पंचांग · गोचर · चन्द्र
2040 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2040 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय लंदन के स्थानीय समय (Europe/London, GMT/BST) में।
2040 में चन्द्र किन राशियों में है
- सिंह3 जनवरी, सुबह 8:13
- कन्या5 जनवरी, शाम 5:56
- तुला8 जनवरी, रात 12:48
- वृश्चिक10 जनवरी, सुबह 4:25
- धनु12 जनवरी, सुबह 5:16
- मकर14 जनवरी, सुबह 4:46
- कुम्भ16 जनवरी, सुबह 4:53
- मीन18 जनवरी, सुबह 7:39
- मेष20 जनवरी, दोपहर 2:27
- वृषभ23 जनवरी, रात 1:11
- मिथुन25 जनवरी, दोपहर 2:04
- कर्क28 जनवरी, रात 2:51
- सिंह30 जनवरी, दोपहर 2:07
- कन्या1 फ़रवरी, रात 11:29
- तुला4 फ़रवरी, सुबह 6:50
- वृश्चिक6 फ़रवरी, सुबह 11:54
- धनु8 फ़रवरी, दोपहर 2:35
- मकर10 फ़रवरी, दोपहर 3:28
- कुम्भ12 फ़रवरी, दोपहर 3:56
- मीन14 फ़रवरी, शाम 5:56
- मेष16 फ़रवरी, रात 11:17
- वृषभ19 फ़रवरी, सुबह 8:46
- मिथुन21 फ़रवरी, रात 9:12
- कर्क24 फ़रवरी, सुबह 10:02
- सिंह26 फ़रवरी, रात 9:05
- कन्या29 फ़रवरी, सुबह 5:43
- तुला2 मार्च, दोपहर 12:20
- वृश्चिक4 मार्च, शाम 5:25
- धनु6 मार्च, रात 9:07
- मकर8 मार्च, रात 11:34
- कुम्भ11 मार्च, रात 1:27
- मीन13 मार्च, सुबह 4:02
- मेष15 मार्च, सुबह 8:58
- वृषभ17 मार्च, शाम 5:27
- मिथुन20 मार्च, सुबह 5:09
- कर्क22 मार्च, शाम 5:59
- सिंह25 मार्च, सुबह 6:15
- कन्या27 मार्च, दोपहर 2:37
- तुला29 मार्च, रात 8:18
- वृश्चिक1 अप्रैल, रात 12:17
- धनु3 अप्रैल, रात 3:27
- मकर5 अप्रैल, सुबह 6:22
- कुम्भ7 अप्रैल, सुबह 9:26
- मीन9 अप्रैल, दोपहर 1:16
- मेष11 अप्रैल, शाम 6:53
- वृषभ14 अप्रैल, रात 3:12
- मिथुन16 अप्रैल, दोपहर 2:23
- कर्क19 अप्रैल, रात 3:07
- सिंह21 अप्रैल, दोपहर 2:56
- कन्या23 अप्रैल, रात 11:47
- तुला26 अप्रैल, सुबह 5:15
- वृश्चिक28 अप्रैल, सुबह 8:12
- धनु30 अप्रैल, सुबह 9:59
- मकर2 मई, सुबह 11:55
- कुम्भ4 मई, दोपहर 2:52
- मीन6 मई, शाम 7:27
- मेष9 मई, रात 2:03
- वृषभ11 मई, सुबह 10:56
- मिथुन13 मई, रात 10:07
- कर्क16 मई, सुबह 10:47
- सिंह18 मई, रात 11:07
- कन्या21 मई, सुबह 9:00
- तुला23 मई, दोपहर 3:13
- वृश्चिक25 मई, शाम 6:03
- धनु27 मई, शाम 6:49
- मकर29 मई, शाम 7:12
- कुम्भ31 मई, रात 8:49
- मीन3 जून, रात 12:52
- मेष5 जून, सुबह 7:47
- वृषभ7 जून, शाम 5:21
- मिथुन10 जून, सुबह 4:54
- कर्क12 जून, शाम 5:35
- सिंह15 जून, सुबह 6:11
- कन्या17 जून, शाम 5:03
- तुला20 जून, रात 12:40
- वृश्चिक22 जून, सुबह 4:30
- धनु24 जून, सुबह 5:18
- मकर26 जून, सुबह 4:44
- कुम्भ28 जून, सुबह 4:47
- मीन30 जून, सुबह 7:19
