पंचांग · गोचर · चन्द्र
1985 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1985 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
1985 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृषभ3 जनवरी, सुबह 5:08
- मिथुन5 जनवरी, दोपहर 2:09
- कर्क7 जनवरी, शाम 7:54
- सिंह9 जनवरी, रात 11:24
- कन्या12 जनवरी, रात 2:00
- तुला14 जनवरी, सुबह 4:46
- वृश्चिक16 जनवरी, सुबह 8:16
- धनु18 जनवरी, दोपहर 12:43
- मकर20 जनवरी, शाम 6:30
- कुम्भ23 जनवरी, रात 2:21
- मीन25 जनवरी, दोपहर 12:52
- मेष28 जनवरी, रात 1:27
- वृषभ30 जनवरी, दोपहर 1:58
- मिथुन1 फ़रवरी, रात 11:44
- कर्क4 फ़रवरी, सुबह 5:35
- सिंह6 फ़रवरी, सुबह 8:11
- कन्या8 फ़रवरी, सुबह 9:17
- तुला10 फ़रवरी, सुबह 10:40
- वृश्चिक12 फ़रवरी, दोपहर 1:36
- धनु14 फ़रवरी, शाम 6:29
- मकर17 फ़रवरी, रात 1:16
- कुम्भ19 फ़रवरी, सुबह 9:52
- मीन21 फ़रवरी, रात 8:31
- मेष24 फ़रवरी, सुबह 9:00
- वृषभ26 फ़रवरी, रात 9:56
- मिथुन1 मार्च, सुबह 8:52
- कर्क3 मार्च, दोपहर 3:52
- सिंह5 मार्च, शाम 6:49
- कन्या7 मार्च, शाम 7:10
- तुला9 मार्च, शाम 7:01
- वृश्चिक11 मार्च, रात 8:14
- धनु14 मार्च, रात 12:03
- मकर16 मार्च, सुबह 6:45
- कुम्भ18 मार्च, दोपहर 3:57
- मीन21 मार्च, रात 3:06
- मेष23 मार्च, दोपहर 3:40
- वृषभ26 मार्च, सुबह 4:42
- मिथुन28 मार्च, शाम 4:26
- कर्क31 मार्च, रात 12:55
- सिंह2 अप्रैल, सुबह 5:18
- कन्या4 अप्रैल, सुबह 6:17
- तुला6 अप्रैल, सुबह 5:39
- वृश्चिक8 अप्रैल, सुबह 5:26
- धनु10 अप्रैल, सुबह 7:26
- मकर12 अप्रैल, दोपहर 12:48
- कुम्भ14 अप्रैल, रात 9:36
- मीन17 अप्रैल, सुबह 9:00
- मेष19 अप्रैल, रात 9:46
- वृषभ22 अप्रैल, सुबह 10:42
- मिथुन24 अप्रैल, रात 10:32
- कर्क27 अप्रैल, सुबह 7:56
- सिंह29 अप्रैल, दोपहर 1:55
- कन्या1 मई, शाम 4:30
- तुला3 मई, शाम 4:43
- वृश्चिक5 मई, शाम 4:16
- धनु7 मई, शाम 5:02
- मकर9 मई, रात 8:42
- कुम्भ12 मई, सुबह 4:11
- मीन14 मई, दोपहर 3:08
- मेष17 मई, रात 3:57
- वृषभ19 मई, शाम 4:46
- मिथुन22 मई, सुबह 4:14
- कर्क24 मई, दोपहर 1:34
- सिंह26 मई, रात 8:21
- कन्या29 मई, रात 12:27
- तुला31 मई, रात 2:16
- वृश्चिक2 जून, रात 2:48
- धनु4 जून, रात 3:33
- मकर6 जून, सुबह 6:14
- कुम्भ8 जून, दोपहर 12:19
- मीन10 जून, रात 10:14
- मेष13 जून, सुबह 10:45
- वृषभ15 जून, रात 11:33
- मिथुन18 जून, सुबह 10:39
- कर्क20 जून, शाम 7:20
- सिंह23 जून, रात 1:46
- कन्या25 जून, सुबह 6:21
- तुला27 जून, सुबह 9:27
- वृश्चिक29 जून, सुबह 11:29
- धनु1 जुलाई, दोपहर 1:15
