पंचांग · गोचर · चन्द्र
2048 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2048 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय ऑकलैंड के स्थानीय समय (Pacific/Auckland, NZDT/NZST) में।
2048 में चन्द्र किन राशियों में है
- कर्क2 जनवरी, रात 11:11
- सिंह5 जनवरी, सुबह 7:57
- कन्या7 जनवरी, दोपहर 2:27
- तुला9 जनवरी, शाम 6:44
- वृश्चिक11 जनवरी, रात 9:07
- धनु13 जनवरी, रात 10:22
- मकर15 जनवरी, रात 11:46
- कुम्भ18 जनवरी, रात 2:52
- मीन20 जनवरी, सुबह 9:05
- मेष22 जनवरी, शाम 6:56
- वृषभ25 जनवरी, सुबह 7:21
- मिथुन27 जनवरी, शाम 7:57
- कर्क30 जनवरी, सुबह 6:36
- सिंह1 फ़रवरी, दोपहर 2:31
- कन्या3 फ़रवरी, रात 8:06
- तुला6 फ़रवरी, रात 12:09
- वृश्चिक8 फ़रवरी, रात 3:21
- धनु10 फ़रवरी, सुबह 6:07
- मकर12 फ़रवरी, सुबह 8:57
- कुम्भ14 फ़रवरी, दोपहर 12:43
- मीन16 फ़रवरी, शाम 6:37
- मेष19 फ़रवरी, रात 3:37
- वृषभ21 फ़रवरी, दोपहर 3:29
- मिथुन24 फ़रवरी, सुबह 4:18
- कर्क26 फ़रवरी, दोपहर 3:20
- सिंह28 फ़रवरी, रात 11:00
- कन्या2 मार्च, रात 3:34
- तुला4 मार्च, सुबह 6:20
- वृश्चिक6 मार्च, सुबह 8:44
- धनु8 मार्च, सुबह 11:41
- मकर10 मार्च, दोपहर 3:34
- कुम्भ12 मार्च, रात 8:34
- मीन15 मार्च, रात 3:10
- मेष17 मार्च, दोपहर 12:05
- वृषभ19 मार्च, रात 11:35
- मिथुन22 मार्च, दोपहर 12:31
- कर्क25 मार्च, रात 12:18
- सिंह27 मार्च, सुबह 8:39
- कन्या29 मार्च, दोपहर 1:06
- तुला31 मार्च, दोपहर 2:51
- वृश्चिक2 अप्रैल, दोपहर 3:44
- धनु4 अप्रैल, शाम 5:26
- मकर6 अप्रैल, शाम 7:55
- कुम्भ9 अप्रैल, रात 1:26
- मीन11 अप्रैल, सुबह 8:56
- मेष13 अप्रैल, शाम 6:25
- वृषभ16 अप्रैल, सुबह 5:58
- मिथुन18 अप्रैल, शाम 6:55
- कर्क21 अप्रैल, सुबह 7:23
- सिंह23 अप्रैल, शाम 4:56
- कन्या25 अप्रैल, रात 10:22
- तुला28 अप्रैल, रात 12:12
- वृश्चिक30 अप्रैल, रात 12:11
- धनु2 मई, रात 12:18
- मकर4 मई, रात 2:14
- कुम्भ6 मई, सुबह 6:56
- मीन8 मई, दोपहर 2:31
- मेष11 मई, रात 12:33
- वृषभ13 मई, दोपहर 12:27
- मिथुन16 मई, रात 1:25
- कर्क18 मई, दोपहर 2:09
- सिंह21 मई, रात 12:44
- कन्या23 मई, सुबह 7:40
- तुला25 मई, सुबह 10:43
- वृश्चिक27 मई, सुबह 11:00
- धनु29 मई, सुबह 10:23
- मकर31 मई, सुबह 10:47
- कुम्भ2 जून, दोपहर 1:49
- मीन4 जून, रात 8:23
- मेष7 जून, सुबह 6:16
- वृषभ9 जून, शाम 6:24
- मिथुन12 जून, सुबह 7:26
- कर्क14 जून, रात 8:02
- सिंह17 जून, सुबह 6:57
- कन्या19 जून, दोपहर 3:02
- तुला21 जून, शाम 7:43
- वृश्चिक23 जून, रात 9:22
- धनु25 जून, रात 9:15
- मकर27 जून, रात 9:05
