पंचांग · गोचर · चन्द्र
2047 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2047 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय पोर्ट लुई के स्थानीय समय (Indian/Mauritius, UTC+4) में।
2047 में चन्द्र किन राशियों में है
- मीन2 जनवरी, शाम 6:42
- मेष5 जनवरी, सुबह 7:14
- वृषभ7 जनवरी, शाम 6:58
- मिथुन10 जनवरी, सुबह 4:05
- कर्क12 जनवरी, सुबह 10:15
- सिंह14 जनवरी, दोपहर 2:08
- कन्या16 जनवरी, शाम 4:51
- तुला18 जनवरी, शाम 7:23
- वृश्चिक20 जनवरी, रात 10:28
- धनु23 जनवरी, रात 2:40
- मकर25 जनवरी, सुबह 8:32
- कुम्भ27 जनवरी, शाम 4:36
- मीन30 जनवरी, रात 3:07
- मेष1 फ़रवरी, दोपहर 3:26
- वृषभ4 फ़रवरी, रात 3:44
- मिथुन6 फ़रवरी, दोपहर 1:42
- कर्क8 फ़रवरी, रात 8:06
- सिंह10 फ़रवरी, रात 11:14
- कन्या13 फ़रवरी, रात 12:27
- तुला15 फ़रवरी, रात 1:30
- वृश्चिक17 फ़रवरी, रात 3:51
- धनु19 फ़रवरी, सुबह 8:21
- मकर21 फ़रवरी, दोपहर 3:09
- कुम्भ24 फ़रवरी, रात 12:02
- मीन26 फ़रवरी, सुबह 10:45
- मेष28 फ़रवरी, रात 10:58
- वृषभ3 मार्च, सुबह 11:36
- मिथुन5 मार्च, रात 10:42
- कर्क8 मार्च, सुबह 6:20
- सिंह10 मार्च, सुबह 9:57
- कन्या12 मार्च, सुबह 10:34
- तुला14 मार्च, सुबह 10:08
- वृश्चिक16 मार्च, सुबह 10:45
- धनु18 मार्च, दोपहर 2:02
- मकर20 मार्च, रात 8:37
- कुम्भ23 मार्च, सुबह 6:00
- मीन25 मार्च, शाम 5:15
- मेष28 मार्च, सुबह 5:34
- वृषभ30 मार्च, शाम 6:15
- मिथुन2 अप्रैल, सुबह 6:04
- कर्क4 अप्रैल, दोपहर 3:10
- सिंह6 अप्रैल, रात 8:17
- कन्या8 अप्रैल, रात 9:39
- तुला10 अप्रैल, रात 8:52
- वृश्चिक12 अप्रैल, रात 8:09
- धनु14 अप्रैल, रात 9:39
- मकर17 अप्रैल, रात 2:48
- कुम्भ19 अप्रैल, सुबह 11:39
- मीन21 अप्रैल, रात 11:04
- मेष24 अप्रैल, सुबह 11:36
- वृषभ27 अप्रैल, रात 12:12
- मिथुन29 अप्रैल, दोपहर 12:02
- कर्क1 मई, रात 9:56
- सिंह4 मई, सुबह 4:36
- कन्या6 मई, सुबह 7:36
- तुला8 मई, सुबह 7:47
- वृश्चिक10 मई, सुबह 7:00
- धनु12 मई, सुबह 7:25
- मकर14 मई, सुबह 10:55
- कुम्भ16 मई, शाम 6:22
- मीन19 मई, सुबह 5:12
- मेष21 मई, शाम 5:44
- वृषभ24 मई, सुबह 6:16
- मिथुन26 मई, शाम 5:45
- कर्क29 मई, रात 3:30
- सिंह31 मई, सुबह 10:49
- कन्या2 जून, दोपहर 3:15
- तुला4 जून, शाम 5:03
- वृश्चिक6 जून, शाम 5:22
- धनु8 जून, शाम 5:57
- मकर10 जून, रात 8:36
- कुम्भ13 जून, रात 2:41
- मीन15 जून, दोपहर 12:25
- मेष18 जून, रात 12:34
- वृषभ20 जून, दोपहर 1:05
- मिथुन23 जून, रात 12:16
- कर्क25 जून, सुबह 9:22
- सिंह27 जून, शाम 4:14
- कन्या29 जून, रात 9:00
