पंचांग · गोचर · चन्द्र
2034 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2034 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय सैन फ़्रांसिस्को के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।
2034 में चन्द्र किन राशियों में है
- मिथुन3 जनवरी, रात 1:25
- कर्क5 जनवरी, सुबह 4:49
- सिंह7 जनवरी, सुबह 10:58
- कन्या9 जनवरी, रात 8:44
- तुला12 जनवरी, सुबह 9:13
- वृश्चिक14 जनवरी, रात 9:50
- धनु17 जनवरी, सुबह 8:06
- मकर19 जनवरी, दोपहर 3:12
- कुम्भ21 जनवरी, शाम 7:49
- मीन23 जनवरी, रात 11:11
- मेष26 जनवरी, रात 2:11
- वृषभ28 जनवरी, सुबह 5:17
- मिथुन30 जनवरी, सुबह 8:49
- कर्क1 फ़रवरी, दोपहर 1:24
- सिंह3 फ़रवरी, शाम 7:59
- कन्या6 फ़रवरी, सुबह 5:24
- तुला8 फ़रवरी, शाम 5:26
- वृश्चिक11 फ़रवरी, सुबह 6:15
- धनु13 फ़रवरी, शाम 5:15
- मकर16 फ़रवरी, रात 12:48
- कुम्भ18 फ़रवरी, सुबह 4:58
- मीन20 फ़रवरी, सुबह 7:03
- मेष22 फ़रवरी, सुबह 8:33
- वृषभ24 फ़रवरी, सुबह 10:44
- मिथुन26 फ़रवरी, दोपहर 2:21
- कर्क28 फ़रवरी, शाम 7:49
- सिंह3 मार्च, रात 3:24
- कन्या5 मार्च, दोपहर 1:14
- तुला8 मार्च, रात 1:08
- वृश्चिक10 मार्च, दोपहर 2:00
- धनु13 मार्च, रात 2:49
- मकर15 मार्च, सुबह 11:33
- कुम्भ17 मार्च, शाम 4:28
- मीन19 मार्च, शाम 6:15
- मेष21 मार्च, शाम 6:30
- वृषभ23 मार्च, शाम 6:58
- मिथुन25 मार्च, रात 9:14
- कर्क28 मार्च, रात 2:17
- सिंह30 मार्च, सुबह 10:17
- कन्या1 अप्रैल, रात 8:47
- तुला4 अप्रैल, सुबह 8:57
- वृश्चिक6 अप्रैल, रात 9:47
- धनु9 अप्रैल, सुबह 9:59
- मकर11 अप्रैल, शाम 7:55
- कुम्भ14 अप्रैल, रात 2:21
- मीन16 अप्रैल, सुबह 5:08
- मेष18 अप्रैल, सुबह 5:19
- वृषभ20 अप्रैल, सुबह 4:40
- मिथुन22 अप्रैल, सुबह 5:14
- कर्क24 अप्रैल, सुबह 8:43
- सिंह26 अप्रैल, शाम 4:00
- कन्या29 अप्रैल, रात 2:36
- तुला1 मई, दोपहर 3:04
- वृश्चिक4 मई, रात 3:54
- धनु6 मई, शाम 4:02
- मकर9 मई, रात 2:29
- कुम्भ11 मई, सुबह 10:16
- मीन13 मई, दोपहर 2:42
- मेष15 मई, शाम 4:02
- वृषभ17 मई, दोपहर 3:34
- मिथुन19 मई, दोपहर 3:14
- कर्क21 मई, शाम 5:10
- सिंह23 मई, रात 10:56
- कन्या26 मई, सुबह 8:45
- तुला28 मई, रात 9:10
- वृश्चिक31 मई, सुबह 10:02
- धनु2 जून, रात 9:53
- मकर5 जून, सुबह 8:05
- कुम्भ7 जून, शाम 4:17
- मीन9 जून, रात 9:59
- मेष12 जून, रात 12:57
- वृषभ14 जून, रात 1:43
- मिथुन16 जून, रात 1:45
- कर्क18 जून, रात 3:03
- सिंह20 जून, सुबह 7:31
- कन्या22 जून, शाम 4:05
- तुला25 जून, रात 3:55
- वृश्चिक27 जून, शाम 4:45
- धनु30 जून, सुबह 4:25
- मकर2 जुलाई, दोपहर 2:04
