पंचांग · गोचर · चन्द्र
2049 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2049 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय जनकपुर के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में।
2049 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृश्चिक1 जनवरी, रात 12:44
- धनु3 जनवरी, रात 1:13
- मकर5 जनवरी, रात 12:30
- कुम्भ7 जनवरी, रात 12:34
- मीन9 जनवरी, रात 3:23
- मेष11 जनवरी, सुबह 10:10
- वृषभ13 जनवरी, रात 8:42
- मिथुन16 जनवरी, सुबह 9:25
- कर्क18 जनवरी, रात 10:21
- सिंह21 जनवरी, सुबह 10:13
- कन्या23 जनवरी, रात 8:22
- तुला26 जनवरी, सुबह 4:14
- वृश्चिक28 जनवरी, सुबह 9:19
- धनु30 जनवरी, सुबह 11:34
- मकर1 फ़रवरी, सुबह 11:49
- कुम्भ3 फ़रवरी, सुबह 11:43
- मीन5 फ़रवरी, दोपहर 1:17
- मेष7 फ़रवरी, शाम 6:23
- वृषभ10 फ़रवरी, रात 3:42
- मिथुन12 फ़रवरी, शाम 4:05
- कर्क15 फ़रवरी, सुबह 5:04
- सिंह17 फ़रवरी, शाम 4:38
- कन्या20 फ़रवरी, रात 2:08
- तुला22 फ़रवरी, सुबह 9:41
- वृश्चिक24 फ़रवरी, दोपहर 3:23
- धनु26 फ़रवरी, शाम 7:09
- मकर28 फ़रवरी, रात 9:06
- कुम्भ2 मार्च, रात 10:08
- मीन4 मार्च, रात 11:50
- मेष7 मार्च, सुबह 4:04
- वृषभ9 मार्च, दोपहर 12:07
- मिथुन11 मार्च, रात 11:41
- कर्क14 मार्च, दोपहर 12:35
- सिंह17 मार्च, रात 12:13
- कन्या19 मार्च, सुबह 9:16
- तुला21 मार्च, दोपहर 3:53
- वृश्चिक23 मार्च, रात 8:50
- धनु26 मार्च, रात 12:41
- मकर28 मार्च, रात 3:41
- कुम्भ30 मार्च, सुबह 6:11
- मीन1 अप्रैल, सुबह 9:03
- मेष3 अप्रैल, दोपहर 1:37
- वृषभ5 अप्रैल, रात 9:08
- मिथुन8 अप्रैल, सुबह 7:57
- कर्क10 अप्रैल, रात 8:39
- सिंह13 अप्रैल, सुबह 8:38
- कन्या15 अप्रैल, शाम 5:52
- तुला17 अप्रैल, रात 11:58
- वृश्चिक20 अप्रैल, रात 3:47
- धनु22 अप्रैल, सुबह 6:29
- मकर24 अप्रैल, सुबह 9:02
- कुम्भ26 अप्रैल, दोपहर 12:02
- मीन28 अप्रैल, शाम 4:01
- मेष30 अप्रैल, रात 9:37
- वृषभ3 मई, सुबह 5:32
- मिथुन5 मई, शाम 4:06
- कर्क8 मई, सुबह 4:36
- सिंह10 मई, शाम 5:00
- कन्या13 मई, रात 3:03
- तुला15 मई, सुबह 9:33
- वृश्चिक17 मई, दोपहर 12:53
- धनु19 मई, दोपहर 2:20
- मकर21 मई, दोपहर 3:26
- कुम्भ23 मई, शाम 5:31
- मीन25 मई, रात 9:31
- मेष28 मई, रात 3:50
- वृषभ30 मई, दोपहर 12:33
- मिथुन1 जून, रात 11:26
- कर्क4 जून, सुबह 11:52
- सिंह7 जून, रात 12:34
- कन्या9 जून, सुबह 11:34
- तुला11 जून, शाम 7:15
- वृश्चिक13 जून, रात 11:11
- धनु16 जून, रात 12:15
- मकर18 जून, रात 12:05
- कुम्भ20 जून, रात 12:35
- मीन22 जून, रात 3:21
- मेष24 जून, सुबह 9:18
- वृषभ26 जून, शाम 6:23