- तुला1 जुलाई, रात 11:58
- वृश्चिक4 जुलाई, रात 1:48
- धनु6 जुलाई, रात 3:31
- मकर8 जुलाई, सुबह 6:27
- कुम्भ10 जुलाई, सुबह 11:56
- मीन12 जुलाई, रात 8:40
- मेष15 जुलाई, सुबह 8:14
- वृषभ17 जुलाई, रात 8:45
- मिथुन20 जुलाई, सुबह 8:00
- कर्क22 जुलाई, शाम 4:38
- सिंह24 जुलाई, रात 10:34
- कन्या27 जुलाई, रात 2:32
- तुला29 जुलाई, सुबह 5:26
- वृश्चिक31 जुलाई, सुबह 8:04
- धनु2 अगस्त, सुबह 11:04
- मकर4 अगस्त, दोपहर 3:05
- कुम्भ6 अगस्त, रात 8:53
- मीन9 अगस्त, सुबह 5:15
- मेष11 अगस्त, शाम 4:18
- वृषभ14 अगस्त, सुबह 4:50
- मिथुन16 अगस्त, शाम 4:33
- कर्क19 अगस्त, रात 1:24
- सिंह21 अगस्त, सुबह 6:47
- कन्या23 अगस्त, सुबह 9:36
- तुला25 अगस्त, सुबह 11:20
- वृश्चिक27 अगस्त, दोपहर 1:26
- धनु29 अगस्त, शाम 4:49
- मकर31 अगस्त, रात 9:49
- कुम्भ3 सितंबर, सुबह 4:32
- मीन5 सितंबर, दोपहर 1:14
- मेष8 सितंबर, रात 12:06
- वृषभ10 सितंबर, दोपहर 12:38
- मिथुन13 सितंबर, रात 1:00
- कर्क15 सितंबर, सुबह 10:46
- सिंह17 सितंबर, शाम 4:34
- कन्या19 सितंबर, शाम 6:52
- तुला21 सितंबर, शाम 7:20
- वृश्चिक23 सितंबर, शाम 7:58
- धनु25 सितंबर, रात 10:22
- मकर28 सितंबर, रात 3:18
- कुम्भ30 सितंबर, सुबह 10:40
- मीन2 अक्टूबर, रात 8:02
- मेष5 अक्टूबर, सुबह 7:09
- वृषभ7 अक्टूबर, शाम 7:40
- मिथुन10 अक्टूबर, सुबह 8:27
- कर्क12 अक्टूबर, शाम 7:24
- सिंह15 अक्टूबर, रात 2:32
- कन्या17 अक्टूबर, सुबह 5:31
- तुला19 अक्टूबर, सुबह 5:38
- वृश्चिक21 अक्टूबर, सुबह 4:59
- धनु23 अक्टूबर, सुबह 5:42
- मकर25 अक्टूबर, सुबह 9:17
- कुम्भ27 अक्टूबर, शाम 4:12
- मीन30 अक्टूबर, रात 1:53
- मेष1 नवंबर, दोपहर 1:24
- वृषभ4 नवंबर, रात 1:59
- मिथुन6 नवंबर, दोपहर 2:47
- कर्क9 नवंबर, रात 2:23
- सिंह11 नवंबर, सुबह 11:02
- कन्या13 नवंबर, दोपहर 3:41
- तुला15 नवंबर, शाम 4:48
- वृश्चिक17 नवंबर, शाम 4:05
- धनु19 नवंबर, दोपहर 3:38
- मकर21 नवंबर, शाम 5:27
- कुम्भ23 नवंबर, रात 10:49
- मीन26 नवंबर, सुबह 7:50
- मेष28 नवंबर, शाम 7:26
- वृषभ1 दिसंबर, सुबह 8:09
- मिथुन3 दिसंबर, रात 8:43
- कर्क6 दिसंबर, सुबह 8:10
- सिंह8 दिसंबर, शाम 5:26
- कन्या10 दिसंबर, रात 11:39
- तुला13 दिसंबर, रात 2:37
- वृश्चिक15 दिसंबर, रात 3:12
- धनु17 दिसंबर, रात 2:59
- मकर19 दिसंबर, रात 3:52
- कुम्भ21 दिसंबर, सुबह 7:35
- मीन23 दिसंबर, दोपहर 3:07
- मेष26 दिसंबर, रात 2:06
- वृषभ28 दिसंबर, दोपहर 2:49
- मिथुन31 दिसंबर, रात 3:18
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2047: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