- कुम्भ4 जुलाई, रात 9:45
- मीन7 जुलाई, रात 3:35
- मेष9 जुलाई, सुबह 7:33
- वृषभ11 जुलाई, सुबह 9:48
- मिथुन13 जुलाई, सुबह 11:06
- कर्क15 जुलाई, दोपहर 12:55
- सिंह17 जुलाई, शाम 4:59
- कन्या20 जुलाई, रात 12:34
- तुला22 जुलाई, सुबह 11:35
- वृश्चिक25 जुलाई, रात 12:14
- धनु27 जुलाई, दोपहर 12:01
- मकर29 जुलाई, रात 9:23
- कुम्भ1 अगस्त, सुबह 4:15
- मीन3 अगस्त, सुबह 9:14
- मेष5 अगस्त, दोपहर 12:57
- वृषभ7 अगस्त, दोपहर 3:50
- मिथुन9 अगस्त, शाम 6:22
- कर्क11 अगस्त, रात 9:23
- सिंह14 अगस्त, रात 2:01
- कन्या16 अगस्त, सुबह 9:22
- तुला18 अगस्त, शाम 7:48
- वृश्चिक21 अगस्त, सुबह 8:13
- धनु23 अगस्त, रात 8:20
- मकर26 अगस्त, सुबह 6:03
- कुम्भ28 अगस्त, दोपहर 12:37
- मीन30 अगस्त, शाम 4:34
- मेष1 सितंबर, शाम 7:04
- वृषभ3 सितंबर, रात 9:14
- मिथुन5 सितंबर, रात 11:58
- कर्क8 सितंबर, रात 3:54
- सिंह10 सितंबर, सुबह 9:35
- कन्या12 सितंबर, शाम 5:29
- तुला15 सितंबर, रात 3:49
- वृश्चिक17 सितंबर, शाम 4:04
- धनु20 सितंबर, सुबह 4:35
- मकर22 सितंबर, दोपहर 3:12
- कुम्भ24 सितंबर, रात 10:23
- मीन27 सितंबर, रात 2:05
- मेष29 सितंबर, रात 3:27
- वृषभ1 अक्टूबर, सुबह 4:07
- मिथुन3 अक्टूबर, सुबह 5:40
- कर्क5 अक्टूबर, सुबह 9:20
- सिंह7 अक्टूबर, दोपहर 3:34
- कन्या10 अक्टूबर, रात 12:16
- तुला12 अक्टूबर, सुबह 11:01
- वृश्चिक14 अक्टूबर, रात 11:14
- धनु17 अक्टूबर, सुबह 11:58
- मकर19 अक्टूबर, रात 11:33
- कुम्भ22 अक्टूबर, सुबह 8:07
- मीन24 अक्टूबर, दोपहर 12:46
- मेष26 अक्टूबर, दोपहर 2:02
- वृषभ28 अक्टूबर, दोपहर 1:34
- मिथुन30 अक्टूबर, दोपहर 1:26
- कर्क1 नवंबर, दोपहर 3:34
- सिंह3 नवंबर, रात 9:06
- कन्या6 नवंबर, सुबह 5:00
- तुला8 नवंबर, शाम 4:14
- वृश्चिक11 नवंबर, सुबह 4:38
- धनु13 नवंबर, शाम 5:20
- मकर16 नवंबर, सुबह 5:21
- कुम्भ18 नवंबर, दोपहर 3:15
- मीन20 नवंबर, रात 9:38
- मेष23 नवंबर, रात 12:09
- वृषभ24 नवंबर, रात 11:52
- मिथुन26 नवंबर, रात 10:48
- कर्क28 नवंबर, रात 11:13
- सिंह1 दिसंबर, रात 3:01
- कन्या3 दिसंबर, सुबह 10:56
- तुला5 दिसंबर, रात 10:06
- वृश्चिक8 दिसंबर, सुबह 10:43
- धनु10 दिसंबर, रात 11:19
- मकर13 दिसंबर, सुबह 11:07
- कुम्भ15 दिसंबर, रात 9:25
- मीन18 दिसंबर, सुबह 5:11
- मेष20 दिसंबर, सुबह 9:36
- वृषभ22 दिसंबर, सुबह 10:49
- मिथुन24 दिसंबर, सुबह 10:16
- कर्क26 दिसंबर, सुबह 10:02
- सिंह28 दिसंबर, दोपहर 12:17
- कन्या30 दिसंबर, शाम 6:30
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2034: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