- मिथुन29 जून, सुबह 5:45
- कर्क1 जुलाई, शाम 6:20
- सिंह4 जुलाई, सुबह 7:04
- कन्या6 जुलाई, शाम 6:42
- तुला9 जुलाई, रात 3:42
- वृश्चिक11 जुलाई, सुबह 9:04
- धनु13 जुलाई, सुबह 10:56
- मकर15 जुलाई, सुबह 10:32
- कुम्भ17 जुलाई, सुबह 9:52
- मीन19 जुलाई, सुबह 11:00
- मेष21 जुलाई, दोपहर 3:34
- वृषभ24 जुलाई, रात 12:05
- मिथुन26 जुलाई, सुबह 11:33
- कर्क29 जुलाई, रात 12:19
- सिंह31 जुलाई, दोपहर 12:58
- कन्या3 अगस्त, रात 12:36
- तुला5 अगस्त, सुबह 10:21
- वृश्चिक7 अगस्त, शाम 5:13
- धनु9 अगस्त, रात 8:39
- मकर11 अगस्त, रात 9:14
- कुम्भ13 अगस्त, रात 8:31
- मीन15 अगस्त, रात 8:38
- मेष17 अगस्त, रात 11:40
- वृषभ20 अगस्त, सुबह 6:50
- मिथुन22 अगस्त, शाम 5:43
- कर्क25 अगस्त, सुबह 6:28
- सिंह27 अगस्त, शाम 7:01
- कन्या30 अगस्त, सुबह 6:17
- तुला1 सितंबर, दोपहर 3:52
- वृश्चिक3 सितंबर, रात 11:22
- धनु6 सितंबर, सुबह 4:15
- मकर8 सितंबर, सुबह 6:28
- कुम्भ10 सितंबर, सुबह 6:52
- मीन12 सितंबर, सुबह 7:10
- मेष14 सितंबर, सुबह 9:23
- वृषभ16 सितंबर, दोपहर 3:12
- मिथुन19 सितंबर, रात 12:59
- कर्क21 सितंबर, दोपहर 1:21
- सिंह24 सितंबर, रात 1:54
- कन्या26 सितंबर, दोपहर 12:52
- तुला28 सितंबर, रात 9:46
- वृश्चिक1 अक्टूबर, सुबह 4:45
- धनु3 अक्टूबर, सुबह 9:56
- मकर5 अक्टूबर, दोपहर 1:21
- कुम्भ7 अक्टूबर, दोपहर 3:19
- मीन9 अक्टूबर, शाम 4:51
- मेष11 अक्टूबर, शाम 7:26
- वृषभ14 अक्टूबर, रात 12:40
- मिथुन16 अक्टूबर, सुबह 9:26
- कर्क18 अक्टूबर, रात 9:09
- सिंह21 अक्टूबर, सुबह 9:44
- कन्या23 अक्टूबर, रात 8:50
- तुला26 अक्टूबर, सुबह 5:19
- वृश्चिक28 अक्टूबर, सुबह 11:18
- धनु30 अक्टूबर, दोपहर 3:32
- मकर1 नवंबर, शाम 6:44
- कुम्भ3 नवंबर, रात 9:30
- मीन6 नवंबर, रात 12:23
- मेष8 नवंबर, सुबह 4:12
- वृषभ10 नवंबर, सुबह 9:54
- मिथुन12 नवंबर, शाम 6:18
- कर्क15 नवंबर, सुबह 5:27
- सिंह17 नवंबर, शाम 6:00
- कन्या20 नवंबर, सुबह 5:41
- तुला22 नवंबर, दोपहर 2:33
- वृश्चिक24 नवंबर, रात 8:07
- धनु26 नवंबर, रात 11:08
- मकर29 नवंबर, रात 12:56
- कुम्भ1 दिसंबर, रात 2:54
- मीन3 दिसंबर, सुबह 6:00
- मेष5 दिसंबर, सुबह 10:49
- वृषभ7 दिसंबर, शाम 5:36
- मिथुन10 दिसंबर, रात 2:29
- कर्क12 दिसंबर, दोपहर 1:27
- सिंह15 दिसंबर, रात 1:55
- कन्या17 दिसंबर, दोपहर 2:14
- तुला20 दिसंबर, रात 12:14
- वृश्चिक22 दिसंबर, सुबह 6:31
- धनु24 दिसंबर, सुबह 9:13
- मकर26 दिसंबर, सुबह 9:45
- कुम्भ28 दिसंबर, सुबह 10:01
- मीन30 दिसंबर, सुबह 11:48
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2049: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
