पंचांग · गोचर · चन्द्र
2032 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2032 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय पोखरा के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में।
2032 में चन्द्र किन राशियों में है
- सिंह1 जनवरी, रात 11:05
- कन्या4 जनवरी, सुबह 11:16
- तुला6 जनवरी, रात 9:11
- वृश्चिक9 जनवरी, रात 3:20
- धनु11 जनवरी, सुबह 5:33
- मकर13 जनवरी, सुबह 5:11
- कुम्भ15 जनवरी, सुबह 4:21
- मीन17 जनवरी, सुबह 5:14
- मेष19 जनवरी, सुबह 9:30
- वृषभ21 जनवरी, शाम 5:32
- मिथुन24 जनवरी, सुबह 4:25
- कर्क26 जनवरी, शाम 4:42
- सिंह29 जनवरी, सुबह 5:17
- कन्या31 जनवरी, शाम 5:28
- तुला3 फ़रवरी, सुबह 4:09
- वृश्चिक5 फ़रवरी, सुबह 11:55
- धनु7 फ़रवरी, दोपहर 3:54
- मकर9 फ़रवरी, शाम 4:34
- कुम्भ11 फ़रवरी, दोपहर 3:38
- मीन13 फ़रवरी, दोपहर 3:19
- मेष15 फ़रवरी, शाम 5:47
- वृषभ18 फ़रवरी, रात 12:16
- मिथुन20 फ़रवरी, सुबह 10:30
- कर्क22 फ़रवरी, रात 10:50
- सिंह25 फ़रवरी, सुबह 11:28
- कन्या27 फ़रवरी, रात 11:19
- तुला1 मार्च, सुबह 9:48
- वृश्चिक3 मार्च, शाम 6:11
- धनु5 मार्च, रात 11:42
- मकर8 मार्च, रात 2:10
- कुम्भ10 मार्च, रात 2:29
- मीन12 मार्च, रात 2:25
- मेष14 मार्च, सुबह 4:00
- वृषभ16 मार्च, सुबह 8:56
- मिथुन18 मार्च, शाम 5:49
- कर्क21 मार्च, सुबह 5:37
- सिंह23 मार्च, शाम 6:16
- कन्या26 मार्च, सुबह 5:57
- तुला28 मार्च, दोपहर 3:49
- वृश्चिक30 मार्च, रात 11:40
- धनु2 अप्रैल, सुबह 5:25
- मकर4 अप्रैल, सुबह 9:04
- कुम्भ6 अप्रैल, सुबह 11:01
- मीन8 अप्रैल, दोपहर 12:18
- मेष10 अप्रैल, दोपहर 2:21
- वृषभ12 अप्रैल, शाम 6:43
- मिथुन15 अप्रैल, रात 2:27
- कर्क17 अप्रैल, दोपहर 1:23
- सिंह20 अप्रैल, रात 1:53
- कन्या22 अप्रैल, दोपहर 1:41
- तुला24 अप्रैल, रात 11:14
- वृश्चिक27 अप्रैल, सुबह 6:13
- धनु29 अप्रैल, सुबह 11:04
- मकर1 मई, दोपहर 2:29
- कुम्भ3 मई, शाम 5:09
- मीन5 मई, शाम 7:46
- मेष7 मई, रात 11:04
- वृषभ10 मई, रात 3:59
- मिथुन12 मई, सुबह 11:25
- कर्क14 मई, रात 9:41
- सिंह17 मई, सुबह 9:55
- कन्या19 मई, रात 10:04
- तुला22 मई, सुबह 7:57
- वृश्चिक24 मई, दोपहर 2:34
- धनु26 मई, शाम 6:22
- मकर28 मई, रात 8:34
- कुम्भ30 मई, रात 10:33
- मीन2 जून, रात 1:23
- मेष4 जून, सुबह 5:38
- वृषभ6 जून, सुबह 11:36
- मिथुन8 जून, शाम 7:31
- कर्क11 जून, सुबह 5:40
- सिंह13 जून, शाम 5:44
- कन्या16 जून, सुबह 6:16
- तुला18 जून, शाम 4:59
- वृश्चिक21 जून, रात 12:08
- धनु23 जून, रात 3:37
- मकर25 जून, सुबह 4:42
- कुम्भ27 जून, सुबह 5:16
- मीन29 जून, सुबह 7:01