- कुम्भ29 जून, रात 10:44
- मीन2 जुलाई, रात 3:44
- मेष4 जुलाई, दोपहर 12:38
- वृषभ7 जुलाई, रात 12:33
- मिथुन9 जुलाई, दोपहर 1:37
- कर्क12 जुलाई, रात 1:58
- सिंह14 जुलाई, दोपहर 12:32
- कन्या16 जुलाई, रात 8:48
- तुला19 जुलाई, रात 2:33
- वृश्चिक21 जुलाई, सुबह 5:48
- धनु23 जुलाई, सुबह 7:07
- मकर25 जुलाई, सुबह 7:35
- कुम्भ27 जुलाई, सुबह 8:52
- मीन29 जुलाई, दोपहर 12:41
- मेष31 जुलाई, रात 8:18
- वृषभ3 अगस्त, सुबह 7:31
- मिथुन5 अगस्त, रात 8:28
- कर्क8 अगस्त, सुबह 8:42
- सिंह10 अगस्त, शाम 6:44
- कन्या13 अगस्त, रात 2:21
- तुला15 अगस्त, सुबह 8:00
- वृश्चिक17 अगस्त, दोपहर 12:03
- धनु19 अगस्त, दोपहर 2:47
- मकर21 अगस्त, शाम 4:40
- कुम्भ23 अगस्त, शाम 6:41
- मीन25 अगस्त, रात 10:19
- मेष28 अगस्त, सुबह 5:03
- वृषभ30 अगस्त, दोपहर 3:24
- मिथुन2 सितंबर, सुबह 4:06
- कर्क4 सितंबर, शाम 4:29
- सिंह7 सितंबर, रात 2:21
- कन्या9 सितंबर, सुबह 9:13
- तुला11 सितंबर, दोपहर 1:52
- वृश्चिक13 सितंबर, शाम 5:24
- धनु15 सितंबर, रात 8:31
- मकर17 सितंबर, रात 11:32
- कुम्भ20 सितंबर, रात 2:50
- मीन22 सितंबर, सुबह 7:15
- मेष24 सितंबर, दोपहर 1:56
- वृषभ26 सितंबर, रात 11:44
- मिथुन29 सितंबर, दोपहर 1:07
- कर्क2 अक्टूबर, रात 1:50
- सिंह4 अक्टूबर, दोपहर 12:11
- कन्या6 अक्टूबर, शाम 6:57
- तुला8 अक्टूबर, रात 10:44
- वृश्चिक11 अक्टूबर, रात 12:58
- धनु13 अक्टूबर, रात 3:04
- मकर15 अक्टूबर, सुबह 5:57
- कुम्भ17 अक्टूबर, सुबह 9:59
- मीन19 अक्टूबर, दोपहर 3:29
- मेष21 अक्टूबर, रात 10:54
- वृषभ24 अक्टूबर, सुबह 8:46
- मिथुन26 अक्टूबर, रात 8:56
- कर्क29 अक्टूबर, सुबह 9:55
- सिंह31 अक्टूबर, रात 9:12
- कन्या3 नवंबर, सुबह 4:51
- तुला5 नवंबर, सुबह 8:43
- वृश्चिक7 नवंबर, सुबह 10:03
- धनु9 नवंबर, सुबह 10:38
- मकर11 नवंबर, दोपहर 12:03
- कुम्भ13 नवंबर, दोपहर 3:25
- मीन15 नवंबर, रात 9:12
- मेष18 नवंबर, सुबह 5:24
- वृषभ20 नवंबर, दोपहर 3:50
- मिथुन23 नवंबर, सुबह 4:04
- कर्क25 नवंबर, शाम 5:06
- सिंह28 नवंबर, सुबह 5:09
- कन्या30 नवंबर, दोपहर 2:15
- तुला2 दिसंबर, शाम 7:24
- वृश्चिक4 दिसंबर, रात 9:06
- धनु6 दिसंबर, रात 8:54
- मकर8 दिसंबर, रात 8:42
- कुम्भ10 दिसंबर, रात 10:18
- मीन13 दिसंबर, रात 2:58
- मेष15 दिसंबर, सुबह 11:04
- वृषभ17 दिसंबर, रात 9:57
- मिथुन20 दिसंबर, सुबह 10:29
- कर्क22 दिसंबर, रात 11:26
- सिंह25 दिसंबर, सुबह 11:38
- कन्या27 दिसंबर, रात 9:46
- तुला30 दिसंबर, सुबह 4:40
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2048: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
