पंचांग · गोचर · चन्द्र
2023 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2023 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय सिंगापुर के स्थानीय समय (Asia/Singapore, UTC+8) में।
2023 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृषभ2 जनवरी, रात 11:21
- मिथुन5 जनवरी, सुबह 10:35
- कर्क7 जनवरी, रात 10:53
- सिंह10 जनवरी, सुबह 11:31
- कन्या12 जनवरी, रात 11:29
- तुला15 जनवरी, सुबह 9:18
- वृश्चिक17 जनवरी, दोपहर 3:29
- धनु19 जनवरी, शाम 5:47
- मकर21 जनवरी, शाम 5:23
- कुम्भ23 जनवरी, शाम 4:21
- मीन25 जनवरी, शाम 4:59
- मेष27 जनवरी, रात 9:06
- वृषभ30 जनवरी, सुबह 5:16
- मिथुन1 फ़रवरी, शाम 4:29
- कर्क4 फ़रवरी, सुबह 5:01
- सिंह6 फ़रवरी, शाम 5:33
- कन्या9 फ़रवरी, सुबह 5:19
- तुला11 फ़रवरी, दोपहर 3:32
- वृश्चिक13 फ़रवरी, रात 11:07
- धनु16 फ़रवरी, रात 3:15
- मकर18 फ़रवरी, सुबह 4:18
- कुम्भ20 फ़रवरी, रात 3:44
- मीन22 फ़रवरी, रात 3:40
- मेष24 फ़रवरी, सुबह 6:13
- वृषभ26 फ़रवरी, दोपहर 12:44
- मिथुन28 फ़रवरी, रात 11:02
- कर्क3 मार्च, सुबह 11:28
- सिंह6 मार्च, रात 12:00
- कन्या8 मार्च, सुबह 11:23
- तुला10 मार्च, रात 9:06
- वृश्चिक13 मार्च, सुबह 4:48
- धनु15 मार्च, सुबह 10:03
- मकर17 मार्च, दोपहर 12:48
- कुम्भ19 मार्च, दोपहर 1:47
- मीन21 मार्च, दोपहर 2:27
- मेष23 मार्च, शाम 4:38
- वृषभ25 मार्च, रात 9:54
- मिथुन28 मार्च, सुबह 6:55
- कर्क30 मार्च, शाम 6:45
- सिंह2 अप्रैल, सुबह 7:18
- कन्या4 अप्रैल, शाम 6:35
- तुला7 अप्रैल, रात 3:40
- वृश्चिक9 अप्रैल, सुबह 10:31
- धनु11 अप्रैल, दोपहर 3:28
- मकर13 अप्रैल, शाम 6:52
- कुम्भ15 अप्रैल, रात 9:13
- मीन17 अप्रैल, रात 11:21
- मेष20 अप्रैल, रात 2:23
- वृषभ22 अप्रैल, सुबह 7:32
- मिथुन24 अप्रैल, दोपहर 3:42
- कर्क27 अप्रैल, रात 2:47
- सिंह29 अप्रैल, दोपहर 3:17
- कन्या2 मई, रात 2:51
- तुला4 मई, सुबह 11:50
- वृश्चिक6 मई, शाम 5:52
- धनु8 मई, रात 9:40
- मकर11 मई, रात 12:18
- कुम्भ13 मई, रात 2:48
- मीन15 मई, सुबह 5:53
- मेष17 मई, सुबह 10:08
- वृषभ19 मई, शाम 4:05
- मिथुन22 मई, रात 12:16
- कर्क24 मई, सुबह 10:57
- सिंह26 मई, रात 11:19
- कन्या29 मई, सुबह 11:25
- तुला31 मई, रात 8:59
- वृश्चिक3 जून, रात 2:58
- धनु5 जून, सुबह 5:52
- मकर7 जून, सुबह 7:10
- कुम्भ9 जून, सुबह 8:31
- मीन11 जून, सुबह 11:16
- मेष13 जून, शाम 4:02
- वृषभ15 जून, रात 10:53
- मिथुन18 जून, सुबह 7:42
- कर्क20 जून, शाम 6:27
- सिंह23 जून, सुबह 6:47
- कन्या25 जून, शाम 7:21
- तुला28 जून, सुबह 5:57
- वृश्चिक30 जून, दोपहर 12:49
