 फ़रवरी, रात 3:25
- कर्क24 फ़रवरी, दोपहर 12:40
- सिंह26 फ़रवरी, शाम 6:05
- कन्या28 फ़रवरी, रात 8:37
- तुला2 मार्च, रात 9:59
- वृश्चिक4 मार्च, रात 11:50
- धनु7 मार्च, रात 3:08
- मकर9 मार्च, सुबह 8:08
- कुम्भ11 मार्च, दोपहर 2:51
- मीन13 मार्च, रात 11:26
- मेष16 मार्च, सुबह 10:13
- वृषभ18 मार्च, रात 10:51
- मिथुन21 मार्च, सुबह 11:38
- कर्क23 मार्च, रात 10:00
- सिंह26 मार्च, सुबह 4:18
- कन्या28 मार्च, सुबह 6:49
- तुला30 मार्च, सुबह 7:12
- वृश्चिक1 अप्रैल, सुबह 7:25
- धनु3 अप्रैल, सुबह 9:13
- मकर5 अप्रैल, दोपहर 12:32
- कुम्भ7 अप्रैल, शाम 7:30
- मीन10 अप्रैल, सुबह 4:46
- मेष12 अप्रैल, दोपहर 3:59
- वृषभ15 अप्रैल, सुबह 4:39
- मिथुन17 अप्रैल, शाम 5:39
- कर्क20 अप्रैल, सुबह 4:58
- सिंह22 अप्रैल, दोपहर 12:45
- कन्या24 अप्रैल, शाम 4:25
- तुला26 अप्रैल, शाम 5:02
- वृश्चिक28 अप्रैल, शाम 4:25
- धनु30 अप्रैल, शाम 4:37
- मकर2 मई, शाम 7:15
- कुम्भ5 मई, रात 1:13
- मीन7 मई, सुबह 10:24
- मेष9 मई, रात 9:58
- वृषभ12 मई, सुबह 10:48
- मिथुन14 मई, रात 11:43
- कर्क17 मई, सुबह 11:22
- सिंह19 मई, रात 8:18
- कन्या22 मई, रात 1:36
- तुला24 मई, रात 3:33
- वृश्चिक26 मई, रात 3:25
- धनु28 मई, रात 2:59
- मकर30 मई, सुबह 4:09
- कुम्भ1 जून, सुबह 8:28
- मीन3 जून, शाम 4:37
- मेष6 जून, रात 3:57
- वृषभ8 जून, शाम 4:53
- मिथुन11 जून, सुबह 5:39
- कर्क13 जून, शाम 5:02
- सिंह16 जून, रात 2:12
- कन्या18 जून, सुबह 8:37
- तुला20 जून, दोपहर 12:12
- वृश्चिक22 जून, दोपहर 1:29
- धनु24 जून, दोपहर 1:40
- मकर26 जून, दोपहर 2:25
- कुम्भ28 जून, शाम 5:29
- मीन1 जुलाई, रात 12:13
- मेष3 जुलाई, सुबह 10:43
- वृषभ5 जुलाई, रात 11:29
- मिथुन8 जुलाई, दोपहर 12:11
- कर्क10 जुलाई, रात 11:07
- सिंह13 जुलाई, सुबह 7:44
- कन्या15 जुलाई, दोपहर 2:09
- तुला17 जुलाई, शाम 6:37
- वृश्चिक19 जुलाई, रात 9:23
- धनु21 जुलाई, रात 10:59
- मकर24 जुलाई, रात 12:27
- कुम्भ26 जुलाई, रात 3:17
- मीन28 जुलाई, सुबह 9:03
- मेष30 जुलाई, शाम 6:32
- वृषभ2 अगस्त, सुबह 6:52
- मिथुन4 अगस्त, शाम 7:37
- कर्क7 अगस्त, सुबह 6:24
- सिंह9 अगस्त, दोपहर 2:20
- कन्या11 अगस्त, शाम 7:53
- तुला13 अगस्त, रात 11:58
- वृश्चिक16 अगस्त, रात 3:15
- धनु18 अगस्त, सुबह 6:05
- मकर20 अगस्त, सुबह 8:51
- कुम्भ22 अगस्त, दोपहर 12:27
- मीन24 अगस्त, शाम 6:08
- मेष27 अगस्त, रात 2:59
- वृषभ29 अगस्त, दोपहर 2:49
- मिथुन1 सितंबर, रात 3:41
- कर्क3 सितंबर, दोपहर 2:49
- सिंह5 सितंबर, रात 10:36
- कन्या8 सितंबर, रात 3:19
- तुला10 सितंबर, सुबह 6:14
- वृश्चिक12 सितंबर, सुबह 8:42
- धनु14 सितंबर, सुबह 11:34
- मकर16 सितंबर, दोपहर 3:12
- कुम्भ18 सितंबर, शाम 7:55
- मीन21 सितंबर, रात 2:20
- मेष23 सितंबर, सुबह 11:13
- वृषभ25 सितंबर, रात 10:46
- मिथुन28 सितंबर, सुबह 11:44
- कर्क30 सितंबर, रात 11:34
- सिंह3 अक्टूबर, सुबह 9:04
- कन्या5 अक्टूबर, दोपहर 1:47
- तुला7 अक्टूबर, दोपहर 3:47
- वृश्चिक9 अक्टूबर, शाम 4:49
- धनु11 अक्टूबर, शाम 6:25
- मकर13 अक्टूबर, रात 9:35
- कुम्भ16 अक्टूबर, रात 2:45
- मीन18 अक्टूबर, सुबह 10:02
- मेष20 अक्टूबर, शाम 7:31
- वृषभ23 अक्टूबर, सुबह 7:08
- मिथुन25 अक्टूबर, रात 8:06
- कर्क28 अक्टूबर, सुबह 8:35
- सिंह30 अक्टूबर, शाम 6:21
- कन्या2 नवंबर, रात 12:09
- तुला4 नवंबर, रात 2:23
- वृश्चिक6 नवंबर, रात 2:34
- धनु8 नवंबर, रात 2:34
- मकर10 नवंबर, सुबह 4:06
- कुम्भ12 नवंबर, सुबह 8:21
- मीन14 नवंबर, दोपहर 3:41
- मेष17 नवंबर, रात 1:44
- वृषभ19 नवंबर, दोपहर 1:43
- मिथुन22 नवंबर, रात 2:40
- कर्क24 नवंबर, दोपहर 3:19
- सिंह27 नवंबर, रात 2:06
- कन्या29 नवंबर, सुबह 9:33
- तुला1 दिसंबर, दोपहर 1:15
- वृश्चिक3 दिसंबर, दोपहर 1:56
- धनु5 दिसंबर, दोपहर 1:17
- मकर7 दिसंबर, दोपहर 1:14
- कुम्भ9 दिसंबर, दोपहर 3:39
- मीन11 दिसंबर, रात 9:46
- मेष14 दिसंबर, सुबह 7:35
- वृषभ16 दिसंबर, शाम 7:50
- मिथुन19 दिसंबर, सुबह 8:51
- कर्क21 दिसंबर, रात 9:16
- सिंह24 दिसंबर, सुबह 8:11
- कन्या26 दिसंबर, शाम 4:43
- तुला28 दिसंबर, रात 10:13
- वृश्चिक31 दिसंबर, रात 12:37
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2021: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
