गान्धर्ववेद
Gāndharvaveda
बोलचाल की हिन्दी: गांधर्ववेद
संगीत, नृत्य और प्रदर्शन-कला का उपवेद।
परिभाषा
गांधर्ववेद संगीत और प्रदर्शन-कलाओं का उपवेद है, जिसे परंपरा से सामवेद से जोड़ा गया है, जिसकी गेय धुनें भारतीय संगीत-चिंतन का प्रारंभिक स्रोत हैं। नाट्य, संगीत और नृत्य पर भरत का नाट्यशास्त्र और शार्ङ्गदेव का संगीतरत्नाकर (13वीं शताब्दी) इसके प्रमुख ग्रंथों में हैं।
