पंचांग · गोचर
गोचर 1990: ग्रह कब राशि बदलते हैं
1990 में शनि 20 मार्च को मकर में, शनि 20 जून को धनु में, गुरु (बृहस्पति) 20 जुलाई को कर्क में, शनि 14 दिसंबर को मकर में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।
1 जनवरी 1990 को ग्रह
निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।
- सूर्यधनु में15 दिसंबर 1989 से, 14 जनवरी 1990 तक
- चन्द्रमकर में29 दिसंबर 1989 से, 1 जनवरी 1990 तक
- मंगलवृश्चिक में9 दिसंबर 1989 से, 21 जनवरी 1990 तक
- बुधवक्रीमकर में26 दिसंबर 1989 से, 4 जनवरी 1990 तक
- गुरु (बृहस्पति)वक्रीमिथुन में2 जुलाई 1989 से, 20 जुलाई 1990 तक
- शुक्रवक्रीमकर में1 दिसंबर 1989 से, 27 जनवरी 1990 तक
- शनिधनु में17 दिसंबर 1987 से, 20 मार्च 1990 तक
- राहुमकर में24 सितंबर 1989 से, 13 अप्रैल 1991 तक
- केतुकर्क में24 सितंबर 1989 से, 13 अप्रैल 1991 तक
1990 का गोचर कैलेंडर
समय भारतीय मानक समय (IST) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।
राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय
जनवरी 1990
3 जनवरीदोपहर 3:10
बुध अस्त (14 जनवरी तक)†
4 जनवरीरात 10:44
बुध का धनु में प्रवेश (वक्री गति से)
14 जनवरीसुबह 5:37
शुक्र अस्त (24 जनवरी तक)†
14 जनवरीसुबह 9:20
सूर्य का मकर में प्रवेश
14 जनवरीशाम 6:33
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
20 जनवरीसुबह 10:01
बुध धनु 15°59′ पर मार्गी
21 जनवरीरात 1:28
मंगल का धनु में प्रवेश
23 जनवरीशाम 6:16
शनि का उदय (अस्त समाप्त)†
24 जनवरीरात 3:09
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
27 जनवरीरात 8:46
शुक्र का धनु में प्रवेश (वक्री गति से)
फ़रवरी 1990
7 फ़रवरीसुबह 9:56
बुध का मकर में प्रवेश
8 फ़रवरीदोपहर 2:47
शुक्र धनु 27°13′ पर मार्गी
12 फ़रवरीरात 10:20
सूर्य का कुम्भ में प्रवेश
20 फ़रवरीरात 9:17
शुक्र का मकर में प्रवेश
25 फ़रवरीरात 1:00
गुरु (बृहस्पति) मिथुन 7°05′ पर मार्गी
28 फ़रवरीरात 3:52
बुध का कुम्भ में प्रवेश
मार्च 1990
2 मार्चसुबह 6:28
बुध अस्त (2 अप्रैल तक)†
3 मार्चसुबह 8:59
मंगल का मकर में प्रवेश
14 मार्चशाम 7:15
सूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्चरात 12:40
बुध का मीन में प्रवेश
20 मार्चरात 11:29
शनि का मकर में प्रवेश
31 मार्चसुबह 9:19
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
अप्रैल 1990
1 अप्रैलरात 2:30
बुध का मेष में प्रवेश
2 अप्रैलसुबह 9:55
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
12 अप्रैलशाम 6:02
मंगल का कुम्भ में प्रवेश
14 अप्रैलरात 3:46
सूर्य का मेष में प्रवेश
23 अप्रैलदोपहर 12:23
बुध मेष 23°49′ पर वक्री
25 अप्रैलरात 11:08
बुध अस्त (12 मई तक)†
28 अप्रैलशाम 5:56
शुक्र का मीन में प्रवेश
मई 1990
5 मईरात 3:38
शनि मकर 1°37′ पर वक्री
12 मईरात 2:57
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
15 मईरात 12:38
सूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मईसुबह 7:32
बुध मेष 14°12′ पर मार्गी
22 मईरात 11:54
