पंचांग · गोचर · चन्द्र
1987 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1987 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
1987 में चन्द्र किन राशियों में है
- मकर1 जनवरी, सुबह 7:24
- कुम्भ3 जनवरी, सुबह 7:34
- मीन5 जनवरी, सुबह 10:58
- मेष7 जनवरी, शाम 6:30
- वृषभ10 जनवरी, सुबह 5:27
- मिथुन12 जनवरी, शाम 5:59
- कर्क15 जनवरी, सुबह 6:33
- सिंह17 जनवरी, शाम 6:18
- कन्या20 जनवरी, सुबह 4:36
- तुला22 जनवरी, दोपहर 12:35
- वृश्चिक24 जनवरी, शाम 5:22
- धनु26 जनवरी, शाम 7:02
- मकर28 जनवरी, शाम 6:46
- कुम्भ30 जनवरी, शाम 6:35
- मीन1 फ़रवरी, रात 8:38
- मेष4 फ़रवरी, रात 2:29
- वृषभ6 फ़रवरी, दोपहर 12:18
- मिथुन9 फ़रवरी, रात 12:35
- कर्क11 फ़रवरी, दोपहर 1:11
- सिंह14 फ़रवरी, रात 12:36
- कन्या16 फ़रवरी, सुबह 10:18
- तुला18 फ़रवरी, शाम 6:04
- वृश्चिक20 फ़रवरी, रात 11:39
- धनु23 फ़रवरी, रात 2:54
- मकर25 फ़रवरी, सुबह 4:20
- कुम्भ27 फ़रवरी, सुबह 5:13
- मीन1 मार्च, सुबह 7:14
- मेष3 मार्च, दोपहर 12:05
- वृषभ5 मार्च, रात 8:35
- मिथुन8 मार्च, सुबह 8:08
- कर्क10 मार्च, रात 8:43
- सिंह13 मार्च, सुबह 8:09
- कन्या15 मार्च, शाम 5:19
- तुला18 मार्च, रात 12:08
- वृश्चिक20 मार्च, सुबह 5:04
- धनु22 मार्च, सुबह 8:34
- मकर24 मार्च, सुबह 11:11
- कुम्भ26 मार्च, दोपहर 1:34
- मीन28 मार्च, शाम 4:43
- मेष30 मार्च, रात 9:44
- वृषभ2 अप्रैल, सुबह 5:36
- मिथुन4 अप्रैल, शाम 4:23
- कर्क7 अप्रैल, सुबह 4:49
- सिंह9 अप्रैल, शाम 4:38
- कन्या12 अप्रैल, रात 1:55
- तुला14 अप्रैल, सुबह 8:06
- वृश्चिक16 अप्रैल, सुबह 11:49
- धनु18 अप्रैल, दोपहर 2:15
- मकर20 अप्रैल, शाम 4:34
- कुम्भ22 अप्रैल, शाम 7:37
- मीन24 अप्रैल, रात 11:56
- मेष27 अप्रैल, सुबह 5:57
- वृषभ29 अप्रैल, दोपहर 2:04
- मिथुन2 मई, रात 12:33
- कर्क4 मई, दोपहर 12:49
- सिंह7 मई, रात 1:07
- कन्या9 मई, सुबह 11:11
- तुला11 मई, शाम 5:38
- वृश्चिक13 मई, रात 8:43
- धनु15 मई, रात 9:50
- मकर17 मई, रात 10:45
- कुम्भ20 मई, रात 1:02
- मीन22 मई, सुबह 5:31
- मेष24 मई, दोपहर 12:19
- वृषभ26 मई, रात 9:11
- मिथुन29 मई, सुबह 7:53
- कर्क31 मई, रात 8:07
- सिंह3 जून, सुबह 8:46
- कन्या5 जून, शाम 7:51
- तुला8 जून, रात 3:25
- वृश्चिक10 जून, सुबह 6:57
- धनु12 जून, सुबह 7:32
- मकर14 जून, सुबह 7:08
- कुम्भ16 जून, सुबह 7:50
- मीन18 जून, सुबह 11:11
- मेष20 जून, शाम 5:46
- वृषभ23 जून, रात 3:04
- मिथुन25 जून, दोपहर 2:13
- कर्क28 जून, रात 2:33
- सिंह30 जून, दोपहर 3:19
- कन्या3 जुलाई, रात 3:06
