पंचांग · गोचर · चन्द्र
1973 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1973 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
1973 में चन्द्र किन राशियों में है
- धनु3 जनवरी, रात 3:53
- मकर5 जनवरी, दोपहर 3:32
- कुम्भ8 जनवरी, रात 1:16
- मीन10 जनवरी, सुबह 8:43
- मेष12 जनवरी, दोपहर 1:42
- वृषभ14 जनवरी, शाम 4:23
- मिथुन16 जनवरी, शाम 5:32
- कर्क18 जनवरी, शाम 6:25
- सिंह20 जनवरी, रात 8:38
- कन्या23 जनवरी, रात 1:44
- तुला25 जनवरी, सुबह 10:32
- वृश्चिक27 जनवरी, रात 10:26
- धनु30 जनवरी, सुबह 11:16
- मकर1 फ़रवरी, रात 10:47
- कुम्भ4 फ़रवरी, सुबह 7:48
- मीन6 फ़रवरी, दोपहर 2:22
- मेष8 फ़रवरी, शाम 7:06
- वृषभ10 फ़रवरी, रात 10:35
- मिथुन13 फ़रवरी, रात 1:16
- कर्क15 फ़रवरी, रात 3:41
- सिंह17 फ़रवरी, सुबह 6:43
- कन्या19 फ़रवरी, सुबह 11:36
- तुला21 फ़रवरी, शाम 7:29
- वृश्चिक24 फ़रवरी, सुबह 6:34
- धनु26 फ़रवरी, शाम 7:22
- मकर1 मार्च, सुबह 7:12
- कुम्भ3 मार्च, शाम 4:05
- मीन5 मार्च, रात 9:46
- मेष8 मार्च, रात 1:17
- वृषभ10 मार्च, रात 3:59
- मिथुन12 मार्च, सुबह 6:51
- कर्क14 मार्च, सुबह 10:19
- सिंह16 मार्च, दोपहर 2:39
- कन्या18 मार्च, रात 8:21
- तुला21 मार्च, सुबह 4:14
- वृश्चिक23 मार्च, दोपहर 2:51
- धनु26 मार्च, रात 3:30
- मकर28 मार्च, दोपहर 3:53
- कुम्भ31 मार्च, रात 1:25
- मीन2 अप्रैल, सुबह 7:05
- मेष4 अप्रैल, सुबह 9:42
- वृषभ6 अप्रैल, सुबह 10:59
- मिथुन8 अप्रैल, दोपहर 12:37
- कर्क10 अप्रैल, दोपहर 3:40
- सिंह12 अप्रैल, रात 8:32
- कन्या15 अप्रैल, रात 3:12
- तुला17 अप्रैल, सुबह 11:46
- वृश्चिक19 अप्रैल, रात 10:29
- धनु22 अप्रैल, सुबह 11:02
- मकर24 अप्रैल, रात 11:50
- कुम्भ27 अप्रैल, सुबह 10:25
- मीन29 अप्रैल, शाम 5:03
- मेष1 मई, शाम 7:51
- वृषभ3 मई, रात 8:20
- मिथुन5 मई, रात 8:28
- कर्क7 मई, रात 10:01
- सिंह10 मई, रात 2:02
- कन्या12 मई, सुबह 8:46
- तुला14 मई, शाम 5:56
- वृश्चिक17 मई, सुबह 5:06
- धनु19 मई, शाम 5:43
- मकर22 मई, सुबह 6:40
- कुम्भ24 मई, शाम 6:04
- मीन27 मई, रात 2:06
- मेष29 मई, सुबह 6:07
- वृषभ31 मई, सुबह 7:00
- मिथुन2 जून, सुबह 6:30
- कर्क4 जून, सुबह 6:36
- सिंह6 जून, सुबह 8:59
- कन्या8 जून, दोपहर 2:38
- तुला10 जून, रात 11:36
- वृश्चिक13 जून, सुबह 11:04
- धनु15 जून, रात 11:51
- मकर18 जून, दोपहर 12:42
- कुम्भ21 जून, रात 12:19
- मीन23 जून, सुबह 9:21
- मेष25 जून, दोपहर 2:56
- वृषभ27 जून, शाम 5:12
- मिथुन29 जून, शाम 5:18
- कर्क1 जुलाई, शाम 4:56
- सिंह3 जुलाई, शाम 6:00
