ग्रंथ-संग्रह · आयुर्वेद
Carakasaṃhitā
चरकसंहिता
- रचयिता
- चरक, अग्निवेश की कृति के प्रतिसंस्कर्ता; दृढ़बल द्वारा पूरित
- काल
- मूल स्तर लगभग ईस्वी सन् के आरंभ के आसपास; बाद में जोड़े गए अंश (काल-निर्धारण विवादित)
- परंपरा
- आयुर्वेद
सार
आयुर्वेदिक कायचिकित्सा का आधार-ग्रंथ, जिसमें शरीर-सिद्धान्त, निदान, द्रव्यों के गुण, वैद्य का आचार और तर्क की पद्धतियाँ बताई गई हैं। यह आरंभिक भारतीय तर्कशास्त्र और वाद-परंपरा का भी महत्त्वपूर्ण स्रोत है। हम इसे एक ऐतिहासिक ग्रंथ के रूप में प्रस्तुत करते हैं, स्वास्थ्य-मार्गदर्शन के रूप में नहीं।
संरचना
आठ स्थान, 120 अध्याय।
कहाँ पढ़ें
पी. वी. शर्मा (P. V. Sharma) का, तथा आर. के. शर्मा और भगवान दाश (R. K. Sharma, Bhagwan Dash) का अंग्रेज़ी अनुवाद; क्ले संस्कृत लाइब्रेरी (Clay Sanskrit Library) ने इसके अंश प्रकाशित किए हैं।
