पंचांग · गोचर · चन्द्र
1974 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1974 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
1974 में चन्द्र किन राशियों में है
- मेष2 जनवरी, रात 10:29
- वृषभ5 जनवरी, रात 2:38
- मिथुन7 जनवरी, रात 3:37
- कर्क9 जनवरी, रात 2:57
- सिंह11 जनवरी, रात 2:36
- कन्या13 जनवरी, सुबह 4:33
- तुला15 जनवरी, सुबह 10:12
- वृश्चिक17 जनवरी, शाम 7:47
- धनु20 जनवरी, सुबह 8:02
- मकर22 जनवरी, रात 9:07
- कुम्भ25 जनवरी, सुबह 9:34
- मीन27 जनवरी, रात 8:30
- मेष30 जनवरी, सुबह 5:14
- वृषभ1 फ़रवरी, सुबह 11:06
- मिथुन3 फ़रवरी, दोपहर 1:55
- कर्क5 फ़रवरी, दोपहर 2:21
- सिंह7 फ़रवरी, दोपहर 1:57
- कन्या9 फ़रवरी, दोपहर 2:43
- तुला11 फ़रवरी, शाम 6:38
- वृश्चिक14 फ़रवरी, रात 2:47
- धनु16 फ़रवरी, दोपहर 2:31
- मकर19 फ़रवरी, रात 3:38
- कुम्भ21 फ़रवरी, दोपहर 3:54
- मीन24 फ़रवरी, रात 2:18
- मेष26 फ़रवरी, सुबह 10:42
- वृषभ28 फ़रवरी, शाम 5:08
- मिथुन2 मार्च, रात 9:26
- कर्क4 मार्च, रात 11:38
- सिंह7 मार्च, रात 12:29
- कन्या9 मार्च, रात 1:31
- तुला11 मार्च, सुबह 4:37
- वृश्चिक13 मार्च, सुबह 11:24
- धनु15 मार्च, रात 10:04
- मकर18 मार्च, सुबह 10:55
- कुम्भ20 मार्च, रात 11:14
- मीन23 मार्च, सुबह 9:17
- मेष25 मार्च, शाम 4:52
- वृषभ27 मार्च, रात 10:35
- मिथुन30 मार्च, रात 2:57
- कर्क1 अप्रैल, सुबह 6:11
- सिंह3 अप्रैल, सुबह 8:33
- कन्या5 अप्रैल, सुबह 10:51
- तुला7 अप्रैल, दोपहर 2:24
- वृश्चिक9 अप्रैल, रात 8:42
- धनु12 अप्रैल, सुबह 6:29
- मकर14 अप्रैल, शाम 6:51
- कुम्भ17 अप्रैल, सुबह 7:21
- मीन19 अप्रैल, शाम 5:36
- मेष22 अप्रैल, रात 12:47
- वृषभ24 अप्रैल, सुबह 5:28
- मिथुन26 अप्रैल, सुबह 8:45
- कर्क28 अप्रैल, सुबह 11:32
- सिंह30 अप्रैल, दोपहर 2:25
- कन्या2 मई, शाम 5:51
- तुला4 मई, रात 10:32
- वृश्चिक7 मई, सुबह 5:20
- धनु9 मई, दोपहर 2:54
- मकर12 मई, रात 2:53
- कुम्भ14 मई, दोपहर 3:32
- मीन17 मई, रात 2:27
- मेष19 मई, सुबह 10:04
- वृषभ21 मई, दोपहर 2:23
- मिथुन23 मई, शाम 4:31
- कर्क25 मई, शाम 5:56
- सिंह27 मई, शाम 7:55
- कन्या29 मई, रात 11:21
- तुला1 जून, सुबह 4:47
- वृश्चिक3 जून, दोपहर 12:28
- धनु5 जून, रात 10:27
- मकर8 जून, सुबह 10:22
- कुम्भ10 जून, रात 11:07
- मीन13 जून, सुबह 10:46
- मेष15 जून, शाम 7:28
- वृषभ18 जून, रात 12:26
- मिथुन20 जून, रात 2:18
- कर्क22 जून, रात 2:34
- सिंह24 जून, रात 2:59
- कन्या26 जून, सुबह 5:12
- तुला28 जून, सुबह 10:15
- वृश्चिक30 जून, शाम 6:19
- धनु3 जुलाई, सुबह 4:52