- कन्या5 जुलाई, रात 10:04
- तुला8 जुलाई, सुबह 5:57
- वृश्चिक10 जुलाई, शाम 5:08
- धनु13 जुलाई, सुबह 6:00
- मकर15 जुलाई, शाम 6:42
- कुम्भ18 जुलाई, सुबह 6:00
- मीन20 जुलाई, दोपहर 3:08
- मेष22 जुलाई, रात 9:41
- वृषभ25 जुलाई, रात 1:32
- मिथुन27 जुलाई, रात 3:06
- कर्क29 जुलाई, रात 3:29
- सिंह31 जुलाई, सुबह 4:15
- कन्या2 अगस्त, सुबह 7:11
- तुला4 अगस्त, दोपहर 1:43
- वृश्चिक7 अगस्त, रात 12:03
- धनु9 अगस्त, दोपहर 12:44
- मकर12 अगस्त, रात 1:23
- कुम्भ14 अगस्त, दोपहर 12:15
- मीन16 अगस्त, रात 8:46
- मेष19 अगस्त, रात 3:09
- वृषभ21 अगस्त, सुबह 7:44
- मिथुन23 अगस्त, सुबह 10:43
- कर्क25 अगस्त, दोपहर 12:33
- सिंह27 अगस्त, दोपहर 2:10
- कन्या29 अगस्त, शाम 5:00
- तुला31 अगस्त, रात 10:39
- वृश्चिक3 सितंबर, सुबह 7:59
- धनु5 सितंबर, रात 8:15
- मकर8 सितंबर, सुबह 9:00
- कुम्भ10 सितंबर, शाम 7:47
- मीन13 सितंबर, रात 3:39
- मेष15 सितंबर, सुबह 9:05
- वृषभ17 सितंबर, दोपहर 1:06
- मिथुन19 सितंबर, शाम 4:25
- कर्क21 सितंबर, शाम 7:23
- सिंह23 सितंबर, रात 10:20
- कन्या26 सितंबर, रात 2:03
- तुला28 सितंबर, सुबह 7:45
- वृश्चिक30 सितंबर, शाम 4:31
- धनु3 अक्टूबर, सुबह 4:18
- मकर5 अक्टूबर, शाम 5:13
- कुम्भ8 अक्टूबर, सुबह 4:27
- मीन10 अक्टूबर, दोपहर 12:18
- मेष12 अक्टूबर, शाम 4:58
- वृषभ14 अक्टूबर, शाम 7:43
- मिथुन16 अक्टूबर, रात 10:00
- कर्क19 अक्टूबर, रात 12:46
- सिंह21 अक्टूबर, सुबह 4:26
- कन्या23 अक्टूबर, सुबह 9:17
- तुला25 अक्टूबर, दोपहर 3:49
- वृश्चिक28 अक्टूबर, रात 12:44
- धनु30 अक्टूबर, दोपहर 12:15
- मकर2 नवंबर, रात 1:15
- कुम्भ4 नवंबर, दोपहर 1:16
- मीन6 नवंबर, रात 10:01
- मेष9 नवंबर, रात 2:53
- वृषभ11 नवंबर, सुबह 4:51
- मिथुन13 नवंबर, सुबह 5:39
- कर्क15 नवंबर, सुबह 6:56
- सिंह17 नवंबर, सुबह 9:51
- कन्या19 नवंबर, दोपहर 2:55
- तुला21 नवंबर, रात 10:17
- वृश्चिक24 नवंबर, सुबह 7:53
- धनु26 नवंबर, शाम 7:32
- मकर29 नवंबर, सुबह 8:31
- कुम्भ1 दिसंबर, रात 9:08
- मीन4 दिसंबर, सुबह 7:13
- मेष6 दिसंबर, दोपहर 1:24
- वृषभ8 दिसंबर, दोपहर 3:52
- मिथुन10 दिसंबर, शाम 4:02
- कर्क12 दिसंबर, दोपहर 3:45
- सिंह14 दिसंबर, शाम 4:51
- कन्या16 दिसंबर, रात 8:42
- तुला19 दिसंबर, रात 3:50
- वृश्चिक21 दिसंबर, दोपहर 1:55
- धनु24 दिसंबर, रात 1:59
- मकर26 दिसंबर, दोपहर 2:58
- कुम्भ29 दिसंबर, रात 3:39
- मीन31 दिसंबर, दोपहर 2:38
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1973: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