- धनु2 जुलाई, दोपहर 3:48
- मकर4 जुलाई, शाम 4:13
- कुम्भ6 जुलाई, शाम 4:08
- मीन8 जुलाई, शाम 5:27
- मेष10 जुलाई, रात 9:29
- वृषभ13 जुलाई, सुबह 4:27
- मिथुन15 जुलाई, दोपहर 1:52
- कर्क18 जुलाई, रात 1:01
- सिंह20 जुलाई, दोपहर 1:24
- कन्या23 जुलाई, रात 2:11
- तुला25 जुलाई, दोपहर 1:42
- वृश्चिक27 जुलाई, रात 9:58
- धनु30 जुलाई, रात 2:04
- मकर1 अगस्त, रात 2:46
- कुम्भ3 अगस्त, रात 1:55
- मीन5 अगस्त, रात 1:47
- मेष7 अगस्त, सुबह 4:13
- वृषभ9 अगस्त, सुबह 10:12
- मिथुन11 अगस्त, शाम 7:28
- कर्क14 अगस्त, सुबह 6:55
- सिंह16 अगस्त, शाम 7:27
- कन्या19 अगस्त, सुबह 8:10
- तुला21 अगस्त, रात 8:00
- वृश्चिक24 अगस्त, सुबह 5:23
- धनु26 अगस्त, सुबह 11:07
- मकर28 अगस्त, दोपहर 1:09
- कुम्भ30 अगस्त, दोपहर 12:48
- मीन1 सितंबर, दोपहर 12:06
- मेष3 सितंबर, दोपहर 1:08
- वृषभ5 सितंबर, शाम 5:30
- मिथुन8 सितंबर, रात 1:42
- कर्क10 सितंबर, दोपहर 12:54
- सिंह13 सितंबर, रात 1:31
- कन्या15 सितंबर, दोपहर 2:05
- तुला18 सितंबर, रात 1:37
- वृश्चिक20 सितंबर, सुबह 11:13
- धनु22 सितंबर, शाम 6:04
- मकर24 सितंबर, रात 9:47
- कुम्भ26 सितंबर, रात 10:57
- मीन28 सितंबर, रात 10:57
- मेष30 सितंबर, रात 11:38
- वृषभ3 अक्टूबर, रात 2:44
- मिथुन5 अक्टूबर, सुबह 9:28
- कर्क7 अक्टूबर, शाम 7:47
- सिंह10 अक्टूबर, सुबह 8:14
- कन्या12 अक्टूबर, रात 8:46
- तुला15 अक्टूबर, सुबह 7:51
- वृश्चिक17 अक्टूबर, शाम 4:49
- धनु19 अक्टूबर, रात 11:33
- मकर22 अक्टूबर, सुबह 4:08
- कुम्भ24 अक्टूबर, सुबह 6:52
- मीन26 अक्टूबर, सुबह 8:27
- मेष28 अक्टूबर, सुबह 10:01
- वृषभ30 अक्टूबर, दोपहर 12:58
- मिथुन1 नवंबर, शाम 6:41
- कर्क4 नवंबर, रात 3:53
- सिंह6 नवंबर, दोपहर 3:52
- कन्या9 नवंबर, सुबह 4:30
- तुला11 नवंबर, दोपहर 3:31
- वृश्चिक13 नवंबर, रात 11:47
- धनु16 नवंबर, सुबह 5:30
- मकर18 नवंबर, सुबह 9:30
- कुम्भ20 नवंबर, दोपहर 12:37
- मीन22 नवंबर, दोपहर 3:27
- मेष24 नवंबर, शाम 6:30
- वृषभ26 नवंबर, रात 10:25
- मिथुन29 नवंबर, सुबह 4:10
- कर्क1 दिसंबर, दोपहर 12:42
- सिंह4 दिसंबर, रात 12:05
- कन्या6 दिसंबर, दोपहर 12:51
- तुला9 दिसंबर, रात 12:23
- वृश्चिक11 दिसंबर, सुबह 8:41
- धनु13 दिसंबर, दोपहर 1:35
- मकर15 दिसंबर, शाम 4:14
- कुम्भ17 दिसंबर, शाम 6:14
- मीन19 दिसंबर, रात 8:50
- मेष22 दिसंबर, रात 12:38
- वृषभ24 दिसंबर, सुबह 5:47
- मिथुन26 दिसंबर, दोपहर 12:26
- कर्क28 दिसंबर, रात 9:07
- सिंह31 दिसंबर, सुबह 8:11
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2023: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