- मेष2 जुलाई, दोपहर 1:25
- वृषभ4 जुलाई, रात 11:01
- मिथुन7 जुलाई, सुबह 10:55
- कर्क9 जुलाई, रात 11:43
- सिंह12 जुलाई, दोपहर 12:17
- कन्या14 जुलाई, रात 11:35
- तुला17 जुलाई, सुबह 8:26
- वृश्चिक19 जुलाई, दोपहर 1:52
- धनु21 जुलाई, दोपहर 3:51
- मकर23 जुलाई, दोपहर 3:30
- कुम्भ25 जुलाई, दोपहर 2:45
- मीन27 जुलाई, दोपहर 3:47
- मेष29 जुलाई, रात 8:21
- वृषभ1 अगस्त, सुबह 5:03
- मिथुन3 अगस्त, शाम 4:49
- कर्क6 अगस्त, सुबह 5:42
- सिंह8 अगस्त, शाम 6:06
- कन्या11 अगस्त, सुबह 5:13
- तुला13 अगस्त, दोपहर 2:28
- वृश्चिक15 अगस्त, रात 9:10
- धनु18 अगस्त, रात 12:48
- मकर20 अगस्त, रात 1:46
- कुम्भ22 अगस्त, रात 1:27
- मीन24 अगस्त, रात 1:52
- मेष26 अगस्त, सुबह 5:06
- वृषभ28 अगस्त, दोपहर 12:25
- मिथुन30 अगस्त, रात 11:27
- कर्क2 सितंबर, दोपहर 12:12
- सिंह5 सितंबर, रात 12:30
- कन्या7 सितंबर, सुबह 11:09
- तुला9 सितंबर, शाम 7:55
- वृश्चिक12 सितंबर, रात 2:47
- धनु14 सितंबर, सुबह 7:30
- मकर16 सितंबर, सुबह 10:03
- कुम्भ18 सितंबर, सुबह 11:07
- मीन20 सितंबर, दोपहर 12:09
- मेष22 सितंबर, दोपहर 3:01
- वृषभ24 सितंबर, रात 9:13
- मिथुन27 सितंबर, सुबह 7:12
- कर्क29 सितंबर, शाम 7:35
- सिंह2 अक्टूबर, सुबह 7:56
- कन्या4 अक्टूबर, शाम 6:23
- तुला7 अक्टूबर, रात 2:25
- वृश्चिक9 अक्टूबर, सुबह 8:25
- धनु11 अक्टूबर, दोपहर 12:52
- मकर13 अक्टूबर, शाम 4:06
- कुम्भ15 अक्टूबर, शाम 6:33
- मीन17 अक्टूबर, रात 8:59
- मेष20 अक्टूबर, रात 12:34
- वृषभ22 अक्टूबर, सुबह 6:36
- मिथुन24 अक्टूबर, दोपहर 3:48
- कर्क27 अक्टूबर, रात 3:39
- सिंह29 अक्टूबर, दोपहर 3:10
- कन्या1 नवंबर, रात 2:00
- तुला3 नवंबर, सुबह 9:51
- वृश्चिक5 नवंबर, दोपहर 2:54
- धनु7 नवंबर, शाम 6:05
- मकर9 नवंबर, रात 8:32
- कुम्भ11 नवंबर, रात 11:08
- मीन14 नवंबर, रात 2:35
- मेष16 नवंबर, सुबह 7:25
- वृषभ18 नवंबर, दोपहर 2:11
- मिथुन20 नवंबर, रात 11:20
- कर्क23 नवंबर, सुबह 10:48
- सिंह25 नवंबर, रात 11:25
- कन्या28 नवंबर, सुबह 11:02
- तुला30 नवंबर, शाम 7:39
- वृश्चिक3 दिसंबर, रात 12:39
- धनु5 दिसंबर, रात 2:48
- मकर7 दिसंबर, रात 3:41
- कुम्भ9 दिसंबर, सुबह 4:58
- मीन11 दिसंबर, सुबह 7:58
- मेष13 दिसंबर, दोपहर 1:20
- वृषभ15 दिसंबर, रात 9:04
- मिथुन18 दिसंबर, सुबह 6:50
- कर्क20 दिसंबर, शाम 6:20
- सिंह23 दिसंबर, सुबह 6:55
- कन्या25 दिसंबर, शाम 7:11
- तुला28 दिसंबर, सुबह 5:09
- वृश्चिक30 दिसंबर, सुबह 11:18
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2040: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