मंगल का मीन में प्रवेश
25 मईसुबह 5:26
शुक्र का मेष में प्रवेश
जून 1990
7 जूनरात 10:05
बुध का वृषभ में प्रवेश
15 जूनसुबह 7:12
सूर्य का मिथुन में प्रवेश
19 जूनरात 10:12
शुक्र का वृषभ में प्रवेश
20 जूनशाम 7:22
बुध अस्त (15 जुलाई तक)†
20 जूनरात 8:05
शनि का धनु में प्रवेश (वक्री गति से)
25 जूनरात 3:20
बुध का मिथुन में प्रवेश
30 जूनसुबह 9:07
गुरु (बृहस्पति) अस्त (30 जुलाई तक)†
जुलाई 1990
3 जुलाईशाम 4:04
मंगल का मेष में प्रवेश
9 जुलाईरात 2:56
बुध का कर्क में प्रवेश
15 जुलाईरात 3:40
शुक्र का मिथुन में प्रवेश
15 जुलाईशाम 4:48
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
16 जुलाईशाम 6:01
सूर्य का कर्क में प्रवेश
20 जुलाईरात 10:51
गुरु (बृहस्पति) का कर्क में प्रवेश
25 जुलाईदोपहर 1:02
बुध का सिंह में प्रवेश
30 जुलाईसुबह 11:53
गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†
अगस्त 1990
8 अगस्तरात 11:53
शुक्र का कर्क में प्रवेश
17 अगस्तरात 2:22
सूर्य का सिंह में प्रवेश
19 अगस्तरात 8:24
मंगल का वृषभ में प्रवेश
25 अगस्तशाम 7:37
बुध सिंह 29°51′ पर वक्री
सितंबर 1990
1 सितंबररात 11:21
बुध अस्त (15 सितंबर तक)†
2 सितंबरसुबह 11:44
शुक्र का सिंह में प्रवेश
15 सितंबरसुबह 8:36
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
17 सितंबररात 2:17
सूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सितंबरशाम 5:36
बुध सिंह 15°52′ पर मार्गी
23 सितंबरसुबह 11:13
शनि धनु 24°59′ पर मार्गी
24 सितंबरसुबह 9:48
शुक्र अस्त (12 दिसंबर तक)†
26 सितंबरशाम 4:47
शुक्र का कन्या में प्रवेश
अक्टूबर 1990
2 अक्टूबरसुबह 5:56
बुध का कन्या में प्रवेश
3 अक्टूबरदोपहर 12:11
बुध अस्त (15 नवंबर तक)†
17 अक्टूबरदोपहर 2:15
सूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टूबरदोपहर 1:44
बुध का तुला में प्रवेश
20 अक्टूबरशाम 5:19
शुक्र का तुला में प्रवेश
21 अक्टूबररात 12:55
मंगल वृषभ 20°50′ पर वक्री
नवंबर 1990
7 नवंबररात 3:18
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
13 नवंबरदोपहर 3:32
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
15 नवंबररात 9:43
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
16 नवंबरदोपहर 2:05
सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
27 नवंबरसुबह 11:06
बुध का धनु में प्रवेश
30 नवंबरसुबह 10:16
गुरु (बृहस्पति) कर्क 19°52′ पर वक्री
दिसंबर 1990
7 दिसंबरदोपहर 12:54
शुक्र का धनु में प्रवेश
12 दिसंबरदोपहर 12:38
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
14 दिसंबररात 11:21
शनि का मकर में प्रवेश
15 दिसंबररात 2:38
बुध धनु 16°17′ पर वक्री
16 दिसंबरसुबह 4:45
सूर्य का धनु में प्रवेश
19 दिसंबररात 12:05
बुध अस्त (29 दिसंबर तक)†
29 दिसंबररात 11:34
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
31 दिसंबरसुबह 10:28
शुक्र का मकर में प्रवेश
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।
यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
