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School of Vedic Sciences, FORE
ज्योतिष · होरा

वश्यकूट

Vaśya kūṭa

बोलचाल की हिन्दी: वश्य कूट

द्वितीय कूट (2 अंक): चंद्र राशि-वर्गों के बीच पारस्परिक प्रभाव।

परिभाषा

वश्य कूट (‘वश में होना, आकर्षण’) का भार दो अंक है। यह चंद्र राशियों को चतुष्पद, द्विपद (मानव), जलचर, वनचर (सिंह) और कीट (वृश्चिक) जैसे वर्गों में रखता है, और इस आधार पर अंक देता है कि एक वर्ग दूसरे के वश्य है या नहीं। विभिन्न ग्रंथ धनु और मकर जैसी कुछ राशियों को आधे-आधे भाग में दो वर्गों में बाँटते हैं।