पंचांग · गोचर · चन्द्र
2045 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2045 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय वेलिंगटन के स्थानीय समय (Pacific/Auckland, NZDT/NZST) में।
2045 में चन्द्र किन राशियों में है
- मिथुन2 जनवरी, शाम 5:28
- कर्क4 जनवरी, शाम 4:39
- सिंह6 जनवरी, शाम 4:24
- कन्या8 जनवरी, शाम 6:36
- तुला11 जनवरी, रात 12:15
- वृश्चिक13 जनवरी, सुबह 9:16
- धनु15 जनवरी, रात 8:40
- मकर18 जनवरी, सुबह 9:18
- कुम्भ20 जनवरी, रात 10:12
- मीन23 जनवरी, सुबह 10:10
- मेष25 जनवरी, शाम 7:46
- वृषभ28 जनवरी, रात 1:49
- मिथुन30 जनवरी, सुबह 4:16
- कर्क1 फ़रवरी, सुबह 4:15
- सिंह3 फ़रवरी, रात 3:37
- कन्या5 फ़रवरी, सुबह 4:21
- तुला7 फ़रवरी, सुबह 8:09
- वृश्चिक9 फ़रवरी, दोपहर 3:48
- धनु12 फ़रवरी, रात 2:48
- मकर14 फ़रवरी, दोपहर 3:34
- कुम्भ17 फ़रवरी, सुबह 4:21
- मीन19 फ़रवरी, दोपहर 3:54
- मेष22 फ़रवरी, रात 1:27
- वृषभ24 फ़रवरी, सुबह 8:25
- मिथुन26 फ़रवरी, दोपहर 12:35
- कर्क28 फ़रवरी, दोपहर 2:20
- सिंह2 मार्च, दोपहर 2:45
- कन्या4 मार्च, दोपहर 3:24
- तुला6 मार्च, शाम 6:03
- वृश्चिक9 मार्च, रात 12:07
- धनु11 मार्च, सुबह 10:00
- मकर13 मार्च, रात 10:29
- कुम्भ16 मार्च, सुबह 11:17
- मीन18 मार्च, रात 10:28
- मेष21 मार्च, सुबह 7:17
- वृषभ23 मार्च, दोपहर 1:51
- मिथुन25 मार्च, शाम 6:31
- कर्क27 मार्च, रात 9:39
- सिंह29 मार्च, रात 11:43
- कन्या1 अप्रैल, रात 1:31
- तुला3 अप्रैल, रात 3:19
- वृश्चिक5 अप्रैल, सुबह 8:35
- धनु7 अप्रैल, शाम 5:21
- मकर10 अप्रैल, सुबह 5:12
- कुम्भ12 अप्रैल, शाम 6:03
- मीन15 अप्रैल, सुबह 5:18
- मेष17 अप्रैल, दोपहर 1:35
- वृषभ19 अप्रैल, शाम 7:09
- मिथुन21 अप्रैल, रात 11:00
- कर्क24 अप्रैल, रात 2:08
- सिंह26 अप्रैल, सुबह 5:07
- कन्या28 अप्रैल, सुबह 8:16
- तुला30 अप्रैल, दोपहर 12:10
- वृश्चिक2 मई, शाम 5:44
- धनु5 मई, रात 2:02
- मकर7 मई, दोपहर 1:19
- कुम्भ10 मई, रात 2:10
- मीन12 मई, दोपहर 1:52
- मेष14 मई, रात 10:21
- वृषभ17 मई, रात 3:20
- मिथुन19 मई, सुबह 6:02
- कर्क21 मई, सुबह 8:00
- सिंह23 मई, सुबह 10:28
- कन्या25 मई, दोपहर 2:02
- तुला27 मई, शाम 6:55
- वृश्चिक30 मई, रात 1:24
- धनु1 जून, सुबह 10:02
- मकर3 जून, रात 9:08
- कुम्भ6 जून, सुबह 9:57
- मीन8 जून, रात 10:16
- मेष11 जून, सुबह 7:36
- वृषभ13 जून, दोपहर 12:58
- मिथुन15 जून, दोपहर 3:08
- कर्क17 जून, दोपहर 3:51
- सिंह19 जून, शाम 4:54
- कन्या21 जून, शाम 7:33
- तुला24 जून, रात 12:24
- वृश्चिक26 जून, सुबह 7:31
- धनु28 जून, शाम 4:49