- मकर3 जुलाई, शाम 4:03
- कुम्भ5 जुलाई, रात 9:25
- मीन8 जुलाई, सुबह 6:20
- मेष10 जुलाई, शाम 6:20
- वृषभ13 जुलाई, सुबह 7:09
- मिथुन15 जुलाई, शाम 6:16
- कर्क18 जुलाई, रात 2:24
- सिंह20 जुलाई, सुबह 7:54
- कन्या22 जुलाई, सुबह 11:47
- तुला24 जुलाई, दोपहर 2:58
- वृश्चिक26 जुलाई, शाम 5:55
- धनु28 जुलाई, रात 8:58
- मकर31 जुलाई, रात 12:46
- कुम्भ2 अगस्त, सुबह 6:22
- मीन4 अगस्त, दोपहर 2:50
- मेष7 अगस्त, रात 2:19
- वृषभ9 अगस्त, दोपहर 3:13
- मिथुन12 अगस्त, रात 2:45
- कर्क14 अगस्त, सुबह 11:00
- सिंह16 अगस्त, दोपहर 3:53
- कन्या18 अगस्त, शाम 6:37
- तुला20 अगस्त, रात 8:43
- वृश्चिक22 अगस्त, रात 11:16
- धनु25 अगस्त, रात 2:50
- मकर27 अगस्त, सुबह 7:39
- कुम्भ29 अगस्त, दोपहर 2:06
- मीन31 अगस्त, रात 10:51
- मेष3 सितंबर, सुबह 10:08
- वृषभ5 सितंबर, रात 11:03
- मिथुन8 सितंबर, सुबह 11:16
- कर्क10 सितंबर, रात 8:23
- सिंह13 सितंबर, रात 1:33
- कन्या15 सितंबर, रात 3:41
- तुला17 सितंबर, सुबह 4:28
- वृश्चिक19 सितंबर, सुबह 5:36
- धनु21 सितंबर, सुबह 8:19
- मकर23 सितंबर, दोपहर 1:12
- कुम्भ25 सितंबर, रात 8:22
- मीन28 सितंबर, सुबह 5:47
- मेष30 सितंबर, शाम 5:16
- वृषभ3 अक्टूबर, सुबह 6:10
- मिथुन5 अक्टूबर, शाम 6:52
- कर्क8 अक्टूबर, सुबह 5:11
- सिंह10 अक्टूबर, सुबह 11:39
- कन्या12 अक्टूबर, दोपहर 2:20
- तुला14 अक्टूबर, दोपहर 2:37
- वृश्चिक16 अक्टूबर, दोपहर 2:22
- धनु18 अक्टूबर, दोपहर 3:24
- मकर20 अक्टूबर, शाम 7:04
- कुम्भ23 अक्टूबर, रात 1:56
- मीन25 अक्टूबर, सुबह 11:45
- मेष27 अक्टूबर, रात 11:39
- वृषभ30 अक्टूबर, दोपहर 12:34
- मिथुन2 नवंबर, रात 1:19
- कर्क4 नवंबर, दोपहर 12:25
- सिंह6 नवंबर, रात 8:26
- कन्या9 नवंबर, रात 12:44
- तुला11 नवंबर, रात 1:53
- वृश्चिक13 नवंबर, रात 1:22
- धनु15 नवंबर, रात 1:04
- मकर17 नवंबर, रात 2:56
- कुम्भ19 नवंबर, सुबह 8:23
- मीन21 नवंबर, शाम 5:40
- मेष24 नवंबर, सुबह 5:43
- वृषभ26 नवंबर, शाम 6:45
- मिथुन29 नवंबर, सुबह 7:15
- कर्क1 दिसंबर, शाम 6:16
- सिंह4 दिसंबर, रात 3:04
- कन्या6 दिसंबर, सुबह 9:02
- तुला8 दिसंबर, दोपहर 12:00
- वृश्चिक10 दिसंबर, दोपहर 12:36
- धनु12 दिसंबर, दोपहर 12:20
- मकर14 दिसंबर, दोपहर 1:06
- कुम्भ16 दिसंबर, शाम 4:52
- मीन19 दिसंबर, रात 12:46
- मेष21 दिसंबर, दोपहर 12:18
- वृषभ24 दिसंबर, रात 1:22
- मिथुन26 दिसंबर, दोपहर 1:42
- कर्क29 दिसंबर, रात 12:08
- सिंह31 दिसंबर, सुबह 8:32
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1985: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