- मकर5 जुलाई, शाम 5:01
- कुम्भ8 जुलाई, सुबह 5:47
- मीन10 जुलाई, शाम 5:53
- मेष13 जुलाई, रात 3:44
- वृषभ15 जुलाई, सुबह 10:06
- मिथुन17 जुलाई, दोपहर 12:50
- कर्क19 जुलाई, दोपहर 12:57
- सिंह21 जुलाई, दोपहर 12:17
- कन्या23 जुलाई, दोपहर 12:55
- तुला25 जुलाई, शाम 4:33
- वृश्चिक28 जुलाई, रात 12:00
- धनु30 जुलाई, सुबह 10:40
- मकर1 अगस्त, रात 11:05
- कुम्भ4 अगस्त, सुबह 11:50
- मीन6 अगस्त, रात 11:54
- मेष9 अगस्त, सुबह 10:21
- वृषभ11 अगस्त, शाम 6:06
- मिथुन13 अगस्त, रात 10:25
- कर्क15 अगस्त, रात 11:34
- सिंह17 अगस्त, रात 10:58
- कन्या19 अगस्त, रात 10:39
- तुला22 अगस्त, रात 12:45
- वृश्चिक24 अगस्त, सुबह 6:47
- धनु26 अगस्त, शाम 4:47
- मकर29 अगस्त, सुबह 5:10
- कुम्भ31 अगस्त, शाम 5:55
- मीन3 सितंबर, सुबह 5:41
- मेष5 सितंबर, दोपहर 3:57
- वृषभ8 सितंबर, रात 12:13
- मिथुन10 सितंबर, सुबह 5:54
- कर्क12 सितंबर, सुबह 8:43
- सिंह14 सितंबर, सुबह 9:19
- कन्या16 सितंबर, सुबह 9:16
- तुला18 सितंबर, सुबह 10:38
- वृश्चिक20 सितंबर, दोपहर 3:18
- धनु23 सितंबर, रात 12:04
- मकर25 सितंबर, सुबह 11:58
- कुम्भ28 सितंबर, रात 12:41
- मीन30 सितंबर, दोपहर 12:15
- मेष2 अक्टूबर, रात 9:55
- वृषभ5 अक्टूबर, सुबह 5:40
- मिथुन7 अक्टूबर, सुबह 11:34
- कर्क9 अक्टूबर, दोपहर 3:32
- सिंह11 अक्टूबर, शाम 5:43
- कन्या13 अक्टूबर, शाम 6:59
- तुला15 अक्टूबर, रात 8:50
- वृश्चिक18 अक्टूबर, रात 12:59
- धनु20 अक्टूबर, सुबह 8:40
- मकर22 अक्टूबर, शाम 7:44
- कुम्भ25 अक्टूबर, सुबह 8:21
- मीन27 अक्टूबर, रात 8:04
- मेष30 अक्टूबर, सुबह 5:25
- वृषभ1 नवंबर, दोपहर 12:16
- मिथुन3 नवंबर, शाम 5:13
- कर्क5 नवंबर, रात 8:55
- सिंह7 नवंबर, रात 11:49
- कन्या10 नवंबर, रात 2:28
- तुला12 नवंबर, सुबह 5:38
- वृश्चिक14 नवंबर, सुबह 10:23
- धनु16 नवंबर, शाम 5:47
- मकर19 नवंबर, सुबह 4:10
- कुम्भ21 नवंबर, शाम 4:33
- मीन24 नवंबर, सुबह 4:42
- मेष26 नवंबर, दोपहर 2:29
- वृषभ28 नवंबर, रात 9:02
- मिथुन1 दिसंबर, रात 12:52
- कर्क3 दिसंबर, रात 3:11
- सिंह5 दिसंबर, सुबह 5:15
- कन्या7 दिसंबर, सुबह 8:02
- तुला9 दिसंबर, दोपहर 12:12
- वृश्चिक11 दिसंबर, शाम 6:07
- धनु14 दिसंबर, रात 2:08
- मकर16 दिसंबर, दोपहर 12:24
- कुम्भ19 दिसंबर, रात 12:32
- मीन21 दिसंबर, दोपहर 1:07
- मेष23 दिसंबर, रात 11:55
- वृषभ26 दिसंबर, सुबह 7:16
- मिथुन28 दिसंबर, सुबह 10:57
- कर्क30 दिसंबर, दोपहर 12:06
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1974: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