- मकर1 जुलाई, सुबह 4:10
- कुम्भ3 जुलाई, शाम 4:59
- मीन6 जुलाई, सुबह 5:42
- मेष8 जुलाई, शाम 4:08
- वृषभ10 जुलाई, रात 10:42
- मिथुन13 जुलाई, रात 1:27
- कर्क15 जुलाई, रात 1:47
- सिंह17 जुलाई, रात 1:35
- कन्या19 जुलाई, रात 2:39
- तुला21 जुलाई, सुबह 6:17
- वृश्चिक23 जुलाई, दोपहर 1:03
- धनु25 जुलाई, रात 10:40
- मकर28 जुलाई, सुबह 10:24
- कुम्भ30 जुलाई, रात 11:17
- मीन2 अगस्त, दोपहर 12:05
- मेष4 अगस्त, रात 11:12
- वृषभ7 अगस्त, सुबह 7:10
- मिथुन9 अगस्त, सुबह 11:23
- कर्क11 अगस्त, दोपहर 12:31
- सिंह13 अगस्त, दोपहर 12:04
- कन्या15 अगस्त, सुबह 11:57
- तुला17 अगस्त, दोपहर 1:58
- वृश्चिक19 अगस्त, शाम 7:25
- धनु22 अगस्त, सुबह 4:32
- मकर24 अगस्त, शाम 4:23
- कुम्भ27 अगस्त, सुबह 5:21
- मीन29 अगस्त, शाम 5:57
- मेष1 सितंबर, सुबह 5:04
- वृषभ3 सितंबर, दोपहर 1:47
- मिथुन5 सितंबर, शाम 7:32
- कर्क7 सितंबर, रात 10:16
- सिंह9 सितंबर, रात 10:49
- कन्या11 सितंबर, रात 10:39
- तुला13 सितंबर, रात 11:38
- वृश्चिक16 सितंबर, रात 3:33
- धनु18 सितंबर, सुबह 11:26
- मकर20 सितंबर, रात 10:50
- कुम्भ23 सितंबर, सुबह 11:49
- मीन26 सितंबर, रात 1:13
- मेष28 सितंबर, सुबह 11:50
- वृषभ30 सितंबर, रात 8:18
- मिथुन3 अक्टूबर, रात 2:38
- कर्क5 अक्टूबर, सुबह 6:48
- सिंह7 अक्टूबर, सुबह 9:00
- कन्या9 अक्टूबर, सुबह 9:59
- तुला11 अक्टूबर, सुबह 11:06
- वृश्चिक13 अक्टूबर, दोपहर 2:12
- धनु15 अक्टूबर, रात 8:48
- मकर18 अक्टूबर, सुबह 7:17
- कुम्भ20 अक्टूबर, रात 8:04
- मीन23 अक्टूबर, सुबह 8:31
- मेष25 अक्टूबर, शाम 6:44
- वृषभ28 अक्टूबर, रात 2:22
- मिथुन30 अक्टूबर, सुबह 8:03
- कर्क1 नवंबर, दोपहर 12:24
- सिंह3 नवंबर, दोपहर 3:44
- कन्या5 नवंबर, शाम 6:15
- तुला7 नवंबर, रात 8:35
- वृश्चिक10 नवंबर, रात 12:01
- धनु12 नवंबर, सुबह 6:04
- मकर14 नवंबर, दोपहर 3:40
- कुम्भ17 नवंबर, सुबह 4:03
- मीन19 नवंबर, शाम 4:45
- मेष22 नवंबर, रात 3:09
- वृषभ24 नवंबर, सुबह 10:19
- मिथुन26 नवंबर, दोपहर 2:53
- कर्क28 नवंबर, शाम 6:08
- सिंह30 नवंबर, रात 9:04
- कन्या3 दिसंबर, रात 12:12
- तुला5 दिसंबर, रात 3:49
- वृश्चिक7 दिसंबर, सुबह 8:25
- धनु9 दिसंबर, दोपहर 2:56
- मकर12 दिसंबर, रात 12:14
- कुम्भ14 दिसंबर, दोपहर 12:13
- मीन17 दिसंबर, रात 1:10
- मेष19 दिसंबर, दोपहर 12:21
- वृषभ21 दिसंबर, रात 8:01
- मिथुन24 दिसंबर, रात 12:10
- कर्क26 दिसंबर, रात 2:09
- सिंह28 दिसंबर, रात 3:33
- कन्या30 दिसंबर, सुबह 5:40
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2045: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
