ग्रंथ-संग्रह · योग
Yogasūtra
योगसूत्र
- रचयिता
- पतञ्जलि
- काल
- प्रायः ईस्वी सन् की आरंभिक शताब्दियों में रखा जाता है (काल-निर्धारण विवादित)
- परंपरा
- योग
सार
सूत्रों का संक्षिप्त समूह, जो योग को चित्त की वृत्तियों का निरोध बताता है और साधना के आठ अंग (अष्टांग) प्रस्तुत करता है। यह सांख्य के तत्त्व-दर्शन से सामग्री लेता है। परंपरा में व्यास के नाम से प्रसिद्ध भाष्य को सूत्रों से अविभाज्य मानकर पढ़ा जाता है।
संरचना
चार पादों में 195 या 196 सूत्र।
कहाँ पढ़ें
व्यास-भाष्य सहित अनुवाद: जे. एच. वुड्स (J. H. Woods, 1914) और एडविन ब्रायंट (Edwin Bryant, 2009)।