- मेष1 जुलाई, सुबह 11:02
- वृषभ3 जुलाई, शाम 5:33
- मिथुन6 जुलाई, रात 2:14
- कर्क8 जुलाई, दोपहर 12:45
- सिंह11 जुलाई, रात 12:49
- कन्या13 जुलाई, दोपहर 1:36
- तुला16 जुलाई, रात 1:14
- वृश्चिक18 जुलाई, सुबह 9:37
- धनु20 जुलाई, दोपहर 1:51
- मकर22 जुलाई, दोपहर 2:45
- कुम्भ24 जुलाई, दोपहर 2:13
- मीन26 जुलाई, दोपहर 2:25
- मेष28 जुलाई, शाम 5:05
- वृषभ30 जुलाई, रात 11:01
- मिथुन2 अगस्त, सुबह 7:54
- कर्क4 अगस्त, शाम 6:52
- सिंह7 अगस्त, सुबह 7:07
- कन्या9 अगस्त, शाम 7:56
- तुला12 अगस्त, सुबह 8:05
- वृश्चिक14 अगस्त, शाम 5:44
- धनु16 अगस्त, रात 11:29
- मकर19 अगस्त, रात 1:22
- कुम्भ21 अगस्त, रात 12:51
- मीन23 अगस्त, रात 12:04
- मेष25 अगस्त, रात 1:08
- वृषभ27 अगस्त, सुबह 5:34
- मिथुन29 अगस्त, दोपहर 1:42
- कर्क1 सितंबर, रात 12:40
- सिंह3 सितंबर, दोपहर 1:05
- कन्या6 सितंबर, रात 1:49
- तुला8 सितंबर, दोपहर 1:53
- वृश्चिक11 सितंबर, रात 12:07
- धनु13 सितंबर, सुबह 7:16
- मकर15 सितंबर, सुबह 10:50
- कुम्भ17 सितंबर, सुबह 11:32
- मीन19 सितंबर, सुबह 10:59
- मेष21 सितंबर, सुबह 11:14
- वृषभ23 सितंबर, दोपहर 2:08
- मिथुन25 सितंबर, रात 8:48
- कर्क28 सितंबर, सुबह 7:02
- सिंह30 सितंबर, शाम 7:23
- कन्या3 अक्टूबर, सुबह 8:04
- तुला5 अक्टूबर, शाम 7:44
- वृश्चिक8 अक्टूबर, सुबह 5:37
- धनु10 अक्टूबर, दोपहर 1:10
- मकर12 अक्टूबर, शाम 6:03
- कुम्भ14 अक्टूबर, रात 8:28
- मीन16 अक्टूबर, रात 9:18
- मेष18 अक्टूबर, रात 10:01
- वृषभ21 अक्टूबर, रात 12:18
- मिथुन23 अक्टूबर, सुबह 5:38
- कर्क25 अक्टूबर, दोपहर 2:39
- सिंह28 अक्टूबर, रात 2:32
- कन्या30 अक्टूबर, दोपहर 3:15
- तुला2 नवंबर, रात 2:43
- वृश्चिक4 नवंबर, सुबह 11:52
- धनु6 नवंबर, शाम 6:41
- मकर8 नवंबर, रात 11:33
- कुम्भ11 नवंबर, रात 2:57
- मीन13 नवंबर, सुबह 5:22
- मेष15 नवंबर, सुबह 7:32
- वृषभ17 नवंबर, सुबह 10:27
- मिथुन19 नवंबर, दोपहर 3:24
- कर्क21 नवंबर, रात 11:25
- सिंह24 नवंबर, सुबह 10:35
- कन्या26 नवंबर, रात 11:18
- तुला29 नवंबर, सुबह 11:02
- वृश्चिक1 दिसंबर, शाम 7:55
- धनु4 दिसंबर, रात 1:45
- मकर6 दिसंबर, सुबह 5:28
- कुम्भ8 दिसंबर, सुबह 8:18
- मीन10 दिसंबर, सुबह 11:10
- मेष12 दिसंबर, दोपहर 2:34
- वृषभ14 दिसंबर, शाम 6:50
- मिथुन17 दिसंबर, रात 12:28
- कर्क19 दिसंबर, सुबह 8:20
- सिंह21 दिसंबर, शाम 6:57
- कन्या24 दिसंबर, सुबह 7:34
- तुला26 दिसंबर, शाम 7:54
- वृश्चिक29 दिसंबर, सुबह 5:24
- धनु31 दिसंबर, सुबह 11:04
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2032: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
