पंचांग · गोचर · चन्द्र
1986 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1986 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
1986 में चन्द्र किन राशियों में है
- कन्या2 जनवरी, दोपहर 2:59
- तुला4 जनवरी, शाम 7:25
- वृश्चिक6 जनवरी, रात 9:50
- धनु8 जनवरी, रात 10:52
- मकर10 जनवरी, रात 11:57
- कुम्भ13 जनवरी, रात 2:57
- मीन15 जनवरी, सुबह 9:29
- मेष17 जनवरी, शाम 7:58
- वृषभ20 जनवरी, सुबह 8:48
- मिथुन22 जनवरी, रात 9:13
- कर्क25 जनवरी, सुबह 7:20
- सिंह27 जनवरी, दोपहर 2:52
- कन्या29 जनवरी, रात 8:30
- तुला1 फ़रवरी, रात 12:52
- वृश्चिक3 फ़रवरी, सुबह 4:16
- धनु5 फ़रवरी, सुबह 6:52
- मकर7 फ़रवरी, सुबह 9:19
- कुम्भ9 फ़रवरी, दोपहर 12:51
- मीन11 फ़रवरी, शाम 6:58
- मेष14 फ़रवरी, सुबह 4:32
- वृषभ16 फ़रवरी, शाम 4:53
- मिथुन19 फ़रवरी, सुबह 5:33
- कर्क21 फ़रवरी, दोपहर 3:58
- सिंह23 फ़रवरी, रात 11:10
- कन्या26 फ़रवरी, रात 3:43
- तुला28 फ़रवरी, सुबह 6:52
- वृश्चिक2 मार्च, सुबह 9:36
- धनु4 मार्च, दोपहर 12:35
- मकर6 मार्च, शाम 4:10
- कुम्भ8 मार्च, रात 8:55
- मीन11 मार्च, रात 3:39
- मेष13 मार्च, दोपहर 1:04
- वृषभ16 मार्च, रात 1:01
- मिथुन18 मार्च, दोपहर 1:50
- कर्क21 मार्च, रात 1:02
- सिंह23 मार्च, सुबह 8:50
- कन्या25 मार्च, दोपहर 1:09
- तुला27 मार्च, दोपहर 3:10
- वृश्चिक29 मार्च, शाम 4:23
- धनु31 मार्च, शाम 6:13
- मकर2 अप्रैल, रात 9:34
- कुम्भ5 अप्रैल, रात 2:59
- मीन7 अप्रैल, सुबह 10:38
- मेष9 अप्रैल, रात 8:35
- वृषभ12 अप्रैल, सुबह 8:30
- मिथुन14 अप्रैल, रात 9:23
- कर्क17 अप्रैल, सुबह 9:19
- सिंह19 अप्रैल, शाम 6:20
- कन्या21 अप्रैल, रात 11:33
- तुला24 अप्रैल, रात 1:29
- वृश्चिक26 अप्रैल, रात 1:39
- धनु28 अप्रैल, रात 1:49
- मकर30 अप्रैल, रात 3:42
- कुम्भ2 मई, सुबह 8:26
- मीन4 मई, शाम 4:20
- मेष7 मई, रात 2:51
- वृषभ9 मई, दोपहर 3:05
- मिथुन12 मई, रात 3:57
- कर्क14 मई, शाम 4:14
- सिंह17 मई, रात 2:22
- कन्या19 मई, सुबह 9:06
- तुला21 मई, दोपहर 12:09
- वृश्चिक23 मई, दोपहर 12:26
- धनु25 मई, सुबह 11:42
- मकर27 मई, सुबह 11:58
- कुम्भ29 मई, दोपहर 3:07
- मीन31 मई, रात 10:06
- मेष3 जून, सुबह 8:35
- वृषभ5 जून, रात 9:04
- मिथुन8 जून, सुबह 9:57
- कर्क10 जून, रात 10:08
- सिंह13 जून, सुबह 8:43
- कन्या15 जून, शाम 4:42
- तुला17 जून, रात 9:24
- वृश्चिक19 जून, रात 10:56
- धनु21 जून, रात 10:31
- मकर23 जून, रात 10:05
- कुम्भ25 जून, रात 11:46
- मीन28 जून, सुबह 5:14
- मेष30 जून, दोपहर 2:49
- वृषभ3 जुलाई, रात 3:08
