पंचांग · गोचर · चन्द्र
1982 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1982 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
1982 में चन्द्र किन राशियों में है
- मीन2 जनवरी, रात 12:27
- मेष4 जनवरी, सुबह 5:35
- वृषभ6 जनवरी, सुबह 7:52
- मिथुन8 जनवरी, सुबह 8:17
- कर्क10 जनवरी, सुबह 8:26
- सिंह12 जनवरी, सुबह 10:08
- कन्या14 जनवरी, दोपहर 3:00
- तुला16 जनवरी, रात 11:43
- वृश्चिक19 जनवरी, सुबह 11:31
- धनु22 जनवरी, रात 12:25
- मकर24 जनवरी, दोपहर 12:22
- कुम्भ26 जनवरी, रात 10:16
- मीन29 जनवरी, सुबह 5:53
- मेष31 जनवरी, सुबह 11:23
- वृषभ2 फ़रवरी, दोपहर 3:01
- मिथुन4 फ़रवरी, शाम 5:12
- कर्क6 फ़रवरी, शाम 6:44
- सिंह8 फ़रवरी, रात 8:50
- कन्या11 फ़रवरी, रात 1:00
- तुला13 फ़रवरी, सुबह 8:27
- वृश्चिक15 फ़रवरी, शाम 7:21
- धनु18 फ़रवरी, सुबह 8:08
- मकर20 फ़रवरी, रात 8:14
- कुम्भ23 फ़रवरी, सुबह 5:46
- मीन25 फ़रवरी, दोपहर 12:26
- मेष27 फ़रवरी, शाम 4:59
- वृषभ1 मार्च, रात 8:26
- मिथुन3 मार्च, रात 11:26
- कर्क6 मार्च, रात 2:25
- सिंह8 मार्च, सुबह 5:51
- कन्या10 मार्च, सुबह 10:33
- तुला12 मार्च, शाम 5:38
- वृश्चिक15 मार्च, रात 3:47
- धनु17 मार्च, शाम 4:17
- मकर20 मार्च, सुबह 4:45
- कुम्भ22 मार्च, दोपहर 2:38
- मीन24 मार्च, रात 8:57
- मेष27 मार्च, रात 12:24
- वृषभ29 मार्च, रात 2:33
- मिथुन31 मार्च, सुबह 4:49
- कर्क2 अप्रैल, सुबह 8:02
- सिंह4 अप्रैल, दोपहर 12:27
- कन्या6 अप्रैल, शाम 6:15
- तुला9 अप्रैल, रात 1:53
- वृश्चिक11 अप्रैल, सुबह 11:55
- धनु14 अप्रैल, रात 12:11
- मकर16 अप्रैल, दोपहर 1:00
- कुम्भ18 अप्रैल, रात 11:46
- मीन21 अप्रैल, सुबह 6:41
- मेष23 अप्रैल, सुबह 9:54
- वृषभ25 अप्रैल, सुबह 10:56
- मिथुन27 अप्रैल, सुबह 11:42
- कर्क29 अप्रैल, दोपहर 1:44
- सिंह1 मई, शाम 5:51
- कन्या4 मई, रात 12:11
- तुला6 मई, सुबह 8:36
- वृश्चिक8 मई, शाम 7:03
- धनु11 मई, सुबह 7:19
- मकर13 मई, रात 8:19
- कुम्भ16 मई, सुबह 7:57
- मीन18 मई, शाम 4:08
- मेष20 मई, रात 8:13
- वृषभ22 मई, रात 9:12
- मिथुन24 मई, रात 8:56
- कर्क26 मई, रात 9:22
- सिंह29 मई, रात 12:02
- कन्या31 मई, सुबह 5:42
- तुला2 जून, दोपहर 2:18
- वृश्चिक5 जून, रात 1:14
- धनु7 जून, दोपहर 1:42
- मकर10 जून, रात 2:41
- कुम्भ12 जून, दोपहर 2:44
- मीन15 जून, रात 12:05
- मेष17 जून, सुबह 5:40
- वृषभ19 जून, सुबह 7:44
- मिथुन21 जून, सुबह 7:37
- कर्क23 जून, सुबह 7:10
- सिंह25 जून, सुबह 8:16
- कन्या27 जून, दोपहर 12:25
- तुला29 जून, रात 8:12
- वृश्चिक2 जुलाई, सुबह 7:05
