पंचांग · गोचर · चन्द्र
2035 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2035 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय सैन फ़्रांसिस्को के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।
2035 में चन्द्र किन राशियों में है
- तुला2 जनवरी, सुबह 4:41
- वृश्चिक4 जनवरी, शाम 5:09
- धनु7 जनवरी, सुबह 5:46
- मकर9 जनवरी, शाम 5:11
- कुम्भ12 जनवरी, रात 2:57
- मीन14 जनवरी, सुबह 10:49
- मेष16 जनवरी, शाम 4:20
- वृषभ18 जनवरी, शाम 7:21
- मिथुन20 जनवरी, रात 8:26
- कर्क22 जनवरी, रात 9:01
- सिंह24 जनवरी, रात 10:57
- कन्या27 जनवरी, रात 3:56
- तुला29 जनवरी, दोपहर 12:44
- वृश्चिक1 फ़रवरी, रात 12:32
- धनु3 फ़रवरी, दोपहर 1:09
- मकर6 फ़रवरी, रात 12:30
- कुम्भ8 फ़रवरी, सुबह 9:38
- मीन10 फ़रवरी, शाम 4:35
- मेष12 फ़रवरी, रात 9:42
- वृषभ15 फ़रवरी, रात 1:19
- मिथुन17 फ़रवरी, रात 3:50
- कर्क19 फ़रवरी, सुबह 6:00
- सिंह21 फ़रवरी, सुबह 8:55
- कन्या23 फ़रवरी, दोपहर 1:51
- तुला25 फ़रवरी, रात 9:48
- वृश्चिक28 फ़रवरी, सुबह 8:46
- धनु2 मार्च, रात 9:15
- मकर5 मार्च, सुबह 8:57
- कुम्भ7 मार्च, शाम 6:05
- मीन10 मार्च, रात 12:14
- मेष12 मार्च, सुबह 5:07
- वृषभ14 मार्च, सुबह 7:49
- मिथुन16 मार्च, सुबह 10:19
- कर्क18 मार्च, दोपहर 1:25
- सिंह20 मार्च, शाम 5:39
- कन्या22 मार्च, रात 11:32
- तुला25 मार्च, सुबह 7:36
- वृश्चिक27 मार्च, शाम 6:06
- धनु30 मार्च, सुबह 6:24
- मकर1 अप्रैल, शाम 6:36
- कुम्भ4 अप्रैल, सुबह 4:26
- मीन6 अप्रैल, सुबह 10:43
- मेष8 अप्रैल, दोपहर 1:48
- वृषभ10 अप्रैल, दोपहर 3:05
- मिथुन12 अप्रैल, शाम 4:16
- कर्क14 अप्रैल, शाम 6:48
- सिंह16 अप्रैल, रात 11:25
- कन्या19 अप्रैल, सुबह 6:14
- तुला21 अप्रैल, दोपहर 3:03
- वृश्चिक24 अप्रैल, रात 1:42
- धनु26 अप्रैल, दोपहर 1:53
- मकर29 अप्रैल, रात 2:27
- कुम्भ1 मई, दोपहर 1:20
- मीन3 मई, रात 8:40
- मेष6 मई, रात 12:03
- वृषभ8 मई, रात 12:38
- मिथुन10 मई, रात 12:23
- कर्क12 मई, रात 1:21
- सिंह14 मई, सुबह 5:00
- कन्या16 मई, सुबह 11:45
- तुला18 मई, रात 9:06
- वृश्चिक21 मई, सुबह 8:14
- धनु23 मई, रात 8:30
- मकर26 मई, सुबह 9:10
- कुम्भ28 मई, रात 8:48
- मीन31 मई, सुबह 5:31
- मेष2 जून, सुबह 10:11
- वृषभ4 जून, सुबह 11:17
- मिथुन6 जून, सुबह 10:31
- कर्क8 जून, सुबह 10:08
- सिंह10 जून, दोपहर 12:08
- कन्या12 जून, शाम 5:43
- तुला15 जून, रात 2:45
- वृश्चिक17 जून, दोपहर 2:07
- धनु20 जून, रात 2:33
- मकर22 जून, दोपहर 3:08
- कुम्भ25 जून, रात 2:55
- मीन27 जून, दोपहर 12:32
- मेष29 जून, शाम 6:44