- मिथुन5 जुलाई, शाम 4:03
- कर्क8 जुलाई, रात 3:58
- सिंह10 जुलाई, दोपहर 2:15
- कन्या12 जुलाई, रात 10:34
- तुला15 जुलाई, सुबह 4:26
- वृश्चिक17 जुलाई, सुबह 7:35
- धनु19 जुलाई, सुबह 8:30
- मकर21 जुलाई, सुबह 8:34
- कुम्भ23 जुलाई, सुबह 9:45
- मीन25 जुलाई, दोपहर 1:59
- मेष27 जुलाई, रात 10:18
- वृषभ30 जुलाई, सुबह 9:59
- मिथुन1 अगस्त, रात 10:48
- कर्क4 अगस्त, सुबह 10:34
- सिंह6 अगस्त, रात 8:18
- कन्या9 अगस्त, सुबह 4:02
- तुला11 अगस्त, सुबह 9:56
- वृश्चिक13 अगस्त, दोपहर 2:01
- धनु15 अगस्त, शाम 4:23
- मकर17 अगस्त, शाम 5:48
- कुम्भ19 अगस्त, शाम 7:37
- मीन21 अगस्त, रात 11:34
- मेष24 अगस्त, सुबह 6:56
- वृषभ26 अगस्त, शाम 5:46
- मिथुन29 अगस्त, सुबह 6:22
- कर्क31 अगस्त, शाम 6:16
- सिंह3 सितंबर, रात 3:47
- कन्या5 सितंबर, सुबह 10:44
- तुला7 सितंबर, दोपहर 3:41
- वृश्चिक9 सितंबर, शाम 7:22
- धनु11 सितंबर, रात 10:16
- मकर14 सितंबर, रात 12:53
- कुम्भ16 सितंबर, सुबह 4:00
- मीन18 सितंबर, सुबह 8:38
- मेष20 सितंबर, दोपहर 3:52
- वृषभ23 सितंबर, रात 2:06
- मिथुन25 सितंबर, दोपहर 2:25
- कर्क28 सितंबर, रात 2:40
- सिंह30 सितंबर, दोपहर 12:38
- कन्या2 अक्टूबर, शाम 7:22
- तुला4 अक्टूबर, रात 11:21
- वृश्चिक7 अक्टूबर, रात 1:44
- धनु9 अक्टूबर, रात 3:45
- मकर11 अक्टूबर, सुबह 6:24
- कुम्भ13 अक्टूबर, सुबह 10:22
- मीन15 अक्टूबर, शाम 4:06
- मेष17 अक्टूबर, रात 11:59
- वृषभ20 अक्टूबर, सुबह 10:11
- मिथुन22 अक्टूबर, रात 10:18
- कर्क25 अक्टूबर, सुबह 10:53
- सिंह27 अक्टूबर, रात 9:47
- कन्या30 अक्टूबर, सुबह 5:20
- तुला1 नवंबर, सुबह 9:14
- वृश्चिक3 नवंबर, सुबह 10:34
- धनु5 नवंबर, सुबह 11:01
- मकर7 नवंबर, दोपहर 12:19
- कुम्भ9 नवंबर, दोपहर 3:47
- मीन11 नवंबर, रात 9:58
- मेष14 नवंबर, सुबह 6:40
- वृषभ16 नवंबर, शाम 5:21
- मिथुन19 नवंबर, सुबह 5:27
- कर्क21 नवंबर, शाम 6:09
- सिंह24 नवंबर, सुबह 5:56
- कन्या26 नवंबर, दोपहर 2:56
- तुला28 नवंबर, रात 8:01
- वृश्चिक30 नवंबर, रात 9:30
- धनु2 दिसंबर, रात 9:00
- मकर4 दिसंबर, रात 8:37
- कुम्भ6 दिसंबर, रात 10:23
- मीन9 दिसंबर, रात 3:36
- मेष11 दिसंबर, दोपहर 12:20
- वृषभ13 दिसंबर, रात 11:31
- मिथुन16 दिसंबर, सुबह 11:51
- कर्क19 दिसंबर, रात 12:28
- सिंह21 दिसंबर, दोपहर 12:31
- कन्या23 दिसंबर, रात 10:41
- तुला26 दिसंबर, सुबह 5:32
- वृश्चिक28 दिसंबर, सुबह 8:30
- धनु30 दिसंबर, सुबह 8:29
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1986: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
