पंचांग · गोचर · चन्द्र
2049 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2049 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय ऑकलैंड के स्थानीय समय (Pacific/Auckland, NZDT/NZST) में।
2049 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृश्चिक1 जनवरी, सुबह 7:59
- धनु3 जनवरी, सुबह 8:28
- मकर5 जनवरी, सुबह 7:45
- कुम्भ7 जनवरी, सुबह 7:49
- मीन9 जनवरी, सुबह 10:38
- मेष11 जनवरी, शाम 5:25
- वृषभ14 जनवरी, रात 3:57
- मिथुन16 जनवरी, शाम 4:40
- कर्क19 जनवरी, सुबह 5:36
- सिंह21 जनवरी, शाम 5:28
- कन्या24 जनवरी, रात 3:37
- तुला26 जनवरी, सुबह 11:29
- वृश्चिक28 जनवरी, शाम 4:34
- धनु30 जनवरी, शाम 6:49
- मकर1 फ़रवरी, शाम 7:04
- कुम्भ3 फ़रवरी, शाम 6:58
- मीन5 फ़रवरी, रात 8:32
- मेष8 फ़रवरी, रात 1:38
- वृषभ10 फ़रवरी, सुबह 10:57
- मिथुन12 फ़रवरी, रात 11:20
- कर्क15 फ़रवरी, दोपहर 12:19
- सिंह17 फ़रवरी, रात 11:53
- कन्या20 फ़रवरी, सुबह 9:23
- तुला22 फ़रवरी, शाम 4:56
- वृश्चिक24 फ़रवरी, रात 10:38
- धनु27 फ़रवरी, रात 2:24
- मकर1 मार्च, सुबह 4:21
- कुम्भ3 मार्च, सुबह 5:23
- मीन5 मार्च, सुबह 7:05
- मेष7 मार्च, सुबह 11:19
- वृषभ9 मार्च, शाम 7:22
- मिथुन12 मार्च, सुबह 6:56
- कर्क14 मार्च, शाम 7:50
- सिंह17 मार्च, सुबह 7:28
- कन्या19 मार्च, शाम 4:31
- तुला21 मार्च, रात 11:08
- वृश्चिक24 मार्च, सुबह 4:05
- धनु26 मार्च, सुबह 7:56
- मकर28 मार्च, सुबह 10:56
- कुम्भ30 मार्च, दोपहर 1:26
- मीन1 अप्रैल, शाम 4:18
- मेष3 अप्रैल, रात 8:52
- वृषभ6 अप्रैल, रात 3:23
- मिथुन8 अप्रैल, दोपहर 2:12
- कर्क11 अप्रैल, रात 2:54
- सिंह13 अप्रैल, दोपहर 2:53
- कन्या16 अप्रैल, रात 12:07
- तुला18 अप्रैल, सुबह 6:13
- वृश्चिक20 अप्रैल, सुबह 10:02
- धनु22 अप्रैल, दोपहर 12:44
- मकर24 अप्रैल, दोपहर 3:17
- कुम्भ26 अप्रैल, शाम 6:17
- मीन28 अप्रैल, रात 10:16
- मेष1 मई, रात 3:52
- वृषभ3 मई, सुबह 11:47
- मिथुन5 मई, रात 10:21
- कर्क8 मई, सुबह 10:51
- सिंह10 मई, रात 11:15
- कन्या13 मई, सुबह 9:18
- तुला15 मई, दोपहर 3:48
- वृश्चिक17 मई, शाम 7:08
- धनु19 मई, रात 8:35
- मकर21 मई, रात 9:41
- कुम्भ23 मई, रात 11:46
- मीन26 मई, रात 3:46
- मेष28 मई, सुबह 10:05
- वृषभ30 मई, शाम 6:48
- मिथुन2 जून, सुबह 5:41
- कर्क4 जून, शाम 6:07
- सिंह7 जून, सुबह 6:49
- कन्या9 जून, शाम 5:49
- तुला12 जून, रात 1:30
- वृश्चिक14 जून, सुबह 5:26
- धनु16 जून, सुबह 6:30
- मकर18 जून, सुबह 6:20
- कुम्भ20 जून, सुबह 6:50
- मीन22 जून, सुबह 9:36
- मेष24 जून, दोपहर 3:33
- वृषभ27 जून, रात 12:38
- मिथुन29 जून, दोपहर 12:00