- तुला5 जुलाई, दोपहर 12:03
- वृश्चिक7 जुलाई, शाम 4:56
- धनु9 जुलाई, शाम 6:10
- मकर11 जुलाई, शाम 5:24
- कुम्भ13 जुलाई, शाम 4:52
- मीन15 जुलाई, शाम 6:35
- मेष17 जुलाई, रात 11:52
- वृषभ20 जुलाई, सुबह 8:42
- मिथुन22 जुलाई, रात 8:01
- कर्क25 जुलाई, सुबह 8:31
- सिंह27 जुलाई, रात 9:12
- कन्या30 जुलाई, सुबह 9:05
- तुला1 अगस्त, शाम 6:52
- वृश्चिक4 अगस्त, रात 1:18
- धनु6 अगस्त, सुबह 4:03
- मकर8 अगस्त, सुबह 4:09
- कुम्भ10 अगस्त, रात 3:27
- मीन12 अगस्त, सुबह 4:03
- मेष14 अगस्त, सुबह 7:45
- वृषभ16 अगस्त, दोपहर 3:18
- मिथुन19 अगस्त, रात 2:08
- कर्क21 अगस्त, दोपहर 2:39
- सिंह24 अगस्त, रात 3:13
- कन्या26 अगस्त, दोपहर 2:45
- तुला29 अगस्त, रात 12:27
- वृश्चिक31 अगस्त, सुबह 7:38
- धनु2 सितंबर, सुबह 11:54
- मकर4 सितंबर, दोपहर 1:37
- कुम्भ6 सितंबर, दोपहर 1:56
- मीन8 सितंबर, दोपहर 2:36
- मेष10 सितंबर, शाम 5:21
- वृषभ12 सितंबर, रात 11:30
- मिथुन15 सितंबर, सुबह 9:19
- कर्क17 सितंबर, रात 9:32
- सिंह20 सितंबर, सुबह 10:05
- कन्या22 सितंबर, रात 9:16
- तुला25 सितंबर, सुबह 6:17
- वृश्चिक27 सितंबर, दोपहर 1:03
- धनु29 सितंबर, शाम 5:45
- मकर1 अक्टूबर, रात 8:46
- कुम्भ3 अक्टूबर, रात 10:41
- मीन6 अक्टूबर, रात 12:29
- मेष8 अक्टूबर, रात 3:26
- वृषभ10 अक्टूबर, सुबह 8:53
- मिथुन12 अक्टूबर, शाम 5:38
- कर्क15 अक्टूबर, सुबह 5:17
- सिंह17 अक्टूबर, शाम 5:56
- कन्या20 अक्टूबर, सुबह 5:11
- तुला22 अक्टूबर, दोपहर 1:40
- वृश्चिक24 अक्टूबर, शाम 7:24
- धनु26 अक्टूबर, रात 11:16
- मकर29 अक्टूबर, रात 2:14
- कुम्भ31 अक्टूबर, सुबह 5:05
- मीन2 नवंबर, सुबह 8:17
- मेष4 नवंबर, दोपहर 12:22
- वृषभ6 नवंबर, शाम 6:08
- मिथुन9 नवंबर, रात 2:26
- कर्क11 नवंबर, दोपहर 1:31
- सिंह14 नवंबर, रात 2:13
- कन्या16 नवंबर, दोपहर 2:03
- तुला18 नवंबर, रात 10:48
- वृश्चिक21 नवंबर, रात 3:57
- धनु23 नवंबर, सुबह 6:32
- मकर25 नवंबर, सुबह 8:13
- कुम्भ27 नवंबर, सुबह 10:26
- मीन29 नवंबर, दोपहर 2:02
- मेष1 दिसंबर, शाम 7:11
- वृषभ4 दिसंबर, रात 1:58
- मिथुन6 दिसंबर, सुबह 10:37
- कर्क8 दिसंबर, रात 9:30
- सिंह11 दिसंबर, सुबह 10:09
- कन्या13 दिसंबर, रात 10:41
- तुला16 दिसंबर, सुबह 8:31
- वृश्चिक18 दिसंबर, दोपहर 2:14
- धनु20 दिसंबर, शाम 4:22
- मकर22 दिसंबर, शाम 4:41
- कुम्भ24 दिसंबर, शाम 5:15
- मीन26 दिसंबर, शाम 7:39
- मेष29 दिसंबर, रात 12:37
- वृषभ31 दिसंबर, सुबह 8:02
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1987: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