- वृषभ1 जुलाई, रात 9:16
- मिथुन3 जुलाई, रात 9:14
- कर्क5 जुलाई, रात 8:33
- सिंह7 जुलाई, रात 9:21
- कन्या10 जुलाई, रात 1:20
- तुला12 जुलाई, सुबह 9:11
- वृश्चिक14 जुलाई, रात 8:10
- धनु17 जुलाई, सुबह 8:40
- मकर19 जुलाई, रात 9:08
- कुम्भ22 जुलाई, सुबह 8:35
- मीन24 जुलाई, शाम 6:13
- मेष27 जुलाई, रात 1:15
- वृषभ29 जुलाई, सुबह 5:18
- मिथुन31 जुलाई, सुबह 6:47
- कर्क2 अगस्त, सुबह 6:59
- सिंह4 अगस्त, सुबह 7:41
- कन्या6 अगस्त, सुबह 10:39
- तुला8 अगस्त, शाम 5:08
- वृश्चिक11 अगस्त, रात 3:11
- धनु13 अगस्त, दोपहर 3:26
- मकर16 अगस्त, रात 3:53
- कुम्भ18 अगस्त, दोपहर 2:58
- मीन20 अगस्त, रात 11:57
- मेष23 अगस्त, सुबह 6:42
- वृषभ25 अगस्त, सुबह 11:20
- मिथुन27 अगस्त, दोपहर 2:09
- कर्क29 अगस्त, दोपहर 3:52
- सिंह31 अगस्त, शाम 5:32
- कन्या2 सितंबर, रात 8:33
- तुला5 सितंबर, रात 2:14
- वृश्चिक7 सितंबर, सुबह 11:17
- धनु9 सितंबर, रात 11:03
- मकर12 सितंबर, सुबह 11:36
- कुम्भ14 सितंबर, रात 10:39
- मीन17 सितंबर, सुबह 7:03
- मेष19 सितंबर, दोपहर 12:49
- वृषभ21 सितंबर, शाम 4:46
- मिथुन23 सितंबर, शाम 7:45
- कर्क25 सितंबर, रात 10:29
- सिंह28 सितंबर, रात 1:32
- कन्या30 सितंबर, सुबह 5:33
- तुला2 अक्टूबर, सुबह 11:24
- वृश्चिक4 अक्टूबर, शाम 7:54
- धनु7 अक्टूबर, सुबह 7:10
- मकर9 अक्टूबर, शाम 7:50
- कुम्भ12 अक्टूबर, सुबह 7:24
- मीन14 अक्टूबर, दोपहर 3:54
- मेष16 अक्टूबर, रात 8:57
- वृषभ18 अक्टूबर, रात 11:38
- मिथुन21 अक्टूबर, रात 1:29
- कर्क23 अक्टूबर, रात 3:51
- सिंह25 अक्टूबर, सुबह 7:30
- कन्या27 अक्टूबर, दोपहर 12:37
- तुला29 अक्टूबर, शाम 7:22
- वृश्चिक1 नवंबर, सुबह 4:05
- धनु3 नवंबर, दोपहर 3:07
- मकर6 नवंबर, रात 2:49
- कुम्भ8 नवंबर, दोपहर 3:09
- मीन11 नवंबर, रात 12:37
- मेष13 नवंबर, सुबह 6:00
- वृषभ15 नवंबर, सुबह 7:59
- मिथुन17 नवंबर, सुबह 8:24
- कर्क19 नवंबर, सुबह 9:14
- सिंह21 नवंबर, सुबह 11:57
- कन्या23 नवंबर, शाम 5:09
- तुला26 नवंबर, रात 12:39
- वृश्चिक28 नवंबर, सुबह 10:05
- धनु30 नवंबर, रात 9:18
- मकर3 दिसंबर, सुबह 9:58
- कुम्भ5 दिसंबर, रात 10:50
- मीन8 दिसंबर, सुबह 9:35
- मेष10 दिसंबर, शाम 4:22
- वृषभ12 दिसंबर, शाम 7:00
- मिथुन14 दिसंबर, शाम 6:56
- कर्क16 दिसंबर, शाम 6:19
- सिंह18 दिसंबर, शाम 7:13
- कन्या20 दिसंबर, रात 11:02
- तुला23 दिसंबर, सुबह 6:09
- वृश्चिक25 दिसंबर, दोपहर 3:58
- धनु28 दिसंबर, रात 3:37
- मकर30 दिसंबर, शाम 4:20
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2035: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