- कर्क2 जुलाई, रात 12:35
- सिंह4 जुलाई, दोपहर 1:19
- कन्या7 जुलाई, रात 12:57
- तुला9 जुलाई, सुबह 9:57
- वृश्चिक11 जुलाई, दोपहर 3:19
- धनु13 जुलाई, शाम 5:11
- मकर15 जुलाई, शाम 4:47
- कुम्भ17 जुलाई, शाम 4:07
- मीन19 जुलाई, शाम 5:15
- मेष21 जुलाई, रात 9:49
- वृषभ24 जुलाई, सुबह 6:20
- मिथुन26 जुलाई, शाम 5:48
- कर्क29 जुलाई, सुबह 6:34
- सिंह31 जुलाई, शाम 7:13
- कन्या3 अगस्त, सुबह 6:51
- तुला5 अगस्त, शाम 4:36
- वृश्चिक7 अगस्त, रात 11:28
- धनु10 अगस्त, रात 2:54
- मकर12 अगस्त, रात 3:29
- कुम्भ14 अगस्त, रात 2:46
- मीन16 अगस्त, रात 2:53
- मेष18 अगस्त, सुबह 5:55
- वृषभ20 अगस्त, दोपहर 1:05
- मिथुन22 अगस्त, रात 11:58
- कर्क25 अगस्त, दोपहर 12:43
- सिंह28 अगस्त, रात 1:16
- कन्या30 अगस्त, दोपहर 12:32
- तुला1 सितंबर, रात 10:07
- वृश्चिक4 सितंबर, सुबह 5:37
- धनु6 सितंबर, सुबह 10:30
- मकर8 सितंबर, दोपहर 12:43
- कुम्भ10 सितंबर, दोपहर 1:07
- मीन12 सितंबर, दोपहर 1:25
- मेष14 सितंबर, दोपहर 3:38
- वृषभ16 सितंबर, रात 9:27
- मिथुन19 सितंबर, सुबह 7:14
- कर्क21 सितंबर, शाम 7:36
- सिंह24 सितंबर, सुबह 8:09
- कन्या26 सितंबर, रात 8:07
- तुला29 सितंबर, सुबह 5:01
- वृश्चिक1 अक्टूबर, दोपहर 12:00
- धनु3 अक्टूबर, शाम 5:11
- मकर5 अक्टूबर, रात 8:36
- कुम्भ7 अक्टूबर, रात 10:34
- मीन10 अक्टूबर, रात 12:06
- मेष12 अक्टूबर, रात 2:41
- वृषभ14 अक्टूबर, सुबह 7:55
- मिथुन16 अक्टूबर, शाम 4:41
- कर्क19 अक्टूबर, सुबह 4:24
- सिंह21 अक्टूबर, शाम 4:59
- कन्या24 अक्टूबर, सुबह 4:05
- तुला26 अक्टूबर, दोपहर 12:34
- वृश्चिक28 अक्टूबर, शाम 6:33
- धनु30 अक्टूबर, रात 10:47
- मकर2 नवंबर, रात 1:59
- कुम्भ4 नवंबर, सुबह 4:45
- मीन6 नवंबर, सुबह 7:38
- मेष8 नवंबर, सुबह 11:27
- वृषभ10 नवंबर, शाम 5:09
- मिथुन13 नवंबर, रात 1:33
- कर्क15 नवंबर, दोपहर 12:42
- सिंह18 नवंबर, रात 1:15
- कन्या20 नवंबर, दोपहर 12:56
- तुला22 नवंबर, रात 9:48
- वृश्चिक25 नवंबर, रात 3:22
- धनु27 नवंबर, सुबह 6:23
- मकर29 नवंबर, सुबह 8:11
- कुम्भ1 दिसंबर, सुबह 10:09
- मीन3 दिसंबर, दोपहर 1:15
- मेष5 दिसंबर, शाम 6:04
- वृषभ8 दिसंबर, रात 12:51
- मिथुन10 दिसंबर, सुबह 9:44
- कर्क12 दिसंबर, रात 8:42
- सिंह15 दिसंबर, सुबह 9:10
- कन्या17 दिसंबर, रात 9:29
- तुला20 दिसंबर, सुबह 7:29
- वृश्चिक22 दिसंबर, दोपहर 1:46
- धनु24 दिसंबर, शाम 4:28
- मकर26 दिसंबर, शाम 5:00
- कुम्भ28 दिसंबर, शाम 5:16
- मीन30 दिसंबर, शाम 7:03
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2049: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