- धनु4 जुलाई, शाम 7:44
- मकर7 जुलाई, सुबह 8:39
- कुम्भ9 जुलाई, रात 8:33
- मीन12 जुलाई, सुबह 6:21
- मेष14 जुलाई, दोपहर 1:13
- वृषभ16 जुलाई, शाम 4:54
- मिथुन18 जुलाई, शाम 6:01
- कर्क20 जुलाई, शाम 5:53
- सिंह22 जुलाई, शाम 6:16
- कन्या24 जुलाई, रात 8:59
- तुला27 जुलाई, रात 3:22
- वृश्चिक29 जुलाई, दोपहर 1:31
- धनु1 अगस्त, रात 2:05
- मकर3 अगस्त, दोपहर 2:57
- कुम्भ6 अगस्त, रात 2:28
- मीन8 अगस्त, सुबह 11:54
- मेष10 अगस्त, शाम 7:03
- वृषभ12 अगस्त, रात 11:53
- मिथुन15 अगस्त, रात 2:36
- कर्क17 अगस्त, रात 3:46
- सिंह19 अगस्त, सुबह 4:38
- कन्या21 अगस्त, सुबह 6:50
- तुला23 अगस्त, दोपहर 12:01
- वृश्चिक25 अगस्त, रात 9:04
- धनु28 अगस्त, सुबह 9:11
- मकर30 अगस्त, रात 10:04
- कुम्भ2 सितंबर, सुबह 9:22
- मीन4 सितंबर, शाम 6:07
- मेष7 सितंबर, रात 12:34
- वृषभ9 सितंबर, सुबह 5:22
- मिथुन11 सितंबर, सुबह 8:57
- कर्क13 सितंबर, सुबह 11:34
- सिंह15 सितंबर, दोपहर 1:44
- कन्या17 सितंबर, शाम 4:30
- तुला19 सितंबर, रात 9:22
- वृश्चिक22 सितंबर, सुबह 5:34
- धनु24 सितंबर, शाम 5:04
- मकर27 सितंबर, सुबह 5:58
- कुम्भ29 सितंबर, शाम 5:30
- मीन2 अक्टूबर, रात 1:58
- मेष4 अक्टूबर, सुबह 7:31
- वृषभ6 अक्टूबर, सुबह 11:15
- मिथुन8 अक्टूबर, दोपहर 2:18
- कर्क10 अक्टूबर, शाम 5:20
- सिंह12 अक्टूबर, रात 8:39
- कन्या15 अक्टूबर, रात 12:38
- तुला17 अक्टूबर, सुबह 6:09
- वृश्चिक19 अक्टूबर, दोपहर 2:12
- धनु22 अक्टूबर, रात 1:14
- मकर24 अक्टूबर, दोपहर 2:07
- कुम्भ27 अक्टूबर, रात 2:15
- मीन29 अक्टूबर, सुबह 11:16
- मेष31 अक्टूबर, शाम 4:36
- वृषभ2 नवंबर, शाम 7:16
- मिथुन4 नवंबर, रात 8:54
- कर्क6 नवंबर, रात 10:53
- सिंह9 नवंबर, रात 2:04
- कन्या11 नवंबर, सुबह 6:48
- तुला13 नवंबर, दोपहर 1:20
- वृश्चिक15 नवंबर, रात 9:59
- धनु18 नवंबर, सुबह 9:00
- मकर20 नवंबर, रात 9:49
- कुम्भ23 नवंबर, सुबह 10:32
- मीन25 नवंबर, रात 8:43
- मेष28 नवंबर, रात 2:58
- वृषभ30 नवंबर, सुबह 5:38
- मिथुन2 दिसंबर, सुबह 6:12
- कर्क4 दिसंबर, सुबह 6:31
- सिंह6 दिसंबर, सुबह 8:10
- कन्या8 दिसंबर, दोपहर 12:14
- तुला10 दिसंबर, शाम 7:03
- वृश्चिक13 दिसंबर, सुबह 4:26
- धनु15 दिसंबर, दोपहर 3:53
- मकर18 दिसंबर, सुबह 4:41
- कुम्भ20 दिसंबर, शाम 5:36
- मीन23 दिसंबर, सुबह 4:51
- मेष25 दिसंबर, दोपहर 12:43
- वृषभ27 दिसंबर, शाम 4:41
- मिथुन29 दिसंबर, शाम 5:33
- कर्क31 दिसंबर, शाम 4:57
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1982: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
